पिछले कुछ हफ्तों में देशभर में AC ब्लास्ट के कई मामले सामने आए हैं। अभी बुधवार (6 मई 2026) की रात ग्रेटर नोएडा के बीटा सेक्टर में एक घर में एयर कंडीशनर फटने से भीषण आग लग गई।
आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। हालाँकि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। बाद में दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया।

इससे पहले, दिल्ली के विवेक विहार में रविवार (3 मई 2026) को एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में एयर कंडीशनर (AC) फटने से भीषण आग लग गई थी। उस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग घायल हो गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान करीब 10 से 15 लोगों को आग से घिरी इमारत के अंदर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिससे एक बड़ा सवाल उठता है कि आखिर AC ब्लास्ट क्यों होते हैं?
जिसे आमतौर पर AC का ब्लास्ट कहा जाता है, वह असल में एयर कंडीशनर के कंप्रेसर, यानी आउटडोर यूनिट के मुख्य हिस्से या रेफ्रिजरेंट सर्किट में होने वाला जोरदार टूट या आग की घटना होती है।
AC ब्लास्ट होने का सबसे आम कारण कंप्रेसर पर दबाव का बढ़ जाना होता है। कंप्रेसर रेफ्रिजरेंट गैस को बहुत अधिक दबाव यानी सैकड़ों PSI (गैस को दबाना) तक दबाता है। अगर एयर फ्लो रुक जाए, फिल्टर गंदे हो जाएँ, यूनिट ओवरहीट हो जाए या गैस का लेवल सही न हो, तो अंदर दबाव अचानक बढ़ जाता है।
इससे सेफ्टी वाल्व फेल हो सकते हैं और कंप्रेसर का खोल फट सकता है। यह फटना कई बार इतना जोरदार होता है कि विस्फोट जैसी आवाज आती है और गर्म तेल या गैस बाहर निकल सकती है।
दूसरा कारण ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट भी हो सकता है। AC की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए कई आधुनिक AC में हल्के ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट जैसे R32 और R290 (प्रोपेन) का इस्तेमाल होता है। अगर इनमें लीकेज हो जाए तो यह हवा के संपर्क में आकर किसी इलेक्ट्रिक स्पार्क, जैसे कैपेसिटर, कंप्रेसर या खराब वायरिंग से मिलकर आग पकड़ सकता है।
पुराने R22 यूनिट ज्वलनशील नहीं थे, लेकिन नए इको-फ्रेंडली गैस वाले AC में इस तरह की समस्या रहती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल फॉल्ट और बाहरी कारण भी AC ब्लास्ट का कारण बन सकते हैं।
इसमें वोल्टेज फ्लक्चुएशन, शॉर्ट सर्किट, खराब या पुरानी वायरिंग शामिल हैं। इसके साथ ही गर्मियों में लगातार बिना ब्रेक के AC चलाना मशीन पर दबाव डालता है। गलत इंस्टॉलेशन या गलत गैस चार्जिंग की वजह से भी विस्फोट जैसी स्थिति बन सकती है।
गलत सर्विसिंग के कारण भी कई टेक्नीशियन की मौत के मामले सामने आए हैं। अगर लीकेज टेस्ट के लिए इस्तेमाल किया गया नाइट्रोजन पूरी तरह बाहर न निकाला जाए तो अंदर अतिरिक्त दबाव रह सकता है। वहीं सही तरीके से वैक्यूम न करने पर नमी रह जाती है, जिससे एसिड बनता है और धीरे-धीरे पुर्जे खराब होने लगते हैं।
AC की सर्विसिंग के दौरान यूनिट को पूरी तरह बंद करना जरूरी होता है। अगर सर्विसिंग के समय AC चालू रह जाए तो कंप्रेसर के अंदर जोरदार धमाका जैसा हादसा हो सकता है।दरअसल कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि सामान्य सर्विसिंग के दौरान भी AC मैकेनिकों की मौत कंप्रेसर ब्लास्ट की वजह से हुई है।
AC ब्लास्ट को रोकने के लिए सावधानियाँ
AC ब्लास्ट से बचने के लिए कुछ सरल लेकिन जरूरी सावधानियाँ हैं जिन्हें विशेषज्ञ और निर्माता कंपनियाँ सुझाती हैं। घरों में AC की सर्विस हर 6 महीने में एक ट्रेड टेक्नीशियन से करानी चाहिए, सिर्फ गैस भरवाना ही काफी नहीं है।
एयर फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें और आउटडोर यूनिट की कॉइल्स को धूल-मुक्त रखें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि यूनिट के चारों तरफ कम से कम 1 से 1.5 फीट की जगह हवा के लिए हो।
सबसे जरूरी बात यह है कि वोल्टेज स्टेबलाइजर का उपयोग करें, क्योंकि भारत में वोल्टेज फ्लक्चुएशन एक बड़ी समस्या है। यह भी ध्यान रखें कि वेंट्स कभी बंद न हों और AC को लगातार बिना ब्रेक के लंबे समय तक न चलाएँ।
AC की इंस्टॉलेशन की जगह भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसे हमेशा अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर लगाना चाहिए और बंद या हवा रहित जगहों से बचना चाहिए। समय-समय पर वायरिंग और कनेक्शन की जाँच करें और पुराने कैपेसिटर बदलते रहें।
सर्विसिंग के दौरान AC को मेन स्विच से पूरी तरह बंद करें और काम शुरू करने से पहले प्रेशर पूरी तरह डिस्चार्ज किया जाए। टेक्नीशियन द्वारा नाइट्रोजन पूरी तरह निकाला गया है और सही वैक्यूम किया गया हैं, यह सुनिश्चित करें।
कभी भी सर्विसिंग के बीच में AC चालू न करें। हमेशा ब्रांडेड गैस और उसका बिल माँगें। लोगों को DIY गैस रिफिल या खुद मरम्मत करने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा कर सकती है।
अगर AC से जलने की बदबू आए या अजीब आवाज सुनाई दे, तो तुरंत उसे बंद करें, प्लग निकाल दें और तकनीशियन को बुलाएँ। चूँकि आधुनिक AC में R32 या R290 जैसी हल्की ज्वलनशील गैसें होती हैं, इसलिए पर्याप्त वेंटिलेशन बहुत जरूरी है।
AC ब्लास्ट कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह खराब मेंटेनेंस, कमजोर इलेक्ट्रिकल सिस्टम या गलत सर्विसिंग का परिणाम होता है। सही जानकारी और सावधानी अपनाकर इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
(मूल रूप से ये रिपोर्ट अंग्रेजी में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)


