Wednesday, December 2, 2020
Home विविध विषय अन्य जानिए चीन में उपजे ब्यूबॉनिक प्लेग के बारे में, जिसने ली थी 20 करोड़...

जानिए चीन में उपजे ब्यूबॉनिक प्लेग के बारे में, जिसने ली थी 20 करोड़ जानें… कोरोना से 3-4 गुणा खतरनाक!

चीन में 27 वर्षीय युवक ने गिलहरी का माँस खाया। इसके बाद उसमें और उसके 17 वर्षीय भाई में प्लेग पाया गया। इन दोनों युवकों के संपर्क में आने वाले 146 लोगों को आइसोलेट करके इलाज चल रहा है। इस संक्रमण का खतरा इतना ज्यादा है कि पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

चीन में ब्यूबॉनिक प्लेग (Bubonic plague) के संदिग्ध पाए गए मरीजों के बाद वहाँ कई जगहों पर हाई अलर्ट है। चाइना डेली के अनुसार मंगोलिया में अधिकारियों ने प्लेग के रोकथाम और नियंत्रण के तीसरे स्तर की घोषणा साल 2020 के अंत तक कर दी है। 

रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि गिलहरी का माँस खाने के कारण यह प्लेग एक 27 वर्षीय युवक और उसके 17 वर्षीय भाई में पाया गया। 

लैब द्वारा इन केसों की पुष्टि के बाद ही वहाँ के स्वास्थ्य अधिकारी इस पर सचेत हुए और इलाके में मीट न खाने की अपील की गई। अभी तक इन दोनों युवकों के संपर्क में आने वाले 146 लोगों को आइसोलेट करके उनका इलाज किया जा रहा है।

Bubonic plague epidemic warning issued in China's inner Mongolia ...

अब हालाँकि पूरी दुनिया पहले से ही कोरोना की मार के कारण पस्त हो चुकी है। उस बीच में ऐसी बीमारी के अस्तित्व में आने की बात वाकई भयभीत करने वाली है। मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। 

कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि ब्यूबॉनिक प्लेग न केवल कोरोना से भी खतरनाक है बल्कि इसमें मृत्यु दर का आँकड़ा कोरोना से 3-4 गुणा ज्यादा होता है। ये बीमारी ऐसी है कि एक समय में इसके कारण कई करोड़ लोगों ने अपनी जान गँवा दी थी।

अब आखिर इन बातों में क्या सच्चाई है? और ब्यूबॉनिक प्लेग क्या है? इसकी शुरुआत कहाँ से हुई थी? आज इन्हीं कुछ सवालों के जवाब हम आपको देने जा रहे हैं।

ब्यूबॉनिक प्लेग को वैसे ब्लैक डेथ भी कहा जाता है। हम इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि चीन में इसके अभी तक दो मरीज दिखे हैं और तुरंत वहाँ पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ऐसा इसलिए क्योंकि ये प्लेग नया नहीं है। इससे पहले भी ब्यूबॉनिक प्लेग फैला था और उस समय पीपीई किट मौजूद नहीं हुआ करती थे। जिसके कारण लोगों को चिड़िया की तरह चोंच वाले मास्क पहनने पड़ते थे।

साभार: न्यूज 18

कहाँ से, किससे और कैसे शुरु हुआ ब्यूबॉनिक प्लेग

ये बात सन् 1347 की है। यही वो वर्ष था जब ब्यूबॉनिक प्लेग तेजी से फैला। इतिहास के पन्नों में इसे सबसे संक्रामक बीमारी माना जाता है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी दावा करती हैं कि इस दौरान 20 करोड़ (200 मिलियन) लोग मरे। तो कुछ यह बताती हैं कि पिछली 2 सदी में इससे 5 करोड़ (50 मिलियन) तक की जानें गईं।

कारण? लोगों को उस समय इस प्लेग के बारे में खासी जानकारी नहीं थी। पता था तो बस ये कि ये बीमारी बेहद संक्रामक है और ये मरीज से निकलने वाली दूषित हवा के कारण होती है। जिसे Miasma कहते हैं।

हालाँकि, कुछ समय बाद इस बात का खंडन किया गया कि ब्यूबॉनिक प्लेग हवा से नहीं फैलता। बल्कि इसके फैलने का कारण येर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरिया है। जिससे सेप्टिकैमिक प्लेग और न्यूमोनिक प्लेग भी होता है।

China reports suspected bubonic plague case in Inner Mongolia ...
साभार: ग्लोबलन्यूज

ये बैक्टेरिया चूहे, खरगोश, गिलहरी आदि से फैलता है। मगर ये इतना खतरनाक होता है कि यदि एक वयस्क का समय पर इलाज न किया जाए तो यह उस वयस्क को मात्र 24 घंटे के भीतर मार सकता है।

इस बीमारी से जुड़े आँकड़े बताते हैं कि इसका मृत्यु दर अनुपात 30% से लेकर 60% है। वहीं सेप्टिकैमिक प्लेग और न्यूमोनिक प्लेग तो ऐसी बीमारियाँ हैं, जहाँ मृत्यु दर 100 प्रतिशत तक पहुँचा हुआ है।

इस बैक्टेरिया से होने वाली बीमारियों में संक्रमित व्यक्ति के मुर्गी की अंडे जितनी बड़ी गाँठे पड़ जाती है। उसे बुखार आता है, खराश होती है, पसलियों में दर्द होता है इत्यादि।

Bubonic plague - Wikipedia
साभार: विकीपीडिया

इस बैक्टेरिया के कारण जो गाँठ शरीर में उभरी दिखती हैं, उन्हें ब्यूबोस कहा जाता है। इनमें मरीज के शरीर में पस का भरना और खून निकलना आम बात होती है। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति इससे संक्रमित होता है, उसमें ये सभी लक्षण संक्रमण होने के 1-7 दिन में दिखने लगते हैं। साथ ही संक्रमित व्यक्ति से यह 5-7 लोगों में फैलने का खतरा होता है।

इंटरनेट पर ब्लैक डेथ पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इस बीमारी ने 1347 से लेकर 1351 तक जनजीवन को बहुत प्रभावित किया। स्थिति ऐसी थी कि शायद किसी भी अन्य बीमारी ने इतने लोगों को तब तक कभी मारा हो।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस प्लेग की शुरुआत भी चीन से हुई थी। लेकिन जहाजों के जरिए यह बाद में यह फैलते-फैलते अन्य देशों तक पहुँच गया। इस महामारी को लेकर अनुमान है कि उस वक्त इसकी वजह से यूरोप की लगभग 25-60 प्रतिशत आबादी का सफाया हो गया था और 5 करोड़ लोगों की मौत हुई थी।

इस महामारी को लेकर लोगों में भ्रम बैठ गया था कि यह सब ईश्वर के प्रकोप के कारण हो रहा है। यानी ईश्वर किसी बात से नाराज है। जिसके कारण ये महामारी फैली।

भारत में भी दी थी इस प्लेग ने दस्तक

यहाँ बता दें कि ब्यूबॉनिक प्लेग का असर भारत में भी देखने को मिला था। सबसे पहले भारत में इससे जुड़ा मामला 23 सितंबर 1896 को बॉम्बे में रिपोर्ट किया गया था। ये भारत में तीसरे प्लेग के रूप में देखा गया था। कलकत्ता, कराची, पंजाब समेत कई बंदरगाह वाले राज्यों में यह संक्रमण जहाजों के जरिए पहुँचा था।

इसने उस समय भारत के करीब 1.2 करोड़ लोगों को अपनी चपेट में लिया। इसके बाद स्थिति को संभालने के लिए यहाँ महामारी रोग अधिनियम 1897 बना। इस अधिनियम में खतरनाक बीमारी रोग के रूप में विशेष उपाय और नियमों की निर्धारित करने की शक्ति थी।

इस कानून का इस्तेमाल अंग्रेजों ने उन संक्रमित जगह व प्रॉपर्टी को विध्वंस करने में उपयोग किया। इसके बाद साल 1994 में यर्सेनिया नाम के बैक्टेरिया ने भारत पर एक बार फिर हमला बोला। मगर इस बार यह विषाणु ब्यूबॉनिक प्लेग नहीं, बल्कि निमोनिया लेकर आया।

