भारतीय संस्कृति का रंग जब विदेशियों पर चढ़ता है, तो पहुँच जाते हैं भारत के आंगन में

“मेरी दादी कहती थीं कि भगवान अनुभव के माध्यम से सिखाते हैं। भारत की यात्रा और रंगों से मुझे अपनी कला और दुनिया की सच्चाई को जानने के लिए एक नई समझ मिलती है।"

भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वाधिक प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है। भारत को विश्व की सभी संस्कृतियों की जननी माना जाता है। अब इसमें चाहे जीने की कला हो या तकनीकी क्षेत्र का विकास हो या फिर राजनीति और समाजिक विकास ही क्यों न हो, इन सभी में भारतीय संस्कृति का हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। भारतीय संस्कृति आज भी अपने परंपरागत अस्तित्व के साथ अजर-अमर बनी हुई है। तमाम कमियों (भौतिक) के बावजूद कुछ अच्छाइयाँ या यूँ कह लें कि यहाँ का जीवन-दर्शन ऐसा है कि भारत की सीमाओं से बाहर रहने वाले लोग एक न एक बार यहाँ आने के ख़्वाहिश पाले रहते हैं। कुछ तो आकर ऐसे घुल-मिल जाते हैं जैसे उनका कुछ नाता हो यहाँ से।

विल स्मिथ की भारत-यात्रा

हाल ही में हॉलीवुड के सुपरस्टार माने जाने वाले विल स्मिथ भारत आए थे। उन्होंने हरिद्वार जाकर पूजा-पाठ भी किया। उनका कहना है कि भारत आना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव होता है। 50 वर्षीय स्मिथ ने भारत यात्रा से जुड़ी कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की। अपनी तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने एक कैप्शन भी दिया, जिसमें उन्होंने लिखा, “मेरी दादी कहती थीं कि भगवान अनुभव के माध्यम से सिखाते हैं।” वो कहते हैं कि भारत की यात्रा और रंगों से उन्हें अपनी कला और दुनिया की सच्चाई को जानने के लिए एक नई समझ मिलती है।

हरिद्वार में पूजा करते विल स्मिथ

ख़बर के अनुसार, स्मिथ जल्द ही एक वेब सीरीज़ ‘बकेट लिस्ट’ में नज़र आने वाले हैं और इस सीरीज़ में वो अपनी भारत से जुड़ी सभी ख़्वाहिशों को पूरा करते नज़र आएँगे। भारत के प्रति उनका यह लगाव पहली बार नहीं है बल्कि वो पहले भी भारत के प्रति अपना लगाव जता चुके हैं।

जूलिया रॉबर्ट के लिए हिन्दू धर्म

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ऐसी ही भावनाएँ हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट की भी हैं, जो हिन्दू धर्म से इतना प्रभावित थीं कि उन्होंने हिन्दू धर्म ही अपना लिया। इसके पीछे उन्होंने वजह बताई थी कि हिन्दू धर्म में शांति और सुकून है। दरअसल वो अपनी एक फ़िल्म ‘ईट प्रे लव’ की शूटिंग के लिए भारत आई थीं और वो तभी से हिन्दू बन गईं। ऑस्कर पुरस्कार विजेता जूलिया ने कहा था कि अब वह अपने कैमरामैन पति डेनियल मोडर और तीन बच्चों हैजल, फिनायस और हेनरी के साथ भजन-कीर्तन तथा प्रार्थना करने के लिए मंदिरों में जाती हैं। भारत की आध्यात्मिक शक्ति ने जूलिया को भारत का दीवाना बना दिया।

योग साधना में लीन जूलिया रॉबर्ट्स

जापान की मयूमी ने जब छोड़ दी थी जॉब

राजस्थान की कला और संस्कृति से दुनिया भली-भाँति परिचित है। यहाँ के महल और हवेलियों ने विदेशी पर्यटकों को हमेशा से ही अपनी ओर आकर्षित किया है। जापान की एक महिला मयूमी मारवाड़ के कालबेलिया डांस की ऐसी दीवानी हुईं की वो पिछले कई सालों से जोधपुर में नृत्य सीखने आ रही हैं। ख़बर के अनुसार, जोधपुर की एक बेटी ने मयूमी को अपने पारम्परिक नृत्य कला सिखाई।

