Homeदेश-समाज'5 साल में 40000 महिला लापता': द केरल स्टोरी की खुन्नस में गुजरात पर...

‘5 साल में 40000 महिला लापता’: द केरल स्टोरी की खुन्नस में गुजरात पर गुमराह कर रहा था मीडिया गिरोह, पुलिस ने आँकड़ों के साथ बता दी हकीकत

गुजरात पुलिस ने बताया है कि लापता हुई महिलाओं में से 95 फीसदी को उनके परिवार से मिलाया जा चुका है। जाँच के दौरान गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी, अंग तस्करी या यौन शोषण की मंशा सामने नहीं आई है।

द केरल स्टोरी (The Kerala Story) ने इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में ला दिया है। इससे आहत लिबरल और वामपंथी गैंग ने गुजरात को लेकर एक प्रोपेगेंडा शुरू किया था। इसमें राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों का हवाला देकर दावा किया जा रहा था कि गुजरात से 5 साल में करीब 40 हजार महिलाएँ गायब हुईं हैं। आधे-अधूरे तथ्यों के साथ चलाए जा रहे इस प्रोपेगेंडा का गुजरात पुलिस ने खंडन किया है।

वायरल पोस्ट में कहा जा रहा था कि साल 2016 से 2020 के बीच गुजरात से 40 हजार से अधिक महिला लापता हुई हैं। लेकिन सोमवार (8 मई 2023) को गुजरात पुलिस ने सिलसिलेवार ट्वीट में बताया है कि लापता हुई 41,621 महिलाओं में से 39,497 को खोज कर उनके परिवारों से वापस मिलाया जा चुका है।

ट्वीट में गुजरात पुलिस ने बताया है कि लापता महिलाओं की संख्या एनसीआरबी का है। लेकिन इनमें से 95% को बरामद कर उनके परिवार से मिलाया जा चुका है। पुलिस ने इन महिलाओं के लापता होने की वजह पारिवारिक विवाद, घर से भाग जाना, परीक्षा में फेल होना वगैरह बताए हैं। साथ ही कहा है कि जाँच से गुमशुदगी के इन मामलों में यौन शोषण या अंगों के लिए मानव तस्करी से जुड़े होने का सबूत नहीं मिला है।

गुजरात पुलिस बताया है कि गुमशुदगी के मामलों में स्थानीय पुलिस सुप्रीम कोर्ट के तय मापदंडों के अनुसार पड़ताल करती है। लापता लोगों का डाटा राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय के लिए एक खास वेबसाइट पर इसलिए अपलोड किया जाता है ताकि पड़ताल में अन्य राज्यों के पुलिस बल की मदद मिल सके।लापता व्यक्तियों की जाँच सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मापदंडों के आधार पर की जाती है। लापता हुए लोगों का डाटा एक खास वेबसाइट पर इसलिए पोस्ट किया जाता है जिस से उनकी राष्ट्रीय स्तर पर तलाश में अन्य राज्यों के पुलिस बल का सहयोग मिले। माना जा रहा है कि इस प्रकार की खबर को द केरला स्टोरी फिल्म से कनेक्ट करने की कोशिश की गई। उस फिल्म को केरल में हुईं लव जिहाद की घटनाओं से जोड़ कर बनाया गया था जिसमें लड़कियों का प्रयोग ISIS जैसे आतंकी संगठनों के लिए किया गया था।

भ्रम फैलाने में मीडिया संस्थान भी

गुजरात की 40 हजार महिलाओं के लापता होने की खबर को सोशल मीडिया यूजर्स के अलावा न्यूज़ 24 और न्यू इंडियन एक्सप्रेस जैसे मीडिया संस्थान ने भी प्रचारित किया। इन्होंने रिपोर्ट में 40 हजार से अधिक महिलाओं के लापता होने की जानकारी तो दी, लेकिन बरामद की गईं 39,400 महिलाओं के बारे में नहीं बताया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ‘गुजरात स्टोरी’ नाम देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरने की कोशिश की और पूछा कि इसकी कहानी कौन दिखाएगा।

अरफ़ा खानम और सायमा के ट्वीट्स

गौरतलब है कि गुजरात राज्य के खिलाफ ये प्रोपेगेंडा बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द केरला स्टोरी‘ की रिलीज के बाद किया गया है। यह फिल्म को केरल में हुई लव जिहाद की साजिशों का पर्दाफाश करती है। बताती है कि कैसे लड़कियों का ब्रेन वाॅश कर उनका धर्मांतरण और ISIS जैसे आतंकी संगठनों के लिए इस्तेमाल किया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक का अनशन हेडलाइन, ग्रामीणों का सत्याग्रह फुटनोट क्यों बन जाता है?

सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर शोर। लेकिन मध्य प्रदेश के जल सत्याग्रह पर खामोशी। आखिर कौन तय करता है? क्या सरकार हर आमरण अनशन के आगे झुकने को बाध्य है?

कनाडा-यूरोप में भारतीय गैंगस्टरों की दहशत, अमेरिका को शुरू करना पड़ा ऑपरेशन हार्ड बॉल: कौन हैं FBI का मोस्ट वांटेड नीतीश कौशल, कैसे काम...

FBI ने नीतीश कौशल को मोस्ट वांटेड सूची में डाला है। उस पर जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए हिंसा, अपहरण और हमलों में शामिल होने का आरोप है।
- विज्ञापन -