आज क्या है प्लेग का इलाज

प्लेग के शुरुआती में इसका कोई इलाज नहीं था। उस समय लोग गिल्टियों पर उबलता पानी डालकर गाँठों को पिघलाने का प्रयास करते थे। या फिर गर्म सलाख से उन्हें दागते थे।

मगर, विज्ञान क्षेत्र में तरक्की के बाद कई ऐसी एंटीबॉयोटिक्स इस समय दुनिया में मौजूद हैं, जिनसे इस संक्रमण को महामारी बनने से पहले रोका जा सकता है। साथ ही बीमार व्यक्ति को उपयुक्त उपचार भी दिया जा सकता है।

हालाँकि इन दवाइयों को लेकर यह कहना मुश्किल होता है कि इनसे पूरी तरह प्लेग खत्म होता है या नहीं। लेकिन WHO के डेटा पर गौर करें तो हर साल प्लेग 1000 से 2000 लोगों में होता है। बावजूद इसके कि इसके लिए कोई प्रभावी वैक्सीन नहीं है। अब डॉक्टर्स इसे फैलने से रोकने में सक्षम होते हैं और ये बड़ी महामारी का रूप नहीं ले पाता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘किसी भी केंद्रीय मंत्री को महाराष्ट्र में घुसने नहीं देंगे’: उद्धव के पार्टनर ने दी धमकी, ‘किसान आंदोलन’ का किया समर्थन

उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर केंद्र कॉर्पोरेट और बड़े औद्योगिक संस्थानों को शक्तियाँ देना चाहती है।

‘बॉलीवुड को कहीं और ले जाना आसान नहीं’: मुंबई पहुँचे CM योगी अक्षय से मिले, महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने किया विरोध

योगी आदित्यनाथ इसी सिलसिले में मुंबई भी पहुँचे हुए हैं, इसीलिए शिवसेना और ज्यादा चिढ़ी हुई है। वहाँ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनसे मुलाकात की।

कोरोना से जंग के बीच ऐतिहासिक क्षण: अप्रूव हुआ Pfizer-BioNTech Covid-19 वैक्सीन, UK ने लिया निर्णय

Pfizer-BioNTech COVID-19 vaccine को अधिकृत कर दिया गया है और इसे अगले सप्ताह से देश भर (UK) में उपलब्ध कराया जाएगा।

‘₹100 में उपलब्ध हैं शाहीन बाग वाली दादी बिल्किस बानो’ – कंगना रनौत को कानूनी नोटिस, डिलीट कर दिया था विवादित ट्वीट

'दादी' बिल्किस बानो के 'किसान आंदोलन' में भाग लेने की खबर के बाद कंगना रनौत ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया ।

‘जो ट्विटर पर आलोचना करेंगे, उन सब पर कार्रवाई करोगे?’ बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर दागा सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्विटर यूजर सुनैना होली की गिरफ़्तारी के मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं।

‘मोदी चला रहे 2002 का चैनल और योगी हैं प्यार के दुश्मन’: हिंदुत्व विरोधियों के हाथ में है Swiggy का प्रबंधन व रणनीति

'Dentsu Webchutney' नामक कंपनी ही Swiggy की मार्केटिंग रणनीति तैयार करती है। कई स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से देखिए उनका मोदी विरोध।

प्रचलित ख़बरें

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी, कहा- मुझे भी दे...

शेहला रशीद के खिलाफ उनके पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बेटी के बैंक खातों की जाँच की माँग की है।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

कहीं दीप जले, कहीं… PM मोदी के ‘हर हर महादेव’ लिखने पर लिबरलों-वामियों ने दिखाया असली रंग

“जिस समय किसान अपने जीवन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, हमारे पीएम को ऐसी मनोरंजन वाली वीडियो शेयर करने में शर्म तक नहीं आ रही।”

दुर्घटना में घायल पिता के लिए ‘नजदीकी’ अखिलेश यादव से मदद की गुहार… लेकिन आगे आई योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एक व्यक्ति की बेटी ने मदद के लिए गुहार तो लगाई अखिलेश यादव से, लेकिन मदद के लिए योगी सरकार आगे आई।

‘शिहाब ने मेरे शौहर को मुझसे दूर किया, अश्लील संदेश भेजे, जान से मारने की धमकी दी’: कर्नाटक में असिया बनी शांति की पीड़ा

आसिया का कहना है कि उसके पति को कहीं छुपा दिया गया है और उसका मोबाइल बंद कर दिया गया है। जब वह अपने पति के परिवार के घर गई, तो उसे शिहाब ने हत्या की धमकी दी थी।

सड़क से अतिक्रमण हटाने को कहा तो कॉन्ग्रेस नेता के भाई अब्बास सिद्दीकी ने पुलिसकर्मी से की मारपीट, गिरफ्तार

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब्बास और उसके साथी सड़क पर कुर्सी लगाकर बैठे हुए थे, जिसे हटाने की बात को लेकर व्यापारियों ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता और मारपीट की।

2 कॉन्ग्रेस नेताओं की हत्या, घिर गई केरल की वामपंथी सरकार: सुप्रीम कोर्ट ने दिया CBI जाँच का आदेश

मृतक के परिजन और पार्टी कार्यकर्ताओं की माँग को देखते हुए हाइकोर्ट ने मामले में CBI जाँच के आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के खिलाफ...

पाकिस्तान में हथियारों के बल पर हो रहा हिंदू लड़कियों का रेप: कहीं पार्वती पर आलम करता है हमला, कहीं सिर पीटते नजर आते...

22 साल की लड़की का हथियार लिए लोगों ने पहले अपहरण किया। बाद में उसे प्रताड़ित किया, उसका शोषण किया और फिर कई दिनों तक बर्बरता से उसका गैंग रेप करते रहे।

‘किसी भी केंद्रीय मंत्री को महाराष्ट्र में घुसने नहीं देंगे’: उद्धव के पार्टनर ने दी धमकी, ‘किसान आंदोलन’ का किया समर्थन

उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर केंद्र कॉर्पोरेट और बड़े औद्योगिक संस्थानों को शक्तियाँ देना चाहती है।

कौन है Canadian Pappu, क्यों राहुल गाँधी से जोड़ा जा रहा है नाम: 7 उदाहरणों से समझें

राहुल गाँधी और जस्टिन ट्रूडो दोनों मजबूत राजनीतिक परिवारों से आते हैं। राहुल गाँधी के पिता, दादी और परदादा सभी भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं। ट्रूडो के पिता पियरे ट्रूडो भी कनाडा के प्रधानमंत्री थे।

‘गुजराती कसम खा कर पलट जाते हैं, औरंगजेब की तरह BJP नेताओं की कब्रों पर थूकेंगे लोग’: क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता की धमकी

जब उनसे पूछा गया कि इस 'किसान आंदोलन' में इंदिरा गाँधी की हत्या को याद कराते हुए पीएम मोदी को भी धमकी दी गई है, तो उन्होंने कहा कि जिसने जो बोया है, वो वही काटेगा।

रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती को ड्रग मामले में NDPS से मिली बेल, 3 महीने से थे हिरासत में

3 नवंबर को दायर की गई अपनी याचिका में शौविक ने कहा था कि उन्हें इस केस में फँसाया जा रहा है, क्योंकि उनके मुताबिक उनके कब्जे से कोई भी ड्रग या साइकोट्रॉपिक पदार्थ जब्त नहीं हुए थे।

केंद्र सरकार ने किसानों की वार्ता से योगेन्द्र यादव को किया बाहर, कहा- राजनेता नहीं, सिर्फ किसान आएँ

बातचीत में शामिल प्रतिनिधिमंडल में स्वराज पार्टी (Swaraj Party) के नेता योगेन्द्र यादव (Yogendra yadav) का भी नाम था। मगर बाद में केंद्र सरकार के ऐतराज के बाद उनका नाम हटा दिया गया।

‘बॉलीवुड को कहीं और ले जाना आसान नहीं’: मुंबई पहुँचे CM योगी अक्षय से मिले, महाराष्ट्र की तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने किया विरोध

योगी आदित्यनाथ इसी सिलसिले में मुंबई भी पहुँचे हुए हैं, इसीलिए शिवसेना और ज्यादा चिढ़ी हुई है। वहाँ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनसे मुलाकात की।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,517FollowersFollow
359,000SubscribersSubscribe