Friday, June 18, 2021
Home देश-समाज 1 सप्ताह, 3 हिंसक वारदातें: नागा साधुओं की मॉब लिंचिंग को चोरी की घटना...

1 सप्ताह, 3 हिंसक वारदातें: नागा साधुओं की मॉब लिंचिंग को चोरी की घटना साबित करने में लगी थी मीडिया व महाराष्ट्र पुलिस

सैकड़ों लोगों द्वारा तीन लोगों की हत्या एक बहुत बड़ी ख़बर होती है और अगर इसे छिपाया गया है तो ज़रूर दाल में कुछ काला है। इससे पहले चोर बता कर हुई मारपीट या फिर डॉक्टर की गाड़ी में तोड़फोड़ वाली घटना में न तो भीड़ इतनी संख्या में थी और न ही किसी की हत्या हुई। पुलिस ने भी समय पर पहुँच कर बीच-बचाव कर लिया। ये सभी बातें साधुओं की हत्या को इन घटनाओं से अलग बनाती है।

महाराष्ट्र के पालघर में गुरुवार (अप्रैल 16, 2020) को दो नागा साधुओं सहित 3 व्यक्ति की भीड़ द्वारा पुलिस के सामने ही निर्मम हत्या के बाद बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। उस इलाक़े में अलग-अलग तरह की कई हिंसा की वारदातें होती रही हैं लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इस घटना वाले सप्ताह भी कुल मिला कर 3 ऐसी घटनाएँ हुईं, जिनमें भीड़ द्वारा हिंसा की वारदातों को अंजाम दिया गया। साधुओं की हत्या तो घृणा के एक नए माहौल की ओर इशारा करती ही हैं, लेकिन कुछ अन्य प्रकार की घटनाएँ भी हैं जो महाराष्ट्र पुलिस की पोल खोलती हैं।

इस घटना के अगले ही दिन शुक्रवार की रात दहानु में एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को जम कर पीटा गया। अगर गुरुवार को इतनी क्रूर और निर्मम वारदात हो चुकी थी तो फिर भीड़ की हिम्मत कैसे हुई कि वो अगले ही दिन अन्य आपराधिक कृत्य को अंजाम देने निकले? पुलिस ने किसी तरह समय पर पहुँच कर उस व्यक्ति को बचा लिया। ये वही पुलिस है, जिसने साधुओं की कोई मदद नहीं की। वृद्ध साधु जब पुलिसकर्मी के हाथ पकड़ता, तो उसका हाथ झटक दिया गया था। लगातार दो दिन अलग-अलग तरह की हिंसक वारदात हुई लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई।

मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को भी इतना पीटा गया कि उसके सिर में गहरी चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भीड़ यहाँ न सिर्फ़ पत्थरबाजी करती है, बल्कि लाठी-डंडों से भी वार करती है। हर घटना में ऐसा करने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। साधुओं की हत्या कासा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गडचिंचले गाँव में हुई थी, लेकिन गिरफ़्तार होने वालों में अधिकतर दहानु तालुका के गडचिंचले के ही हैं। ऊपर वाली घटना की बात करें तो ज़ाईदुबलपाड़ा में भी एक व्यक्ति को 15 लोगों ने घेर लिया और पुलिस के दावे के अनुसार उसे चोर बता कर उसकी पिटाई करने लगे। साधुओं वाली घटना में भी न सिर्फ़ पुलिस, बाकी मीडिया ने भी यही एंगल चलाया। सवाल पूछा जा सकता है कि क्या ऐसा करके कुछ छिपाया जा रहा है, ताकि इसे बाकी घटनाओं की तरह ही दिखाया जा सके?

जिस व्यक्ति को चोर बता कर उसकी पिटाई की गई, वो मराठी भी नहीं समझता था। उसे तमिल भाषा आती थी। उसकी भी पिटाई के समय पुलिस ने वहाँ पहुँच कर उसे बचा लिया लेकिन साधुओं को बचाने में पुलिस नाकाम साबित हुई। पुलिस ने एक तमिल बोलने वाले को बात समझने के लिए बुलाया लेकिन पीड़ित ने कुछ ख़ास जानकारी नहीं दी थी। इस मामले में भी वीडियो सबूत के आधार पर आरोपितों को चिह्नित तो किया गया लेकिन शनिवार तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हुई थी।

इसी तरह सारणी गाँव में स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर विश्वास वलवी की गाड़ी को घेर लिया गया था लेकिन पुलिस ने उन्हें बचा लिया। तुलनात्मक रूप से साधुओं की निर्मम हत्या के सामने ये घटनाएँ ख़बर नहीं बन पाई लेकिन ऐसी घटनाओं को नज़रअंदाज़ किया गया पुलिस द्वारा। साधुओं की मॉब लिंचिंग की घटना भी आम जनमानस के बीच तभी पहुँची, जब इसके वीडियो 3 दिन बाद वायरल हुआ, वरना इसे भी तो ‘चोरी से जुड़ा मामला’ ही बताया जा रहा था। अगर ऐसा है तो साधुओं की मॉब लिंचिंग में एनसीपी और सीपीएम नेताओं की मौजूदगी की बातें क्यों सामने आ रही हैं?

सैकड़ों लोगों द्वारा तीन लोगों की हत्या एक बहुत बड़ी ख़बर होती है और अगर इसे छिपाया गया है तो ज़रूर दाल में कुछ काला है। इससे पहले चोर बता कर हुई मारपीट या फिर डॉक्टर की गाड़ी में तोड़फोड़ वाली घटना में न तो भीड़ इतनी संख्या में थी और न ही किसी की हत्या हुई। पुलिस ने भी समय पर पहुँच कर बीच-बचाव कर लिया। ये सभी बातें साधुओं की हत्या को इन घटनाओं से अलग बनाती है। इलाक़े में मुस्लिम और ईसाई मिशनरियों के प्रभाव की बातें भी कही जा रही हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी कैबिनेट में वरुण गाँधी की एंट्री के आसार, राजनाथ बोले- UP में 2022 का चुनाव योगी के नाम

मोदी सरकार में जल्द फेरबदल की अटकलें कई दिनों से लग रही है। 6 नाम सामने आए हैं जिन्हें जगह मिलने की बात कही जा रही है।

ताबीज की लड़ाई को दिया जय श्रीराम का रंग: गाजियाबाद केस की पूरी डिटेल, जुबैर से लेकर बौना सद्दाम तक की बात

गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट की घटना में कब, क्या, कैसे हुआ। सब कुछ एक साथ।

टिकरी बॉर्डर पर शराब पिला जिंदा जलाया, शहीद बताने की साजिश: जातिसूचक शब्दों के साथ धमकी भी

जले हुए हालात में भी मुकेश ने बताया कि किसान आंदोलन में कृष्ण नामक एक व्यक्ति ने पहले शराब पिलाई और फिर उसे आग लगा दी।

‘अब मूत्रालय का भी फीता काट दो’: AAP का ‘स्पीडब्रेकर’ देख नेटिजन्स बोले- नारियल फोड़ने से धँस तो नहीं गया

AAP नेता शिवचरण गोयल ने स्पीडब्रेकर का सारा श्रेय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिया। लेकिन नेटिजन्स ने पूछ दिए कुछ कठिन सवाल।

वैक्सीन पर बछड़े वाला प्रोपेगेंडा: कॉन्ग्रेस और ट्विटर में गिरने की होड़ या दोनों का ‘सीरम’ सेम

कोरोना वैक्सीन पर ताजा प्रोपेगेंडा से साफ है कि कॉन्ग्रेसी नेता झूठ फैलाने से बाज नहीं आएँगे। लेकिन उतना ही चिंताजनक इस विषय पर ट्विटर का आचरण भी है।

राजनीतिक आलोचना बर्दाश्त नहीं, ममता सरकार ने की बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पोस्ट्स ब्लॉक करने की सिफारिश: सूत्र

राज्य प्रशासन के सूत्रों से पता चला है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पोस्ट्स को ब्लॉक करने की सिफारिश की।

प्रचलित ख़बरें

BJP विरोध पर ₹100 करोड़, सरकार बनी तो आप होंगे CM: कॉन्ग्रेस-AAP का ऑफर महंत परमहंस दास ने खोला

राम मंदिर में अड़ंगा डालने की कोशिशों के बीच तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने एक बड़ा खुलासा किया है।

‘भारत से ज्यादा सुखी पाकिस्तान’: विदेशी लड़की ने किया ध्रुव राठी का फैक्ट-चेक, मिल रही गाली और धमकी, परिवार भी प्रताड़ित

साथ ही कैरोलिना गोस्वामी ने उन्होंने कहा कि ध्रुव राठी अपने वीडियो को अपने चैनल से डालें, ताकि जिन लोगों को उन्होंने गुमराह किया है उन्हें सच्चाई का पता चले।

कोर्ट की चल रही थी वचुर्अल सुनवाई, अचानक कैमरे पर बिना पैंट के दिखे कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी

कोर्ट की प्रोसीडिंग के दौरान वरिष्ठ वकील व कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी कैमरे पर बिन पैंट के पकड़े गए।

‘राजदंड कैसा होना चाहिए, महाराज ने दिखा दिया’: लोनी घटना के ट्वीट पर नहीं लगा ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग, ट्विटर सहित 8 पर FIR

"लोनी घटना के बाद आए ट्विट्स के मद्देनजर योगी सरकार ने ट्विटर के विरुद्ध मुकदमा दायर किया है और कहा है कि ट्विटर ऐसे ट्वीट पर मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग नहीं लगा पाया। राजदंड कैसा होना चाहिए, महाराज ने दिखा दिया है।"

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने हटाई 2 बोतलें, पानी पीने की दी सलाह और कोका-कोला को लग गया ₹29300 करोड़ का झटका

पुर्तगाल फुटबॉल टीम के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो के एक अंदाज ने कोका-कोला को जबर्दस्त झटका दिया है।

सूना पड़ा प्रोपेगेंडा का फिल्मी टेम्पलेट! या खुदा शर्मिंदा होने का एक अदद मौका तो दे 

कितने प्यारे दिन थे जब हर दस-पंद्रह दिन में एक बार शर्मिंदा हो लेते थे। जब मन कहता नारे लगा लेते। धमकी दे लेते थे कि टुकड़े होकर रहेंगे, इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
104,567FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe