लड़के-लड़कियों को एक साथ फ्रेशर पार्टी, गैर इस्लामी बता मुस्लिम छात्र ने की प्रोफेसर की हत्या

हमला करने के बाद छात्र खतीब चिल्लाने लगा कि मैंने उसे मार दिया है, मैंने उसे बताया था कि ख़वातीन और मर्द का एक साथ कार्यक्रम में शामिल होना इस्लाम के खिलाफ है।

पाकिस्तान में एक छात्र ने अपने प्रोफेसर की हत्या कर दी। प्रोफ़ेसर साहब का गुनाह बस इतना था कि उन्होंने लड़के-लड़कियों को एक साथ फ्रेशर पार्टी की इजाज़त दे दी। यह बहावलपुर के सादिक एगर्टन कॉलेज की घटना है। आज ही 21 मार्च को पार्टी का आयोजन होना था। लड़के और लड़कियों की एक साथ पार्टी को गुनाहे अज़ीम समझ लिया छात्र खतीब हुसैन ने। खतीब ने पार्टी को गैर इस्लामी भी बताया। और इसी बात पर प्रोफेसर खालिद हमीद से बहस हो गई थी।

20 मार्च को जब प्रोफेसर साहब कॉलेज जा रहे थे, तो खतीब ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया पर बचाया नहीं जा सका। आरोपित छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, छात्र इस बात के खिलाफ था कि लड़के-लड़कियों की एक साथ पार्टी हो। वह इस तरह के कार्यक्रम को गैर इस्लामी मानता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को आरोपित ने बताया, “इस तरह की पार्टी इस्लामी शिक्षा के खिलाफ है। मैंने उनको ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी थी।”

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बता दें कि हमला करने के बाद छात्र खतीब चिल्लाने लगा कि मैंने उसे मार दिया है, मैंने उसे बताया था कि ख़वातीन और मर्द का एक साथ कार्यक्रम में शामिल होना इस्लाम के खिलाफ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के शैक्षिक संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रम आम हैं लेकिन वहाँ छात्राओं पर काफी पाबंदी है। हाल ही में पंजाब की एक यूनिवर्सिटी ने ड्रेस कोड का सर्कुलर जारी किया था। उस सर्कुलर के माध्यम से छात्राओं को टॉप, जींस, बगैर आस्तीन वाली कमीज और टाइट पैंट पहनने पर रोक लगा दी गई थी। यहाँ तक कि कई सरकारी यूनिवर्सिटी में लड़के-लड़कियों के साथ बैठने पर भी रोक है। उनके बीच बातचीत की भी अनुमति नहीं है।

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सुब्रमण्यम स्वामी ने ईसाइयत, इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का फर्क बताते हुए कहा, "हिन्दू धर्म जहाँ प्रत्येक मार्ग से ईश्वर की प्राप्ति सम्भव बताता है, वहीं ईसाइयत और इस्लाम दूसरे धर्मों को कमतर और शैतान का रास्ता करार देते हैं।"

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