Tuesday, July 16, 2024
Homeविविध विषयअन्यकोरोनिल पर बवाल के बाद Fair & Lovely पर उठे सवाल, कंपनी ने कहा-...

कोरोनिल पर बवाल के बाद Fair & Lovely पर उठे सवाल, कंपनी ने कहा- बदला जाएगा 45 साल पुराने प्रॉडक्ट का नाम

पतंजलि के समर्थक सोशल मीडिया पर कोरोनिल पर विवाद बढ़ने के बाद सवाल उठा रहे थे कि आखिर जो लोग 20 साल से Fair & Lovely का इस्तेमाल गोरा होने के लिए कर रहे हैं, वो आज कोरोनिल पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि उसे कोरोना वायरस का उपचार बताया जा रहा है। क्या इन लोगों ने कभी फेयर एंड लवली को इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक प्रमाण माँगा?

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पतंजलि द्वारा निर्मित कोरोनिल को लेकर उपजे विवाद के बाद अब गाज फेयर एंड लवली (Fair & Lovely) पर गिरी है। खबर ये है कि सोशल मीडिया पर कोरोनिल के समर्थन में लोगों ने फेयर एंड लवली की बिक्री और गोरा करने वाले दावों पर सवाल किया।

इसके बाद खबर आई कि अब हिंदुस्तान यूनिलीवर ने फैसला लिया है कि वे अपने 45 साल पुराने प्रॉडक्ट का नाम बदल देंगे।

दरअसल, पतंजलि के समर्थक सोशल मीडिया पर कोरोनिल पर विवाद बढ़ने के बाद सवाल उठा रहे थे कि आखिर जो लोग 20 साल से फेयर एंड लवली का इस्तेमाल गोरा होने के लिए कर रहे हैं, वो आज कोरोनिल पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि उसे कोरोना वायरस का उपचार बताया जा रहा है। क्या इन लोगों ने कभी फेयर एंड लवली को इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक प्रमाण माँगा?

अब हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के इस फैसले के पीछे पतंजलि समर्थकों के सवाल कितने उत्तरदाई है? ये कहना मुश्किल काम है। लेकिन बता दें, फेयर एंड लवली के नाम और दावों को लेकर बवाल पिछले काफी समय से चल रहा था।

कई महिला संगठनों ने इसके विरोध में कहा था कि किसी महिला की खूबसूरती उसके रंग से नहीं आँकी जानी चाहिए।

संगठनों का आरोप था कि क्रीम में गोरापन शब्द को जिस तरह से इस्तेमाल किया जाता है उससे ये प्रतीत होता है कि सिर्फ गोरी महिलाएँ ही खूबसूरत होती हैं।

अब इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान यूनिलीवर ने एक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि वे अपने 45 साल पुराने ब्रांड का नाम बदल देंगे।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नया ब्रांड का नाम सभी मंजूरी के बाद लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने फेयर एंड लवली (Fair & Lovely) से फेयर शब्द को हटाने की बात कही है। नए अवतार में आने वाला फेयर एंड लवली ब्रांड अलग-अलग स्किन टोन वाली महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर ज्यादा केंद्रित होगा।

यहाँ बता दें कि पिछले दिनों न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी बताया था कि दक्षिण एशिया में यूनीलीवर स्किन लाइटनिंग क्रीम की मार्केटिंग में बदलाव की तैयारी कर रही है। क्योंकि सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर गोरा बनाने वाली क्रीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी के इस फैसले के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसला कंपनी के लिए बेहद टेंशन भरा होगा। इस कदम से फेयर एंड लवली की सेल्स पर असर पड़ेगा। जिसके कारण बिक्री गिरने के अनुमान हैं। कुल मिलाकर इसका नेगेटिव असर ही पड़ेगा। मगर लांग टर्म में यह फैसला कंपनी के हित में होगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जम्मू-कश्मीर की पार्टियों ने वोट के लिए आतंक को दिया बढ़ावा’: DGP ने घाटी के सिविल सोसाइटी में PAK के घुसपैठ की खोली पोल,...

जम्मू कश्मीर के DGP RR स्वेन ने कहा है कि एक राजनीतिक पार्टी ने यहाँ आतंक का नेटवर्क बढ़ाया और उनके आका तैयार किए ताकि उन्हें वोट मिल सकें।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चलती रहेगी आय से अधिक संपत्ति मामले CBI की जाँच: दौलत के 5 साल...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI जाँच से राहत देने से मना कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -