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सुरक्षित है मेरी बेटी… बोले वायुसेना पायलट शिवांगी सिंह के पिता, बताया राफेल का वह कनेक्शन जिसके कारण उनकी बेटी को पाकिस्तान में पकड़े जाने का चलाया गया प्रोपेगेंडा

अल जजीरा जैसे वैश्विक न्यूज चैनल ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि शिवांगी सिंह पाकिस्तानी सेना के पास हैं। अंत में पाकिस्तानी सेना ने भी सामने से स्वीकार कर लिया कि उसके पास भारत का कोई भी ऑफिसर नहीं है।

भारत के मिशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के साख बचाने के लिए फेक न्यूज फैली कि राफेल की महिला पायलट शिवांगी सिंह को पाकिस्तानी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। यह खबर भी आई कि पाक ने राफेल को मार गिराया है।

शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब यह खबर आई कि वह पाकिस्तान सेना के कब्जे में है तो हम हमें उसकी चिंता हुई, लेकिन उसके बाद सच्चाई पता चली तो राहत मिली।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, कुमारेश्वर ने कहा कि उस समय हमारे पास कोई जरिया नहीं था कि जो न्यूज चल रही है, इसकी पुष्टि कर सके। पूरी दुनिया को पता है कि राफेल उड़ाने वाली पहली महिला मेरी बेटी ही है। इसलिए उन लोगों के लिए मेरी बेटी का नाम लेकर गलत न्यूज चलाना आसान हो गया। कुछ समय बाद हमें सही बात पता चल गई और तब हमने रात की सांस ली।

अल जजीरा ने भी चला दी फेक न्यूज

अल जजीरा जैसे वैश्विक न्यूज चैनल ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि शिवांगी सिंह पाकिस्तानी सेना के पास हैं। अल जजीरा के पत्रकार कमाल हैदर ने इस्लामाबाद से लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान यह कहा कि पाकिस्तान सरकार के अनुसार सेना ने दो भारत के 2 जेट गिराए हैं और भारत की एक महिला पायलट पकड़ी गई है।

इसके अलावा पाकिस्तान के हितैषी सोशल मीडिया हैंडल्स का दावा था कि भारतीय महिला वायुसेना पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवानी सिंह को पाकिस्तान में पकड़ा गया है।

बाद में पीआईबी के फैक्ट चेक में ये बात सामने आई कि ये सभी दावें और खबरें झूठी हैं। भारतीय पत्रकार शिव अरुर ने भी इस बात की पुष्टि की कि शिवांगी अपने बेस पर सुरक्षित है और पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स झूठ फैला रहे हैं।

अंत में पाकिस्तानी सेना ने भी सामने से स्वीकार कर लिया कि उसके पास भारत का कोई भी ऑफिसर नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर की बौखलाहट में पाकिस्तान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने 26 लोगों से धर्म पूछा, प्रमाण पत्र देखा और गैर मुस्लिम होने पर मार डाला। इसके जवाब में 15 दिन बाद, भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया।

इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बसे हुए 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठनों के लगभग 100 आतंकियों का खात्मा हो गया।

ऑपरेशन सिंदूर से तिलमिलाया पाकिस्तान ने इसके बाद जवाबी कार्रवाई भी की। उसने भारत के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, लेकिन भारतीय भारतीय सेना ने एक भी हमला कामयाब नहीं होने दिया। अपनी इस पूरी बौखलाहट की साथ पाकिस्तान ने भारत पर साइबर हमले और पाकिस्तानी अकाउंट्स से भारत के खिलाफ फेक न्यूज चलवानी भी शुरू कर दी।

हालाँकि यहाँ पर उसे मुँह की खानी पड़ी और 15 लाख साइबर हमलों में से महज 150 हमले करने में ही सफल रहा।

कौन हैं IAF पायलट शिवांगी सिंह

वाराणसी की रहने वाली शिवांगी के घर में पिता कुमारेश्वर के साथ मां सीमा सिंह, भाई मयंक, शुभांशु और बहन हिमांशी सिंह हैं। शिवांगी सिंह साल 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई। BHU से एनसीसी करने के बाद शिवांगी भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवांगी ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि लगभग दो दशक पहले उन्होंने दिल्ली के एयर फोर्स म्यूजियम में फाइटर विमानों को देखकर उन्हें इतने अच्छे लगे कि महज 9 साल की उम्र में उन्होंने तय कर लिया कि वह पायलट ही बनेंगी। इसके लिए शिवांगी ने तैयारी की और भारतीय वायुसेना में सेलेक्शन लिया। शिवांगी ने हैदराबाद के भारतीय वायुसेना अकादमी (AFA) से प्रशिक्षण लिया है।

2020 में ट्रेनिंग और फ्रांसीसी ट्रेनरों के साथ सिम्युलेटर सेशंस के बाद शिवांगी सिंह को राफेल फाइटर जेट की कमान मिली। इसे उड़ाने वाली वह पहली भारतीय महिला पायलट बन गईं। शिवांगी ने फ्रांस में ओरियन युद्ध अभ्यास में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

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रामांशी
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