Thursday, May 6, 2021
Home देश-समाज क्या बदला जा सकता है संविधान? लोकतंत्र की मर्यादा पुनर्स्थापित करने वाला केस

क्या बदला जा सकता है संविधान? लोकतंत्र की मर्यादा पुनर्स्थापित करने वाला केस

सवाल उठता है कि संविधान की मूल भावना क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय-समय पर इसकी व्याख्या न्यायपालिका द्वारा की जाती रहेगी। संविधान के 'बेसिक स्ट्रक्चर', अर्थात 'मूल ढाँचा' को नहीं बदला जा सकता, ये कोर्ट ने स्पष्ट किया है।

भारत के संविधान के बारे में अक्सर कहा जाता है कि ये उधार का संविधान है। साथ ही आजकल ये आरोप भी शुरू हो गए हैं कि मोदी सरकार संविधान को बदल देगी। ये दोनों ही आरोप काफ़ी ज़्यादा घिस चुके हैं। यहाँ ये जानना ज़रूरी है कि हमें बेशक एक ऐसा संविधान मिला, जिसमें कई देशों के संविधान की उन अच्छी चीजों को शामिल किया गया, जो यहाँ लागू किए जा सकते थे। ये अच्छी बात है कि हमारे संविधान निर्माताओं ने दुनिया भर के संविधान का अध्ययन किया, उनकी समीक्षा की, उनके अच्छे-बुरे पहलुओं को समझा और फिर इस पर विस्तृत बहस किया कि भारत में उसे कैसे लागू किया जाए। ज़रूरी बदलावों पर भी विस्तृत बहस हुई।

संविधान की व्याख्या सुप्रीम कोर्ट समय-समय पर करता रहा है। जब भी संविधान के किसी हिस्से को लेकर टकराव की स्थिति बनी है, सुप्रीम कोर्ट ने अपनी व्याख्या के जरिए इसे सुलझाया है। आरोप लगाया जाता है कि मोदी सरकार संविधान को बदल देगी। असल में संविधान को बदलने की कोशिश की गई थी और ऐसा आपातकाल के वक़्त तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने किया था। इसके लिए हमें 42वें संविधान संशोधन को समझना पड़ेगा। देखा जाए तो ये अब तक का सबसे विवादित संविधान संशोधन रहा है। इसे कई लोगों ने ‘मिनी कांस्टीट्यूशन’ कहा था तो कइयों ने ‘इंदिरा का संविधान’ नाम दिया था।

इसी संविधान संशोधन में नागरिकों की ‘फंडामेंटल ड्यूटीज’ को परिभाषित किया गया। साथ ही ‘सेक्युलर’ शब्द संविधान की प्रस्तावना में जोड़ा गया। दरअसल, इंदिरा गाँधी की इच्छा थी कि न्यायपालिका की शक्ति को कमज़ोर कर दिया जाए और इसलिए उन्होंने संविधान का संशोधन किया था। हालाँकि, बाद में ‘केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार‘ वाले ऐतिहासिक केस ने संविधान की मर्यादा को पुनर्स्थापित किया। इसे भारतीय न्यायपालिका का सबसे ‘लैंडमार्क फ़ैसला’ कहा जाता है। एक ऐसा निर्णय, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान की अक्षुण्णता को बरक़रार रखा।

सवाल एक था, जिसके लिए 71 देशों के संविधान को पढ़ना पड़ा। प्रश्न था कि क्या संसद इतनी शक्तिशाली है कि वो संविधान के किसी भी हिस्से को जब, जहाँ, जैसे चाहे संशोधित कर सकती है? क्या संसद नागरिकों के मूलभूत अधिकारों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है? 703 पेज का जजमेंट देने वाली पीठ में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश भी शामिल थे। 13 सदस्यीय पीठ ने 7-6 से जजमेंट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान में संशोधन किया जा सकता है लेकिन इसकी मूल भावना के साथ छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता।

यहाँ ये सवाल उठता है कि संविधान की मूल भावना क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय-समय पर इसकी व्याख्या न्यायपालिका द्वारा की जाती रहेगी। संविधान के ‘बेसिक स्ट्रक्चर’, अर्थात ‘मूल ढाँचा’ को नहीं बदला जा सकता, ये कोर्ट ने स्पष्ट किया है। इसलिए ये सारे आरोप बेमानी हैं कि मोदी संविधान बदल देगा, भाजपा संघ के संविधान लागू कर देगी और हिन्दू राष्ट्र का अलग संविधान हो जाएगा।

शाहीन बाग की इन औरतों का हंगामा और संविधान देने वाली उन 15 महिलाओं का हासिल

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

महाराष्ट्र पुलिस में दलाली और उद्धव-पवार का नाम: जिस महिला IPS ने खोले पोल, उनकी गिरफ्तारी पर HC की रोक

IPS अधिकारी रश्मि शुक्ला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं, जहाँ FIR रद्द कर के पुलिस को कोई सख्त कदम उठाने से रोकने का निर्देश देने की दरख़्वास्त की गई।

CM केजरीवाल या उनके वकील – कौन है झूठा? दिल्ली में ऑक्सीजन पर एक ने झूठ बोला है – ये है सबूत

दिल्ली में ऑक्सीजन संकट को लेकर दिल्ली सरकार से जुड़ी दो विरोधाभासी जानकारी सामने आई। एक खबर में बताया गया कि दिल्ली सरकार ने...

बंगाल में अब दलित RSS कार्यकर्ता की हत्या, CM ममता बनर्जी की घोषणा – मृतकों को मिलेंगे 2-2 लाख रुपए

बंगाल में एक RSS कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। ईस्ट बर्दवान के केतुग्राम की में 22 वर्षीय बलराम मांझी की हत्या कर दी गई।

बंगाल हिंसा के ये कैसे जख्म: किसी ने नदी में लगाई छलांग तो कोई मॉं का अंतिम संस्कार भी नहीं कर सका

मेघू दास हों या बीजेपी के अनाम बूथ अध्यक्ष या फिर दलित भास्कर मंडल। टीएमसी के गुंडों से प्रताड़ित इनलोगों के जख्म शायद ही भर पाएँ।

80 साल की महिला से लेकर पशु प्रेमी तक… बंगाल के वे लोग जो TMC की जीत के बाद हिंसा की भेंट चढ़ गए

पश्चिम बंगाल में TMC की जीत के बाद कुछ लोगों की हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि वे एक खास पार्टी से जुड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

बंगाल में हिंसा के जिम्मेदारों पर कंगना रनौत ने माँगा एक्शन तो ट्विटर ने अकाउंट किया सस्पेंड

“मैं गलत थी, वह रावण नहीं है... वह तो खून की प्यासी राक्षसी ताड़का है। जिन लोगों ने उसके लिए वोट किया खून से उनके हाथ भी सने हैं।”

‘मेरी बहू क्रिकेटर इरफान पठान के साथ चालू है’ – चचेरी बहन के साथ नाजायज संबंध पर बुजुर्ग दंपत्ति का Video वायरल

बुजुर्ग ने पूर्व क्रिकेटर पर आरोप लगाते हुए कहा, “इरफान पठान बड़े अधिकारियों से दबाव डलवाता है। हम सुसाइड करना चाहते हैं।”

बेशुमार दौलत, रहस्यमयी सेक्सुअल लाइफ, तानाशाही और हिंसा: मार्क्स और उसके चेलों के स्थापित किए आदर्श

कार्ल मार्क्स ने अपनी नौकरानी को कभी एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी। उससे हुए बेटे को भी नकार दिया। चेले कास्त्रो और माओ इसी राह पर चले।

नेशनल जूनियर चैंपियन रहे पहलवान की हत्या, ओलंपियन सुशील कुमार को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आरोप है कि सुशील कुमार के साथ 5 गाड़ियों में सवार होकर लारेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गिरोह के दर्जन भर से अधिक बदमाश स्टेडियम पहुँचे थे।

पेड़ से लटके मिले BJP के गायब कार्यकर्ता, एक के घर बमबारी: ममता ने 29 IPS बदले, बंगाल हिंसा पर केंद्र को रिपोर्ट नहीं

ममता बनर्जी ने शपथ लेते ही 16 जिलों के SP को इधर-उधर किया है। अधिकतर ऐसे हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने भरोसा नहीं जताया था।

बंगाल हिंसा के कारण सैकड़ों BJP वर्कर घर छोड़ भागे असम, हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- हम कर रहे इंतजाम

बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उपजी राजनीतिक हिंसा के बाद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंगाल छोड़ दिया है। असम के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद इसकी जानकारी दी है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,365FansLike
89,680FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe