Homeविविध विषयअन्यकुत्ता कर रहा था BJP का प्रचार, पुलिस ने किया अरेस्ट: मालिक के खिलाफ...

कुत्ता कर रहा था BJP का प्रचार, पुलिस ने किया अरेस्ट: मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए कुत्ते के मालिक चौधरी के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 171(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया, जो चुनाव के दिन प्रचार करने को प्रतिबंध से संबंधित है।

महाराष्ट्र में पुलिस द्वारा चुनाव के दिन (29 अप्रैल) अपने शरीर से चिपके भाजपा समर्थित स्टिकर के साथ घूमने वाले एक कुत्ते को हिरासत में लिए जाने की ख़बर सामने आई है। ख़बर के अनुसार, नवनाथनगर इलाक़े के निवासी एकनाथ मोतीराम चौधरी (65) को सोमवार दोपहर अंधारे अस्पताल के पास अपने कुत्ते के साथ देखा गया।

स्थानीय पुलिस अधिकारी के अनुसार कुत्ते का शरीर भाजपा के प्रतीक और “मोदी लाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ कवर किया गया था (मोदी के लिए वोट, देश बचाओ)।

पुलिस ने जानकारी दी कि देश में मतदान प्रक्रिया अभी जारी है, इसलिए शहर में घूम रहे कुत्ते और उसके मालिक के बारे में उन्हें शिक़ायत मिली थी।

चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए चौधरी के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 171(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो चुनाव के दिन प्रचार करने को प्रतिबंध से संबंधित है। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने नगर निगम से कुत्ते को हिरासत में लेने के लिए कहा था, जिसके बाद निगम ने कुत्ते को हिरासत में ले लिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -