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करतारपुर कॉरिडोर के वीडियो में भिंडरावाला: बोले अमरिंदर- पाकिस्तान की नीयत पर पहले से ही था शक

1984 में जब पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की शह पर भिंडरावाला की आतंकी गतिविधियाँ पूरी तरह असहनीय हो गईं थीं तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने उसे काबू में करने के लिए पंजाब के श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) गुरूद्वारे में सेना भेजी थी।

पंजाब के मुख्यमंत्री और पूर्व वायु सैनिक कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इसी शनिवार (9 नवंबर, 2019) को खुलने जा रहे करतारपुर कॉरिडोर के वीडियो में दिवंगत खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला को दिखाए जाने पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले दिन से इस प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तान की मंशा पर शक था और वे लगातार इस बारे में चेतावनी भी दे रहे थे। गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार के करतारपुर कॉरिडोर के बारे में जारी आधिकारिक वीडियो में खालिस्तानी आतंकवादी और पाकिस्तान की तर्ज पर भारत से अलग सिख प्रभुत्व वाला देश खालिस्तान बनाने की मुहिम का अहम किरदार रहे जरनैल सिंह भिंडरावाला को भी दिखाया गया है।

सन 1984 में जब पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की शह पर भिंडरावाला की आतंकी गतिविधियाँ पूरी तरह असहनीय हो गईं थीं तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने उसे काबू में करने के लिए पंजाब के श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) गुरुद्वारा में सेना भेजी थी। ऑपरेशन ब्लू स्टार नाम से हुई इस कार्रवाई में सेना, बीएसफ, सीआरपीएफ और पंजाब पुलिस ने भिंडरावाला और उसके साथियों को मार गिराया और स्वर्ण मंदिर को आज़ाद कराया था।

कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हालाँकि बाकी सिखों की तरह वह भी करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में नतमस्तक होने के बारे में सोचकर बहुत खुश हैं, और यह हमेशा ही उनके अरदास का हिस्सा रहा है, लेकिन उनको अभी भी पाकिस्तान की मंशा पर शक है। उनका कहना है कि कॉरिडोर खोलने के पीछे आईएसआई का एजेंडा हो सकता है।

उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य जनमत-संग्रह 2020 नामक खालिस्तानी अलगाववादी और आतंकवादी मूवमेंट के लिए सिख भाईचारे को प्रभावित करना हो सकता है, जिसे सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के अंतर्गत बढ़ावा दिया जा रहा है। कॉन्ग्रेस नेता का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा कॉरिडोर और गुरु नानक के नाम पर यूनिवर्सिटी शुरू करने जैसे फैसलों पर भारत को पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इनके पीछे छिपे एजेंडे को भी ध्यान से परखने की जरूरत है। भारत को इस मामले में पाकिस्तान के सिर्फ चेहरे पर नहीं जाना चाहिए, सभी चीजों को समग्र तौर पर लेना चाहिए। कैप्टन ने करतारपुर कॉरिडोर का सियासीकरण करने की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सिख पंथ के महान संस्थापक गुरु नानक देव की विचारधारा के विरुद्ध है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा था कि इनके पीछे छिपे एजेंडे को भी ध्यान से परखने की जरूरत है। भारत को इस मामले में पाकिस्तान के सिर्फ चेहरे पर नहीं जाना चाहिए, सभी चीजों को समग्र तौर पर लेना चाहिए। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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