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केरल: अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्क़ा पहनने पर लगा प्रतिबंध, मुस्लिम संगठनों ने जताई आपत्ति

शिवसेना ने अपने अपने मुखपत्र 'सामना' में बाक़ायदा संपादकीय लेख के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी से भारत में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। शिवसेना की माँग पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहालुक मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा ऐतराज़ जताया था।

श्री लंका में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की बात चल ही रही थी कि इसी बीच केरल के एक अल्पसंख्यक कॉलेज ने बुर्क़ा पहनकर आने पर पाबंदी लगाने से संबंधित सर्कुलर जारी कर दिया गया है। ख़बर के अनुसार, केरल के मल्लपुरम में चलाए जा रहे इस अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कॉलेज मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित है। इस सर्कुलर के ख़िलाफ़ कुछ स्थानीय संगठनों ने आपत्ति दर्ज की है।

ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र यह फ़ैसला लिया गया है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। ज्ञात हो कि अभी कुछ रोज पहले श्री लंका में आतंकी हमला हुआ था जिसमें 300 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर थी और लगभर 500 लोग घायल हुए थे। वहाँ की सरकार ने मुँह ढकने वाले हर तरह के कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला लिया था।

इसी के मद्देनज़र शिवसेना ने अपने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में बाक़ायदा संपादकीय लेख के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी से भारत में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। शिवसेना की इस माँग का समर्थन भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने भी किया था, लेकिन बीजेपी ने इस पर कोई गंभीरता न दिखाते हुए इस माँग को ख़ारिज करना उचित समझा। बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने ‘सामना’ के संपादकीय पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए कहा कि इस तरह के प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है। बीजेपी के अलावा एनडीए के ही एक अन्य सहयोगी रामदास आठवले ने शिवसेना की माँग को एक सिरे से ख़ारिज किया। उनका कहना था कि यह एक परंपरा का हिस्सा है, जिस पर प्रतिबंध लगाने की ज़रूरत नहीं है।

शिवसेना की माँग पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहालुक मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा ऐतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि यह हमारा मानवाधिकार है जोकि संविधान में निहित है। सभी पर हिन्दुत्व नहीं लागू किया जा सकता। हो सकता है कि कल को यह कह दिया जाए कि आपके चेहरे पर दाढ़ी ठीक नहीं है, टोपी मत पहनिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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