Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षापुलवामा के वीर: जन्मदिन मनाकर लौटे ही थे नसीर अहमद, किसे पता था यह...

पुलवामा के वीर: जन्मदिन मनाकर लौटे ही थे नसीर अहमद, किसे पता था यह आख़िरी होगा

नसीर अहमद का बेटा बार-बार बस यही दोहरा रहा था कि पहले वो पापा की मौत का बदला लेगा फिर अपना जन्मदिन मनाएगा।

पुलवामा आतंकी हमले में बलिदान हुए जवानों में एक नाम नसीर अहमद का भी है। 14 फरवरी को इस आत्मघाती हमले का शिकार हुए नसीर एक दिन पहले ही यानि 13 फरवरी को अपना 46 वाँ जन्मदिन मनाकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे।

22 साल सेना को दे चुके नसीर जम्मू-कश्मीर के राजौरी के हेड कांस्टेबल थे। साथ ही इस हमले से पहले नसीर उस बस के कमांडर थे, जिसे आत्मघाती हमले में निशाना बनाया गया।

नसीर अब अपने पीछे अपनी पत्नी शाजिया कौसर और दो बच्चे फ़लक (8 साल) और कशेस (6साल) को छोड़कर गए हैं। उनके पड़ोसी ने बताया कि नसीर अपने रिटायरमेंट के बाद डोदासन बाला में बसने की प्लॉनिंग कर रहे थे। 2014 में आई भीषण बाढ़ के समय नसीर पुलवामा में ही थे, इस दौरान उन्होंने दर्जन लोगों की जानें बचाई थी।

पिता की मौत के बाद नसीर को पाल पोस कर बड़ा करने वाले नसीर के बड़े भाई सिराज-दीन जम्मू-कश्मीर पुलिस में हैं और फिलहाल वहीं पर तैनात हैं।

सिराज ने बताया कि पिता ने अपने आखिरी समय में नसीर का हाथ उनके हाथ में देकर कहा था कि उसे अच्छे से रखना। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को वह जम्मू में थे, जब उन्हें अपने भाई की ख़बर मिली।

नसीर के भतीजे ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 3 बजे वो जम्मू से निकले थे। सीआरपीएफ के काफिले का उन्हें कमांडेंट बनाकर भेजा गया था। फिर अचानक ही ख़बरें आई कि 10 जवान बलिदान हो गए, कोई बोला 15 हो गए। अंत में पता चला कि हमारे अंकल भी उसी में शामिल थे।

नसीर का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गाँव पहुँचा तो दोदासन देशभक्ति के नारों से गूँज उठा। वहाँ मौजूद लोगों के चेहरे पर आतंकियों के प्रति गुस्सा भी देखने को मिला और काफ़ी आक्रोश भी।

नसीर अहमद का बेटा बार-बार बस यही दोहरा रहा था कि पहले वो पापा की मौत का बदला लेगा फिर अपना जन्मदिन मनाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

26 साल से जेल में बंद दारा सिंह होंगे रिहा: वकील का दावा, बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक जेल से छोड़ने का...

दारा सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को 15 अगस्त 2026 तक उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

‘मुस्लिम होने के कारण फँसा ताहिर हुसैन’ : दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद बचाव में उतर गया था पूरा वामपंथी गैंग, पूछ...

आईबी के अंकित शर्मा की हत्या कभी भी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के लिए चर्चा करने का विषय नहीं रही, उन्हें चिंता हमेशा ताहिर हुसैन की थी।
- विज्ञापन -