Homeदेश-समाज2 दिन से गायब था 11 साल का समीर, मदरसे में रेत के नीचे...

2 दिन से गायब था 11 साल का समीर, मदरसे में रेत के नीचे दबा मिला: बदबू आने से लाश का पता चला, परिजन जता रहे हत्या की आशंका

शव मदरसे के नीचे रेत में दबा मिला। शव से बदबू आ रही थी। मृतक बच्चे की पहचान समीर के तौर पर बताई गई है। उसके पिता जीवित नहीं हैं।

हरियाणा के एक मदरसे से 11 साल के बच्चे की लाश मिली है। यह मदरसा नूँह जिले के शाह चोखा गाँव में है। बच्चा दो दिन से लापता था। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

जिस बच्चे की लाश मिली है, वह मदरसे में ही पढ़ाई करता था। शनिवार (3 सितंबर 2022) को वह मदरसे से ही लापता हुआ था। सोमवार को उसका शव मदरसे के नीचे रेत में दबा मिला। शव से बदबू आ रही थी। मृतक बच्चे की पहचान समीर के तौर पर बताई गई है। उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं।

समीर अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। उसकी 3 बहने हैं। समीर के चाचा इकबाल ने हत्या की आशंका जताते हुए FIR दर्ज करवाई है।

बताया जा रहा है कि मदरसे में समीर एक साल से उर्दू और अरबी की पढ़ाई कर रहा था। मदरसा संचालक मौलाना जाकिर हुसैन ने बताया कि शनिवार की शाम पाँच बजे की नमाज में मौजूद था। लेकिन जब शाम के करीब 7 बजे बच्चों की हाजिरी ली गई तो वह नहीं मिला। इसके सभी बच्चों ने उसे तलाशा। जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई।

समीर के चाचा ने बताया कि समीर के गायब होने की सूचना मदरसा संचालक ने फोन पर दी थी। उसके बाद हमने उसे हर जगह तलाशा। सोमवार को बदबू आने के बाद लोगों को उसके शव का पता चला। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहराई से जाँच की माँग की है।

वहीं न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य घटना में नूँह जिले के ही पिनगवां स्थित एक मदरसे का छात्र सोमवार से लापता है। उसकी उम्र 15 साल है। अब तक उसका भी कोई सुराग नहीं लगा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो’: माँग जब जिद में बदल जाए, प्रदर्शन जब राजनीति की टूल बन जाए तो भीड़तंत्र को लोकतंत्र पर हावी...

कॉकरोचों को पता ही नहीं चला कि कब उनके नीचे की जमीन पर बैटिंग कोई और कर रहा है, और वो भी उस खेल में शामिल हो गए।

जौहर यूनिवर्सिटी के फायदे के लिए बना ₹150 करोड़ का फ्लाईओवर, आजम खान ने कौड़ियों के भाव जमीनें हड़पीं: रामपुर के ग्रामीणों ने ऑपइंडिया...

लोगों का आरोप है कि आजम खान अपने घर से सीधे और बिना किसी जाम के यूनिवर्सिटी पहुँचने के लिए इस ₹150 करोड़ के प्रोजेक्ट को पास करवाया था।
- विज्ञापन -