Thursday, September 24, 2020
Home विविध विषय अन्य लॉकडाउन की गोली कड़वी पर कोरोना वायरस के पक्के इलाज के लिए बेहद जरूरी

लॉकडाउन की गोली कड़वी पर कोरोना वायरस के पक्के इलाज के लिए बेहद जरूरी

सवाल यह है कि जब सब व्यवस्था सरकारों ने बना ही दी है, तो फिर लॉकडाउन बढ़ाने का क्या मतलब है? दरअसल अब लड़ाई दूसरे दौर में हैं। पहले दौर में भारत ने कमियाँ दूर की, अपनी क्षमताएँ बढ़ाई। दूसरे दौर में हमें संक्रमण के दायरे को छोटे से छोटा करना है।

130 करोड़ से ज्यादा लोगों को जब एक साथ घरों में रहने का हुकुम दिया जाता है, तो सवाल उठने लाजिमी हैं। इस लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था का क्या होगा? छोटे दुकानदारों और कारोबार का क्या होगा? नौकरयाँ जाएँगी या रहेंगी? सबसे ऊपर गरीब का पेट कैसे भरेगा? सवाल तीखे हैं और मुकम्मल तौर पर अभी जवाब किसी के पास नहीं। पर इनसे भी कड़वा और बड़ा, एक सवाल और भी है, क्या देश को यूँ ही कोरोना महामारी से मरने छोड़ दिया जाए?

दुनिया की सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाएँ इस बात पर सहमत हैं कि कोरोना वायरस से बचाव का अभी बस एक ही तरीका है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग। सोशल डिस्टेंसिंग को अमल में लाने का बस एक ही तरीका है और वो है लॉकडाउन। लॉकडाउन को बेवजह की कवायद कह कर, जिन देशों और उनकी मीडिया ने लॉकडाउन का मजाक उड़ाया था। उन्होंने उसकी बड़ी कीमत चुकाई है। हजारों लोग मारे जा चुके हैं और आज वही देश लॉकडाउन को सख्ती से लागू कर रहे हैं। ब्रिटेन, इटली, स्पेन और अमेरिका इसकी मिसाल हैं।

लॉकडाउन इस बीमारी के फैलाव को रोकने में कितना कारगर है? इसे अमेरिका के कोरोना मरीजों के आँकड़ों से समझा जा सकता है। कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 हजार से 9 हजार पहुँचने में जहाँ भारत को 16 दिन लगे, वहीं अमेरिका ने 9 हजार का आँकड़ा मात्र 9 दिनों में ही छू लिया। ध्यान रहे कि इस पूरी अवधि में भारत में लॉकडाउन था।

एक से नौ हजार का आँकड़ा छूने में भारत और अमेरिका के बीच कुछ दिनों का यह अंतर कई लोगों को छोटा लग सकता है। पर इसकी गंभीरता तब समझ आएगी, जब आपको यह पता लगेगा कि अगले 9 दिनों में अमेरिका में कोरोना संक्रमितों की संख्या 9 हजार से 1 लाख 4 हजार हो गई। उसके अगले 18 दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या अमेरिका में 6 लाख 13 हजार से भी ज्यादा हो गई। शुक्र मनाइए कि भारत में लॉकडाउन बढ़ा दिया गया, नहीं तो अगले कुछ दिनों में हमारे अस्पताल हजारों, लाखों कोरोना मरीजों से पटे पड़े होते। अमेरिका, स्पेन, इटली, ब्रिटेन और फ्रांस की तरह भारत में भी लाशों के ढेर लगे होते।

- विज्ञापन -

मार्च में तीसरे हफ्ते के अंत तक दुनिया भर में कोरोना कहर बरपा रहा था। खासकर यूरोप में। स्पेन, इटली और अमेरिका जैसे देशों में बहुत तेज गति से कोरोना के रोगी बढ़ रहे थे। ये वो देश हैं जिनके पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मेडिकल सुविधाएँ हैं। आबादी के लिहाज से भी ये मुल्क भारत से बहुत छोटे हैं।

जनसंख्या के साथ गरीबी हमारे यहाँ एक बड़ी समस्या है। तब लॉकडाउन के सिवा हमारे पास चारा ही क्या था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन रोगियों की कोरोना से मृत्यु हुई है उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई देने से लेकर मरीज के मरने तक औसतन 14 दिन का ही वक्त लगता है। जरा टाइमलाइन पर गौर करें। अमूमन 5वें दिन लक्षण दिखते हैं, 7वें दिन अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, 8वें या 9 वें दिन रोगी आइसीयू पहुँच जाता है और उसके बाद कभी भी मृत्यु संभव है। इस भयावह परिपरिस्थिति से बचने के लिए हमें वक्त चाहिए था। लॉकडाउन ने हमें वह कीमती वक्त मुहैया कराया।

लॉकडाउन से हमें जो बहुमूल्य समय मिला, उसमें हमने कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमताएँ विकसित की हैं। आज 602 डेडिकेटिड अस्पतालों में 1,06,719 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है। 12,024 आइसीयू बेड भी कोरोना के लिए आरक्षित हैं। लॉकडाउन से पूर्व हमारे यहाँ मात्र 18 सरकारी लैब्स में ही कोरोना टेस्टिंग की सुविधा थी। 14 अप्रैल तक सरकारी और प्राइवेट लैब्स मिलकर यह संख्या 244 हो गई हैं। हजारों वेंटिलेटर, लाखों पीपीई और करोड़ों मास्क का ऑर्डर भी इस बीच ही हमने किया है।

हमें सोचने का समय मिला इसलिए कोरोना पूल टेस्टिंग, कोरोना पेशेंट पूलिंग, महाकर्फ्यू आदि अनेक इनोवेटिव आइडिया भी इसी लॉकडाउन से निकले। डॉक्टर्स, नर्सों, वार्ड बॉय, पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर आशा वर्कर तक की ट्रेनिंग का इंतजाम भारत ने किया। सामाजिक स्तर पर भी भारत ने कमर कस ली है, कोरोना के खिलाफ थाली बजा कर अभिनंदन और दीपक जला कर सम्मान, जैसे कार्यक्रमों से सरकार ने जनता को सीधे जोड़ लिया।

सवाल यह है कि जब सब व्यवस्था सरकारों ने बना ही दी है, तो फिर लॉकडाउन बढ़ाने का क्या मतलब है? दरअसल अब लड़ाई दूसरे दौर में हैं। पहले दौर में भारत ने कमियाँ दूर की, अपनी क्षमताएँ बढ़ाई। दूसरे दौर में हमें संक्रमण के दायरे को छोटे से छोटा करना है। जिला स्तर पर संक्रमण की इस लड़ाई को हॉटस्पॉट तक सीमित करना है। कोरोना से बढ़ती मृत्यु दर को कम करना है। एक भी मरीज छूट ना जाए इस लक्ष्य को लेकर सरकारों को जिला स्तर पर आगे बढ़ना होगा। नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की कड़वी गोली देश को खिलाई है, पर मर्ज के पक्के इलाज के लिए यह जरूरी था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Sanjay Pandey
वरिष्ठ पत्रकार, ज़ी न्यूज, जनमत, लाइव इंडिया, ANN-7 साउथ अफ्रीका, TV-10 रवांडा, वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज के कोरपोरेट कम्युनिकेशन में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

मेरी झोरा-बोरा की औकात, मौका मिले तो चुनाव लड़ने का निर्णय लूँगा, लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आऊँगा: पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय

मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन करने का ऐलान तो नहीं किया। मैं चुनाव लड़ूँगा, यह भी कहीं नहीं कहा। इस्तीफा तो दे दिया। चुनाव लड़ना कोई पाप है?

‘बोतल डॉन’ खान मुबारक की 20 दुकान वाले कॉम्प्लेक्स पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: करोड़ों की स्कॉर्पियो, जेसीबी, डंपर भी जब्त

माफिया सरगना के नेटवर्क को ध्वस्त करने के क्रम में फरार चल रहे खान मुबारक के करीबी शातिर बदमाश परवेज की मखदूमपुर गाँव स्थित करीब 50 लाख की संपत्ति को अंबेडकर नगर पुलिस द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

विदेशी लेखक वीजा पर यहाँ आता है और भारत के ही खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता है: वीजा रद्द करने की माँग

मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि स्कॉटिश लेखक विलयम डेलरिम्पल लगातार जानबूझ कर यहाँ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

‘सुशांत को थी ड्रग्स की लत, अपने करीबी लोगों का फायदा उठाता था’ – बेल के लिए रिया चक्रवर्ती ने कहा

"सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स लेते थे। वह अपने स्टाफ को ड्रग्स खरीद कर लाने के लिए कहते थे। वो जीवित होते, तो उन पर ड्रग्स लेने का आरोप..."

बच्चे को मोलेस्ट किया, पता ही नहीं था सेक्सुअलिटी क्या होती है: अनुराग कश्यप ने स्वीकारा, शब्दों से पाप छुपाने की कोशिश

कैसे अनुराग कश्यप पर पायल घोष के यौन शोषण के आरोपों के बावजूद खुद को फेमनिस्ट कहने वाले गैंग के एक भी व्यक्ति ने पायल का समर्थन नहीं किया।

प्रचलित ख़बरें

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

नेपाल में 2 km भीतर तक घुसा चीन, उखाड़ फेंके पिलर: स्थानीय लोग और जाँच करने गई टीम को भगाया

चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर कब्जा करने का ताजा मामला हुमला जिले में स्थित नामखा-6 के लाप्चा गाँव का है। ये कर्णाली प्रान्त का हिस्सा है।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

व्हिस्की पिलाते हुए… 7 बार न्यूड सीन: अनुराग कश्यप ने कुबरा सैत को सेक्रेड गेम्स में ऐसे किया यूज

पक्के 'फेमिनिस्ट' अनुराग पर 2018 में भी यौन उत्पीड़न तो नहीं लेकिन बार-बार एक ही तरह का सीन (न्यूड सीन करवाने) करवाने का आरोप लग चुका है।

‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

यूपी में माफियाओं पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी: अब मुख्तार अंसारी गिरोह के नजदीकी रजनीश सिंह की 39 लाख की संपत्ति जब्त

योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस 191 के नजदीकी व मन्ना सिंह हत्याकांड में नामजद हिस्ट्रीशीटर एवं पूर्व सभासद रजनीश सिंह की 39 लाख रुपए की सम्पत्ति गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की है।

जम्मू कश्मीर में नहीं थम रहा बीजेपी नेताओं की हत्या का सिलसिला: अब BDC चेयरमैन की आतंकियों ने की गोली मार कर हत्या

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में बीजेपी बीडीसी खग के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह को कथित तौर पर आतंकियों ने उनके घर पर ही हमला करके जान से मार दिया।

बनारस की शिवांगी बनी राफेल की पहली महिला फाइटर पायलट: अम्बाला में ले रही हैं ट्रेंनिंग, पिता ने जताई ख़ुशी

शिवांगी की सफलता पर न केवल घरवालों, बल्कि पूरे शहर को नाज हो रहा है। काशी में पली-बढ़ीं और BHU से पढ़ीं शिवांगी राफेल की पहली फीमेल फाइटर पायलट बनी हैं।

दिल्ली दंगा केस में राज्य विधानसभा पैनल को झटका: SC ने दिया फेसबुक को राहत, कहा- 15 अक्टूबर तक कोई कार्रवाई नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट अजित मोहन के खिलाफ 15 अक्टूबर तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने का आदेश दिया है।

प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस, स्पष्ट मैसेजिंग पर फोकस और बढ़ाना होगा: खास 7 राज्यों के CM के साथ बैठक में PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि देश में 700 से अधिक जिले हैं, लेकिन कोरोना के जो बड़े आँकड़े हैं वो सिर्फ 60 जिलों में हैं, वो भी 7 राज्यों में। मुख्यमंत्रियों को सुझाव है कि एक 7 दिन का कार्यक्रम बनाएँ और प्रतिदिन 1 घंटा दें।

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

मेरी झोरा-बोरा की औकात, मौका मिले तो चुनाव लड़ने का निर्णय लूँगा, लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आऊँगा: पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय

मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन करने का ऐलान तो नहीं किया। मैं चुनाव लड़ूँगा, यह भी कहीं नहीं कहा। इस्तीफा तो दे दिया। चुनाव लड़ना कोई पाप है?

दिल्ली बार काउंसिल ने वकील प्रशांत भूषण को भेजा नोटिस: 23 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

दिल्ली बार काउंसिल (BCD) ने विवादास्पद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के मद्देनजर 23 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।

NCB ने ड्रग्स मामले में दीपिका, सारा अली खान, श्रद्धा समेत टॉप 4 हीरोइन को भेजा समन, जल्द होगी पूछताछ

रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के दौरान दीपिका, दीया, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर का नाम सामने आया था। दीया का नाम पूछताछ के दौरान ड्रग तस्कर अनुज केशवानी ने लिया था।

‘बोतल डॉन’ खान मुबारक की 20 दुकान वाले कॉम्प्लेक्स पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: करोड़ों की स्कॉर्पियो, जेसीबी, डंपर भी जब्त

माफिया सरगना के नेटवर्क को ध्वस्त करने के क्रम में फरार चल रहे खान मुबारक के करीबी शातिर बदमाश परवेज की मखदूमपुर गाँव स्थित करीब 50 लाख की संपत्ति को अंबेडकर नगर पुलिस द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
77,889FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements