Homeविविध विषयअन्यविजय शंकर की एड़ी में चोट से मयंक अग्रवाल को मौका, रायडू के हाथ...

विजय शंकर की एड़ी में चोट से मयंक अग्रवाल को मौका, रायडू के हाथ लगी निराशा

“जसप्रीत बुमराह की गेंद पर विजय शंकर की एड़ी में चोट लग गई थी। अभी उनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और वो विश्व कप के बाक़ी मैंचों में नहीं खेल पाएँगे। वो स्वदेश वापस लौटेंगे।”

भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर विश्व कप 2019 से बाहर हो गए हैं। दरअसल, एड़ी में लगी चोट की वजह से वो रविवार (30 जून) को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। सोमवार (1 जुलाई) को यह घोषणा की गई कि अब वो विश्व कप के बाक़ी मैचों में नहीं खेल सकेंगे। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनकी जगह पर मयंक अग्रवाल को जगह मिल सकती है।

कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ क्रिकेट में डेब्यू किया था, लेकिन वो अब तक भारत के लिए एक दिवसीय टीम से डेब्यू नहीं कर पाए हैं। 

BCCI के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, “जसप्रीत बुमराह की गेंद पर विजय शंकर की एड़ी में चोट लग गई थी। अभी उनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और वो विश्व कप के बाक़ी मैंचों में नहीं खेल पाएँगे। वो स्वदेश वापस लौटेंगे।”

बता दें कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ विजय शंकर की जगह ऋषभ पंत को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। टीम मैनेजमेंट उनकी जगह मयंक अग्रवाल को जगह मिल गई है। फ़िलहाल वो सलामी बल्लेबाज़ हैं और वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्हें राहुल से नंबर-4 पर बल्लेबाज़ी कराने का निर्णय लिया जा सकता है। ऋषभ पंत और अम्बाती रायडू और नवदीप सैनी रिज़र्व खिलाडी थे।

भारत के कप्तान विराट कोहली ने रविवार को इंग्लैंड के खेल के दौरान सूचित किया था कि ऑलराउंडर के पैर के अँगूठे में दर्द था और संकेत भी अच्छे नहीं थे। इसके अलावा, इंग्लैंड के खेल की पूर्व संध्या पर कोहली ने विजय शंकर की प्रशंसा भी की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -