Monday, June 17, 2024
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ब्याह से पहले अनंत अंबानी ने बसाया पशुओं का घर, 3000 एकड़ में फैला है ‘वनतारा’; 2000+ जानवरों का रेस्क्यू: बोले- हिंदू धर्म यही सिखाता है

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत ने इस प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत इसलिए की है क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें बचपन में बताया था कि जो बेजुबानों की सेवा करता है उसे पुण्य मिलता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर अनंत अंबानी द्वारा 26 फरवरी 2024 को उनके ‘वनतारा (जंगल के सितारे)’ प्रोग्राम की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई। इस प्रोजेक्ट के तहत 3000 एकड़ की जमीन पर वनतारा इकोसिस्टम बनाया गया है जहाँ पशुओं का बचाव और पुनर्वास होता है।

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने अपनी शादी की तैयारियों से पहले गुजरात के जामनगर में इस प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत इसलिए की है क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें बचपन में बताया था कि जो बेजुबानों की सेवा करता है उसे पुण्य मिलता है।

मीडिया से मुखातिब होते हुए अनंत अंबानी ने बड़ी शालीन होकर बताया- “मैं बचपन से ही जानवरों की सेवा करता आया हूँ। मेरे मम्मी और पापा ने मुझे बताया था कि जो बेजुबान जानवरों की सेवा करता है उससे पुण्य मिलता है। हिंदू धर्म में भी कहा जाता है कि जानवर आज की तारीख में भगवान का रूप होते हैं। हम तो सामने से भगवान को देख नहीं सकते हैं, इसलिए मैं तो यह मानता हूँ कि जानवरों की सेवा करना ही भगवान का काम है। मेरी मम्मी ने बचपन से ही जानवर से प्रेम करना और पशु पालन करना सिखाया है। इसलिए मैंने इसकी शुरुआत की।”

उन्होंने कहा- “मैं हमेशा से बहुत ज्यादा धार्मिक रहा हूँ। हमारे हिंदू धर्म में श्रीराम ने जटायु और छोटी सी गिलहरी को प्रेम दिया। माता रानी भी शेर पर बैठती हैं, माता लक्ष्मी के पास उल्लू है, सरस्वती माँ का वाहन मोर है और श्रीकृष्ण तो कहते हैं हाथी, घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की।”

उन्होंने बताया कि उनके द्वारा ये केंद्र कोविड की पीक पर वन्यजीवों के बचाव के लिए शुरू किया गया था। इसके लिए उन्होंने 3000 एकड़ की जगह में 600 एकड़ का जंगल बनाया जो कि हाथियों के लिए एक संपूर्ण आवास है। वो भारत के अलग-अलग जगहों से 200 के करीब हाथियों को बचाकर यहाँ ला चुके हैं। इसके अलावा 2000 से ज्यादा जानवरों का ये घर बन गया है।

उन्होंने बताया कि ‘ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू’ सेंटर 2020 में शुरू हुआ था। अब जूलॉजिकल रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर के लिए लगभग 3,000 लोग काम कर रहे हैं। इसमें से, कुछ लोग प्रवासी भी हैं, जो कि शिक्षक या प्रोफेसर की भूमिका में हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट में वह न्यूट्रिशियन स्पेशलिस्ट जैसी विभिन्न पृष्ठभूमियों से युवा स्नातकों को लेते हैं जिन्होंने अभी-अभी पशु चिकित्सा में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। हमारे पास कुछडॉक्टर भी हैं जो जानवरों के प्रति बेहद भावुक हैं।”

रिलायंस फाउंडेशन के डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा- “हमने 200 से ज्यादा हाथियों को बचाया और उन्हें देश के अन्य पार्कों से लेकर आए। हम यहाँ हाथियों की सेवा करते हैं। ये जूलॉजिकल पार्क नहीं बल्कि सेवालय है। 600 एकड़ इलाके को ऐसे विकसित किया गया है कि ये हाथियों के लिए प्राकृतिक वास है।”

उन्होंने कहा, “ये मेरा एक पैशन प्रोजेक्ट है। हमने अत्याधुनिक तकनीक वाला एक पशु चिकित्सालय बनाया है। अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें, एंडोस्कोपिक रोबोटिक सर्जरी मशीनें और 6 सर्जिकल सेंटर हैं। यहाँ अस्पताल में जानवरों के लिए कृत्रिम अंग लगाएँ जाएँगे… प्राणी उद्यान जल्द ही जनता के लिए खोला जाएगा।” अपनी होने वाली पत्नी राधिका मर्चेंट को लेकर उन्होंने कहा कि उनके वेंचर में और शख्स जुड़ेगा जो कि उन्हीं की तरह बड़ा जुनूनी है।

बता दें कि अनंत अंबानी के इस प्रोग्राम के तहत वनतारा में 43 प्रजातियों के 2000 से अधिक जानवर बचाव और पुनर्वास केंद्र में है। इसमें 200 से अधिक हाथी हैं, 300 से ज्यादा तेंदुए, बाघ, शेर सहित अन्य जंगली जीव रखे गए हैं। यहाँ 300 से अधिक शाकाहारी जानवरों को भी रखा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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