Thursday, April 15, 2021
Home विविध विषय अन्य 13 दिसंबर: UP की बेटी के सामने आतंकी मंसूबे ढेर, HM की बेटी के...

13 दिसंबर: UP की बेटी के सामने आतंकी मंसूबे ढेर, HM की बेटी के लिए छोड़े 5 आतंकी

"उन्होंने फिदायीन हमलावर को लेकर सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया। लेकिन वह निहत्थी थीं और खुले में होने के कारण उसकी आवाज़ आतंकी के कानों तक भी पहुॅंची। इससे पहले कि हमारी तरफ से कोई प्रतिक्रिया दी जाती उस आतंकी ने उनके पेट में गोली मार दी। यह आतंकी संसद के भीतर घुसने की फिराक में था।"

13 दिसंबर। इतिहास की कई बड़ी घटनाओं की गवाह है ये तारीख। भारत के नज़रिए से देखें तो आतंक की दो बड़ी घटना इसी तारीख से जुड़ी है। एक 13 दिसंबर 2001 को आतंक का साया लोकतंत्र के मंदिर की चौखट तक पहुँच गया था। वहीं, 13 दिसंबर 1989 को पॉंच आतंकी रिहा करने को सरकार मजबूर हो गई थी। दोनों घटना में एक और समानता है। 2001 में एक बेटी के कारण आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे, तो 1989 में एक बेटी की रिहाई की क़ीमत आतंकियों को आज़ाद कर चुकाई गई थी।

2001 में 13 अगस्त की सुबह देश की राजधानी के बेहद महफ़ूज़ माने जाने वाले इलाक़े में शान से खड़ी संसद भवन की इमारत में घुसने के लिए आतंकवादियों ने सफेद रंग की एम्बेसडर का इस्तेमाल किया। सुरक्षाकर्मियों को गच्चा दे अंदर दाखिल भी हो गए। लेकिन उनके क़दम लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र कर पाते उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया।

1989 में आतंकवादियों ने जेल में बंद अपने कुछ साथियों को रिहा कराने के लिए देश के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पुत्री रुबिया सईद का अपहरण कर लिया था। सरकार ने 13 दिसंबर को आतंकवादियों की माँग को स्वीकार करते हुए पाँच आतंकवादियों को रिहा कर दिया।

संसद पर हमले के दौरान वीरगति को प्राप्त कमलेश कुमारी को उनकी बहादुरी के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्राप्त करने वाली वो पहली भारतीय महिला कॉन्स्टेबल थीं। आइए जानते हैं जब देश की संसद पर आतंकियों की नापाक नज़र पड़ी तो कमलेश कुमारी ने उसे कैसे नाकाम किया।

13 दिसंबर 2001 को सुबह के 11:25 बजे थे। संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। सदन की कार्यवाही स्थगित हुए 40 मिनट बीते थे। तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत क़रीब 200 सासंद संसद के अंदर थे। CRPF की महिला कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी गेट पर तैनात थीं। तभी अचानक सफेद अंबेसडर कार गेट नंबर-11 पर आ पहुँची। इसमें पाँच आतंकी AK-47 और हैंड ग्रेनेड से लैस थे। पाँचों आतंकियों ने चकमा देने के लिए सेना की वर्दी पहन रखी थी, लेकिन जैसे ही वो गेट नंबर-11 पर आए, वो कमलेश कुमारी की पैनी नज़र को धोखा नहीं दे पाए। पाँचों आतंकी जब गाड़ी से उतरकर संसद में घुसने लगे, तो कमलेश कुमारी को उनके आतंकी होने पर शक़ हो गया।

परंपरागत तौर पर संसद भवन में तैनात होने वाली महिला जवानों के पास हथियार नहीं होता। कमलेश के पास भी हथियार नहीं थे। हाथों में एक वॉकी-टॉकी था। उन्होंने बिना एक क्षण की देरी किए ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। अपने साथी कॉन्स्टेबल सुखविंदर सिंह अलर्ट कर दिया और आतंकियों के संसद में घुसने की जानकारी दे दी। कमलेश कुमारी की आवाज़ एक आतंकी के कान तक भी पहुँची। उसने कमलेश कुमारी पर गोलियों की बौछार कर दी। 11 गोलियों से ज़ख़्मी हुईं कमलेश कुमारी ने तब भी हिम्मत नहीं छोड़ी और अलॉर्म बजाकर सभी को आतंकी हमले से सचेत कर दिया। इसके बाद पूरे संसद की सुरक्षा मशीनरी अलर्ट मोड पर आ गई। 

वहीं, उनके साथी सुखविंदर सिंह ने दौड़कर संसद भवन के अंदर जाने के सभी गेट बंद कर दिए। तब तक पूरे संसद भवन में आतंकी हमले का हल्ला मच चुका था। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच 45 मिनट तक मुठभेड़ हुई। इस दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने पाँच आतंकियों को मार गिराया था। हमले के बाद 15 दिसंबर 2001 को दिल्ली पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य और इस हमले के मास्टरमाइंड अफ़जल गुरू को जम्मू-कश्मीर से पकड़ लिया था।

कमलेश को गोली मारने वाले आतंकी को जवान सु​खविंदर सिंह ने मार गिराया था। एक मीडिया रिपोर्ट में सुखविंदर के हवाले से बताया गया है, “उन्होंने फिदायीन हमलावर को लेकर सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया। लेकिन वह निहत्थी थीं और खुले में होने के कारण उसकी आवाज़ आतंकी के कानों तक भी पहुॅंची। इससे पहले कि हमारी तरफ से कोई प्रतिक्रिया दी जाती उस आतंकी ने उनके पेट में गोली मार दी। यह आतंकी संसद के भीतर घुसने की फिराक में था।” यदि उस आतंकी पर कमलेश की नज़र नहीं पड़ती, उसे मार गिराया नहीं जाता और वह ख़ुद को उड़ा लेता तो नुक़सान कहीं ज़्यादा होता।

बहादुर कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी की ममता पर उनकी कर्तव्यपरायणता भारी पड़ गई। उन्होंने अपनी दो छोटी बेटियों की भी परवाह किए बिना आतंकियों से लोहा लिया। 11 गोलियाँ खाईं, मगर अपनी ज़िम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और तत्परता से निभाया। जब संसद पर हमले की घटना हुई उस वक्त कमलेश की बड़ी बेटी ज्योति नौ साल की थी तो छोटी बेटी श्वेता महज डेढ़ साल की थी। इस समय उनकी दोनों बेटियाँ 24 और 17 साल की हो चुकी हैं। ज्योति ने फतेहगढ़ के महिला डिग्री कॉलेज से बीएससी किया है। कमलेश कुमारी का परिवार फर्रुखाबाद के आवास विकास कॉलोनी में रहता है। दोनों बेटियाँ अपने नाना राजाराम और पिता अवधेश के साथ रहतीं हैं।

बलिदानी कमलेश कुमारी के बारे में उनके परिजन बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही वर्दी से प्यार था। उनका यह सपना शादी के बाद 1994 में पूरा हुआ, जब उन्हें रैपिड एक्शन फ़ोर्स में इलाहाबाद में तैनाती मिली। जुलाई, 2001 में संसद सत्र के दौरान उनकी तैनाती संसद की सुरक्षा में की गई थी।

इधर, मुफ्ती मोहम्मद सईद का परिवार आज भी राजनीति में सक्रिय है। सईद अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनकी राजनीतिक विरासत बेटी महबूबा मुफ्ती के हाथों में है। वे जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनकी बहन रूबिया सार्वजनिक चर्चाओं से दूर रहती हैं। दैनिक भास्कर की 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेशे से डॉक्टर रूबिया चेन्नई में अपने पति और दो बेटों के साथ रहती हैं। उनके परिवार को वहॉं भी सुरक्षा मिली हुई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द प्रिंट की ‘ज्योति’ में केमिकल लोचा ही नहीं, हिसाब-किताब में भी कमजोर: अल्पज्ञान पर पहले भी करा चुकी हैं फजीहत

रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।

सुशांत सिंह राजपूत पर फेक न्यूज के लिए AajTak को ऑन एयर माँगनी पड़ेगी माफी, ₹1 लाख जुर्माना भी: NBSA ने खारिज की समीक्षा...

AajTak से 23 अप्रैल को शाम के 8 बजे बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर और बोल कर Live माफी माँगने को कहा गया है।

‘आरोग्य सेतु’ डाउनलोड करने की शर्त पर उमर खालिद को जमानत, पर जेल से बाहर ​नहीं निकल पाएगा दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों का...

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को जमानत मिल गई है। लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। जाने क्यों?

कोरोना से जंग में मुकेश अंबानी ने गुजरात की रिफाइनरी का खोला दरवाजा, फ्री में महाराष्ट्र को दे रहे ऑक्सीजन

मुकेश अंबानी ने अपनी रिफाइनरी की ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों को मुफ्त में शुरू की है। महाराष्ट्र को 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,218FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe