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कश्मीर में आतंकियों ने फिर बिहार के मजदूरों को बनाया निशाना, पुलवामा में बेतिया के 2 लोगों को मारी गोली

पुलवामा में मार्च महीने में प्रवासी मजदूरों पर आतंकवादी हमलों के चार मामले सामने आए थे। आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के बढ़ई मोहम्मद अकरम और बिहार के मजदूर विश्वजीत कुमार को गोली मार दी थी।

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकवादियों ने गैर कश्मीरियों को निशना बनाया है। पुलवामा के लिजोरा इलाके में सोमवार (3 अप्रैल 2022) दोपहर को आतंकियों ने दो मजदूरों को गोली मार दी। दोनों बिहार के रहने वाले हैं। घायल अवस्था में दोनों को पुलवामा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

जिन मजदूरों को गोली मारी गई है उनकी पहचान पातालश्वर कुमार और जोको चौधरी के रूप में हुई है। दोनों बिहार के बेतिया के रहने वाले हैं। पातालश्वर कुमार के दाएँ हाथ में गोली लगी है, जबकि जोको चौधरी के दाएँ हाथ और पैर में गोली लगी है। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने इलाके को सील कर दिया है।

यह आतंकी घटना ऐसे समय में हुई हैं, जब घाटी में पर्यटन में तेजी देखी जा रही है। घाटी में रोजाना हजारों की संख्या में सैलानी आ रहे हैं। 28 मार्च 2022 को घाटी में पर्यटकों को लेने और छोड़ने के लिए रिकॉर्ड 90 फ्लाइट्स का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले आतंकवादियों ने पंजाब के मजदूरों को अपना निशाना बनाया था। पुलवामा के नौपोरा गाँव में एक ड्राइवर और हेल्पर को गोली मार कर घायल कर दिया था। दोनों पंजाब के पठानकोट के निवासी थे।

पुलवामा जिले में ही मार्च महीने में प्रवासी मजदूरों पर आतंकवादी हमलों के चार मामले सामने आए हैं। 19 मार्च को आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के बढ़ई मोहम्मद अकरम को गोली मार कर घायल कर दिया था। दो दिन बाद यानी 21 मार्च को आतंकवादियों ने बिहार के प्रवासी मजदूर विश्वजीत कुमार को गोली मार दी थी।

इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में आतंकवादियों ने श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में कई प्रवासी मजदूरों पर हमले किए थे। श्रीनगर में आतंकियों ने एक ही दिन में बाहरी राज्यों से आए दो नागरिकों की हत्या कर दी थी। पहले ईदगाह इलाके में बिहार के एक रेहड़ी वाले को गोली मारी थी मृतक का नाम अरविंद कुमार साह था। वह बिहार के बाँका जिले का निवासी था। इसके बाद आतंकियों ने उसी दिन पुलवामा में सगीर अहमद नाम के शख्स को गोली मार दी थी, जो मिस्त्री का काम करते थे। इसी तरह श्रीनगर के ही लालबाजार में वीरेंद्र पासवान नाम के बिहार के महादलित ठेले वाले की हत्या कर दी गई थी। अक्टूबर 2021 में घाटी में 8 नागरिकों की हत्याएँ की गई थीं। सुरक्षा बलों ने इसके बाद चलाए गए अभियान में 11 आतंकियों को भी मार गिराया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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