Sunday, May 19, 2024
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अब्बा जॉनी और बेटा अनस सहित आरिस, फहीम, इसरार, सीवान की मौत: हल्द्वानी में इस्लामी भीड़ का हमला, 300+ पुलिसकर्मी घायल

हल्द्वानी हिंसा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, तो करीब 300 लोग घायल हो चुके हैं, जिसमें अधिकाँश पुलिस कर्मी और अधिकारी हैं।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हर तरफ तनाव फैला है। इंटरनेट बंद है। कर्फ्यू लागू है और देखते ही गोली मारने के आदेश डीएम की तरफ से दिए गए हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हल्द्वानी का बनभूलपुरा थाना इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुँची पुलिस-प्रशासन पर इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला बोल दिया। इस हमले में पत्थरबाजी के साथ ही पेट्रोल-बम भी चलाए गए। दर्जनों गाड़ियों को आग लगा दिया गया। पुलिस थाने को घेर लिया गया और पुलिस वालों को निशाना बनाया गया। अभी तक मिल रही जानकारियों के मुताबिक, इस हिंसा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, तो करीब 300 लोग घायल हो चुके हैं, जिसमें अधिकाँश पुलिस कर्मी और अधिकारी हैं।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हिंसा में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है। जिसमें गफूर बस्ती के रहने वाले पिता-पुत्र जॉनी और अनस की मौत हो गई है। इसमें आरिस पुत्र गौहर उम्र – 16 साल की भी जान गई है। गाँधी नगर के रहने वाले फहीम की मौत हुई है, तो बनभूलपुरा के रहने वाले इसरार और सीवान (32) की भी मौत हुई। वहीं, पत्थरबाजी की घटनाओं में 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इन घायलों में हल्द्वानी के एसडीएम पारितोष वर्मा, कालाढूँगी की एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार सचिन कुमार, सीओ स्पेशल ऑपरेशन नितिन लोहनी समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल हैं।

ये मामला गुरुवार (08 फरवरी 2024) का है। जहाँ हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना इलाके में कोर्ट के ऑर्डर के बाद अतिक्रमण हटाने पहुँचे 800 प्रशासनिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पुलिस को घेर लिया गया। छतों से पत्थर चलाए गए। पुलिस को पूरी तरह से पीछे ढकेल दिया गया और बनफूलपुरा थाने को ही घेर लिया गया। गाड़ियों को आग लगा दिया गया। भीड़ को रोकने के लिए छोड़े गए आँसू गैस के गोलों का भी कोई असर नहीं दिखा। इस्लामिक भीड़ पूरी तरह से बेपरवाह दिखी, मानों वो सिर्फ आतंक का राज कायम करने पर ही उतारू थी।

इंटरनेट बंद, कर्फ्यू लागू, देखते ही गोली मारने के आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के हालात पर चर्चा के लिए हाई लेवल मीटिंग बुलाई। बैठक में शासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसी के साथ नैनीताल जिला प्रशासन ने दंगा प्रभावित क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके साथ ही उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, प्रशासन ने अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए हैं। इस बीचराज्य सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

अवैध मस्जिद-मदरसा तोड़ने पर कार्रवाई

बता दें कि जिस मदरसे और मस्जिद को लेकर कट्टर मुस्लिम भीड़ सड़क पर उतरी है, वो मलिका बगीचा में स्थित है। उत्तराखंड पुलिस प्रवक्ता और IG नीलेश भरने ने जानकारी दी है कि कई जिलों की पुलिस फ़ोर्स और पैरामिलिट्री को भी हल्द्वानी में लगाया गया है। साथ ही शुक्रवार (9 फरवरी, 2024) को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद हो रही थी।

सीएम धामी ने आश्वासन दिया है कि तोड़फोड़ व हिंसा करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का कहना है कि पत्थरबाजों को चिह्नित किया जा रहा है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। घायलों में SDM भी शामिल हैं। DCP अभिनव कुमार ने बताया कि अराजक तत्वों ने गोलीबारी भी की है। इलाके में 4000 से अधिक मकान अवैध अतिक्रमण कर के बनाए गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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