जापान की मयूमी अब हैं कालबेलिया डांसर

मारवाड़ के कालबेलिया डांस को सीखने के बाद मयूमी जापान के टोक्यो और सपोरो शहर में कालबेलिया डांस सिखा रही हैं। अब तक वो कम से कम 50 जापानियों को मारवाड़ का यह नृत्य सिखा चुकी हैं। मयूमी को राजस्थान का यह डांस तो भाया ही, साथ ही उन्हें राजस्थानी कल्चर भी ख़ूब भाया। बता दें कि जोधपुर की कालबेलिया डांसर आशा ने मयूमी को कड़ी मेहनत और लगन से यह डांस और गाना सिखाया। मयूमी ने अपना ये शौक अपनी जापानी जॉब छोड़कर पूरा किया था। कालबेलिया डांस सीखने के बाद उन्होंने जॉब छोड़कर जापान के दो शहरों में कालबेलिया डांस की क्लास लेना शुरू कर दिया।

जॉर्ज हैरिसन: हरे कृष्ण आंदोलन और हिन्दू धर्म

जॉर्ज हैरिसन भी एक ऐसा ही नाम है, जिन्होंने 1960 के मध्य में हिन्दू धर्म को अपनाया था। पेशे से वो बीटल संगीतकार थे। साल 2001 में जब उनका देहांत हुआ था तो उनका अंतिम संस्कार हिन्दू परम्परा के अनुसार किया गया और उनकी अस्तियों को गंगा-यमुना नदी में प्रवाहित किया गया था। ख़बरों के अनुसार हैरिसन के बारे में कहा जाता है कि हरे कृष्णा आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने हिन्दू धर्म अपनाया था।

अपने जमाने के मशहूर बीटल बैंड वाले जॉर्ज हैरिसन रामनामी चादर ओढ़े

रसेल ब्रांड की हिन्दू शादी

हिंदू धर्म अपनाने वालों में एक नाम ब्रिटिश अभिनेता रसेल ब्रांड का भी है। पहले वो ड्रग्स के शिका थे। हिंदू धर्म अपनाने के बाद उनकी यह लत छूट गई। वो हिंदू धर्म से इतना प्रभावित थे कि उन्होंने अपनी शादी भी हिंदू रीति-रिवाज़ से की थी। 23 अक्टूबर 2010 में उन्होंने राजस्थान के रणथंभोर टाइगर रिज़र्व में मशहूर सिंगर केटी पेरी से शादी रचाई थी। रसेल का कहना है कि हिंदू धर्म इंसान की आत्मा को मुक्ति की तरफ ले जाता है, जबकि दूसरे धर्म व्यक्ति को सांसारिक रूप से ग़ुलाम बनाने की कोशिश करते हैं। वो मंदिरों में जाकर घंटों ध्यान लगाते हैं और भगवान कृष्ण का भजन गाते हैं।

भारतीय होना अपने-आप में बड़े गर्व की बात है। यहाँ हर तरह की कला-संस्कृति को फलने-फूलने का एक समान अवसर मिलता है। यह गर्व की बात और बड़ी हो जाती है जब कोई विदेशी नागरिक भारत के संदर्भ में अपने उच्च विचार साझा करता है। ऐसे बहुत से विदेशी नागरिक हैं, जो भारतीय परंपराओं को सर्वोपरि मानते हैं और उसे आत्मसात करने का पूरा प्रयास करते हैं। हमारे देश की सभ्यता का गुणगान जब दूसरे देश के लोग करते हैं तो शायद ही ऐसा कोई भारतीय होगा जिसका सिर गर्व से ऊँचा नहीं उठेगा।

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