Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयबुर्के पर लग सकता है बैन, श्री लंका आतंकी हमलों में नक़ाबपोश महिलाओं के...

बुर्के पर लग सकता है बैन, श्री लंका आतंकी हमलों में नक़ाबपोश महिलाओं के शामिल होने के मिले संकेत

चाड, कैमरून, गाबोन, मोरक्को, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ्रांस, बेल्जियम और उत्तर पश्चिम चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

ईस्टर के दौरान हुए आतंकी हमलों से बुरी तरह दहले श्री लंका ने बुर्के पर प्रतिबंध की योजना पर अमल करना शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस बारे में आदेश जारी कर सकती है। दरअसल, जाँच के दौरान प्राप्त सबूतों से हमले में बड़ी संख्या में संदिग्ध बुर्का पहनी महिलाओं के शामिल होने के संकेत मिले हैं। जिसकी वजह से बुर्के पर बैन लगाने पर विचार किया जा रहा है। रविवार (अप्रैल 21, 2019) को हुए इन हमलों में अब तक लगभग 359 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तकरीबन 500 लोग घायल हुए हैं। आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने मंगलवार (अप्रैल 23, 2019) को इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। अब तक 58 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जानकारी के मुताबिक, सरकार मस्जिद अधिकारियों से विचार-विमर्श करके इस कदम को लागू करने की योजना बना रही है और सोमवार (अप्रैल 22, 2019) को कई मंत्रियों ने इस मामले पर राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना से बात की। यूएनपी सांसद आशु मारासिंघे ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए श्रीलंका में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक निजी सदस्य विधेयक लाने की योजना बना रहे हैं।” गौरतलब है कि 1990 की शुरुआत में खाड़ी युद्ध तक श्रीलंका में मुस्लिम महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा में बुर्का और नकाब कभी शामिल नहीं था, मगर खाड़ी युद्ध के समय चरमपंथी तत्वों ने मुस्लिम महिलाओं के लिए पर्दा शुरू किया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि डेमाटागोडा में घटनाओं में शामिल रही कई महिलाएँ भी बुर्का पहनकर भागी थी। 

यूएनपी के सांसद मुजीबुर रहमान ने कहा है कि वह बुर्का बैन करने के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी बुर्का नहीं पहनती है और वो अपने बच्चों को भी बुर्का नहीं पहनने देंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मुस्लिम धार्मिक समूह इस पर अपना वक्तव्य देंगे।

अब अगर श्रीलंका ने बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया तो वह एशिया, अफ्रीका और यूरोप में उन देशों के समूह में शामिल हो जाएगा, जहाँ पहले से ही बुर्के पर बैन है। इन देशों ने आतंकवादियों को पुलिस से बचने या विस्फोटकों को छिपाने के लिए बुर्का का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अपने यहाँ बुर्के पर बैन लगाया है। आपको बता दें कि चाड, कैमरून, गाबोन, मोरक्को, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ्रांस, बेल्जियम और उत्तर पश्चिम चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -