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विनेश फोगाट 53kg कैटिगरी में ओलंपिक की रेस से लगभग बाहर, जूनियर खिलाड़ी से 0-10 से हारीं: धरना देकर बोला था – ‘नेशनल नहीं… सीधा ओलंपिक खेलेंगे’

पटिलाया में आयोजित वुमेंस रेसलिंग ट्रायल में भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने 3 घंटे तक ट्रायल शुरू नहीं होने दिए थे। बाद में वो 53 किलो भार वर्ग का मुकाबला बुरी तरह से हार गईं।

कुछ माह पहले दिल्ली की सड़कों पर जमकर हंगामा करने वाले बजरंग पूनिया के बाहर विनेश फोगाट भी ओलंपिक ट्रायल हार गई हैं। उन्होंने ट्रायल के दौरान भी जमकर हंगामा किया। दरअसल, वो दो कैटेगिरी में हिस्सा लेना चाह रही थी और इसके लिए वो लिखित परमिशन माँग रही थी, हालाँकि इसके लिए उन्हें अनुमति मिल गई थी। इस पूरे हंगामे के दौरान मुकाबलों में करीब 3 घंटों की देरी हुई, इसके बावजूद जब उन्होंने 53 किलो ग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया, तो उन्हें बुरी तरह से मुँह की खानी पड़ी।

विनेश फोगाट को 53 किलो भार वर्ग के मुकाबले में अपने से जूनियर अंजू के हाथों 0-10 से करारी मात मिली। वो एक भी प्वॉइंट नहीं जीत पाई। इस दौरान जमकर हंगामा भी होता रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय पेरिस ओलंपिक 2024 को लेकर कुश्ती के सेलेक्शन ट्रायल किए जा रहे हैं। यहाँ अंजू के 0-10 से हार के बाद विनेश फोगाट की मुश्किले बढ़ गई है। अब उनका आखिरी मुकाबला अंतिम पंघाल के साथ करो या मरो का होने वाला है। रेसलर अंजू से 0-10 से हारने के बावजूद विनेश फोगाट की पेरिस ओलंपिक 2024 खेलने की उम्मीद अभी भी जीवित है, लेकिन उसके लिए उन्हें अंतिम पंघाल को पटखनी देनी होगी। जो भी यह मुकाबला जीतने में कामयाब होगा, वहीं रेसलर पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व करता हुआ नजर आएगा। अगर विनेश फोगाट अंतिम पंघाल को हराने में विफल रहती है तो उनके पेरिस ओलंपिक 2024 खेलने का सपना भी चकनाचूर हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, पटिलाया के साई सेंटर में आयोजित वुमेंस रेसलिंग ट्रायल में भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने 3 घंटे तक ट्रायल शुरू नहीं होने दिए थे। फोगाट ने अधिकारियों से लिखित आश्वासन माँगा था कि वह 50 ओर 53 KG वेट कैटेगरी में लड़ना चाहती हैं। जिसके बाद जब तक फोगाट को लिखित में यह आश्वासन नहीं दिया गया था। तब तक उन्होंने वुमेंस रेसलिंग के ट्रायल्स शुरू नहीं होने दिए थे।

बजरंग पूनिया ने भी हार के बाद काटा था हंगामा

बता दें कि एक दिन पहले पहलवान बजरंग पूनिया भी 2024 के ओलंपिक के लिए आयोजित ट्रायल्स में हार गए थे। उन्हें पहलवान रोहित कुमार ने पटखनी दी। इस हार के बाद उन्होंने आखिरी राउंड का न तो मुकाबला लड़ा और न ही डोप के लिए सैंप दिया। बताया गया कि जब वह ट्रायल में हार गए तो गुस्से से बाहर निकल गए। उन्हें SAI के अधिकारियों ने रोका भी लेकिन वह नहीं रुके।

बजरंग पूनिया का नाम हालिया सुर्खियों में कुश्ती की वजह से कम और धरने प्रदर्शन की वजह से अधिक आया है। पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के साथ दिल्ली में हुए पहलवान प्रदर्शन का नेतृत्व भी कर रहे थे। वह लगातार तत्कालीन कुश्ती संघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे थे और उन्हें हटाने की माँग कर रहे थे। बजरंग पूनिया इसके बाद राहुल गाँधी के साथ भी दिखे थे। राहुल गाँधी उनके यहाँ एक दिन पहुँचे थे और खाना भी खाया था। राहुल ने पूनिया के साथ कुश्ती के दांव पेंच भी आजमाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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