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राँची में ईसाई बनें 8 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, कहा- जब अपने किए पर हुआ पछतावा तो वापस लौटने की ठानी

कंडरकेल डुमरटोली के रहने वाले चैतू उरांव, खुशबू उरांव, अभिषेक उरांव, सुषमा उरांव, संजोती उरांव, जगनी उरांव, अमित उरांव और आर्यन उरांव ने फिर से सरना धर्म अपनाया है।

झारखंड की राजधानी राँची में आठ लोगों ने ईसाई धर्म छोड़ घर वापसी की है। लापुंग प्रखंड के कंडरकेल गाँव स्थित सरना स्थल में आदिवासी महासभा की ओर से आयोजित समारोह में ईसाई धर्म अपना चुके एक परिवार के आठ लोगों को सरना धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना कराकर घर वापसी की गई। ईटीवी के मुताबिक, कंडरकेल डुमरटोली के रहने वाले चैतू उरांव, खुशबू उरांव, अभिषेक उरांव, सुषमा उरांव, संजोती उरांव, जगनी उरांव, अमित उरांव और आर्यन उरांव ने फिर से सरना धर्म अपनाया है।

सरना धर्म अपनाने वाले लोगों को आदिवासी महासभा की ओर से धोती और साड़ी देकर सम्मानित किया गया। धर्म परिवर्तन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। इस दौरान सफेद मुर्गे की बलि देकर सारे धार्मिक अनुष्ठान किए गए, ताकि लोग ऐसी गलती दोबारा नहीं करें।

घर वापसी करने वाले चैतु उराँव ने बताया कि उसका परिवार लगातार बीमार रहता था। इस परेशानी से उबरने के लिए उसने ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन जब मुझे अपने किए पर पछतावा हुआ, तो मैंने अपने धर्म वापस जाने की ठानी।

आदिवासी महासभा के संयोजक देव कुमार धान ने कहा कि जो अपने मूल धर्म को छोड़कर दूसरे धर्म में चले गए हैं, उन्हें एक अभियान चलाकर अपने धर्म में वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले इसी साल अक्टूबर में ईसाई धर्म अपना चुके तीन परिवार के 16 लोगों ने राँची में घर वापसी की थी। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति ने कार्यक्रम का आयोजित कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने के बाद इन लोगों की घर वापसी करवाई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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