पत्थरबाजी कर तिरंगे को नुकसान: लंदन में आजादी का जश्न मना रहे भारतीयों पर 1000+ पाकिस्तानियों का हमला

"एक अंडा मेरे कंधे पर आकर लगा, मेरे दोस्त के कान पर पानी से भरी बोतल लगी। वहाँ की स्थिति काफी भयावह थी। नारों और अंडे फेंके जाने के बीच हम काफी दहशत में थे।"

15 अगस्त, 2019 को भारत के साथ-साथ लंदन में रहने वाले भारतीयों ने भी स्वतंत्रता दिवस मनाया। मगर, इस दौरान कुछ पाकिस्तानी और पाकस्तानी मूल के ब्रिटिश ने उनके ऊपर हमला कर दिया। दरअसल, लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने भारतीय मूल के लोग शांति से स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे, तभी लगभग 1000 की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला कर दिया।

इस दौरान उन पाकिस्तानी और पाकिस्तानी मूल के अंग्रेज हमलावरों ने बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। उन्होंने जश्न मना रहे भारतीयों पर पानी, जूस, आलू, टमाटर, अंडे और भी कई अन्य चीजें फेंक कर कर उन्हें नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। इन प्रदर्शनकारियों की संख्या 1000 के आस-पास थी, जिन्होंने भारतीय मूल के लोगों के ऊपर हमला किया।

पुलिस ने काफी मुश्किल से मौजूदा परिस्थितियों पर नियंत्रण किया और इस दौरान चार लोगों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी पुलिस के काम में बाधा पहुँचाने और आपत्तिजनक हथियार रखने के आरोप में की गई।

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भाजपा के विदेश मामलों के विभाग प्रमुख डॉ विजय चौथवाले ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए ट्वीट किया कि लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने जो हुआ, वह काफी निराशाजनक है। स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए आई महिलाओं और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, पाकिस्तानी हमलावरों ने उनके ऊपर अंडे और पानी की बोतलें फेंकी। मगर BBCWorld इसकी रिपोर्टिंग कभी नहीं करेगा।

चौथवाले ने इस पूरे घटना के बारे में बताते हुए लिखा कि भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों से घिरे हुए थे, उन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा शारीरिक हमलों की धमकी दी जा रही थी। उच्चायोग की इमारत पर पत्थर फेंके गए और भारतीय ध्वज को नुकसान पहुँचाया गया। उन्होंने लंदन के मेयर सादिक खान और स्थानीय पुलिस को भी इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर को दे दी गई है, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। चौथवाले ने कहा कि सभी भारतीयों को इमारत के अंदर लाया गया, उन्हें भोजन और पानी की पेशकश की गई और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके घर पहुँचाया गया। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वहाँ पहुँचे भारतीयों और पीआईओ ने कहा कि पुलिस देर से पहुँची, जिसकी वजह से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

घर पहुँचने के बाद एक पीड़ित ने बताया कि वहाँं पर पहले तो कुछ पाकिस्तानियों ने प्रदर्शन करना शुरू किया, लेकिन फिर बाद में बहुत सारे आ गए और उन लोगों ने आजादी का जश्न मना रहे भारतीयों को दोनों तरफ से घेर लिया। वहाँ पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम को रोक दिया गया। वो लोग जोर-जोर से नारे लगाने लगे। फिर कुछ देर के बाद उन लोगों ने अंडे, पानी से भरी बोतलें, जूस की बोतलें, आलू, केला और पता नहीं क्या-क्या फेंकना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि एक अंडा उनके कंधे पर आकर लगा और उनके दोस्त के कान पर पानी से भरी बोतल लगी। उन्होंने बताया कि वहाँ की स्थिति काफी भयावह थी। हमलावरों ने उच्चायोग के सारे एंट्री गेट बंद कर दिए थे। तकरीबन 3 घंटे बाद पुलिस उन्हें सुरक्षित उच्चायोग के अंदर ले जाने में सक्षम हुई और वहाँ पर खाने-पीने के लिए दिया गया। पीड़ित का कहना है कि करीब 45 मिनट तक वहाँ रहने के बाद वो वहाँ से सुरक्षित अपने घर पहुँचे।

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