Friday, October 22, 2021
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‘कॉन्ग्रेसी, कॉमरेड और इस्लामी कट्टरपंथियों ने रची थी गुवाहाटी को जलाने की साजिश’

वीडियो में कॉन्ग्रेसी नेता कमरुल इस्लाम एक व्यक्ति से हाथ मिलाते हैं। इस्लाम उसी जगह पर मौजूद हैं, जहाँ हिंसा भड़की हुई उस वीडियो में दिख रही है। शर्मा ने कहा कि ये कॉन्ग्रेस नेता कमरुल का कोई हमशक्ल भी हो सकता है लेकिन...

असम सरकार में मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने पूर्वोत्तर में हो रही हिंसा को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। शर्मा ने दावा किया कि हिंसा की साज़िश दिल्ली में बैठे एक बुद्धिजीवी ने रची थी। राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि गुवाहाटी को दहलाने की साज़िश रची गई थी। उन्होंने कहा कि एक बड़े बुद्धिजीवी ने इस पुरी हिंसा की योजना तैयार की और उनकी मंशा थी कि उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े मेट्रोपोलिस गुवाहाटी को तबाह कर दिया जाए। हालाँकि, शर्मा ने किसी का भी नाम नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस बड़े बुद्धिजीवी की योजना थी कि असम के सचिवालय को ही जला डाला जाए। लेकिन, पुलिस की मुस्तैदी से ये मंशा कामयाब नहीं हो सकी।

उत्तर-पूर्व में भाजपा की बड़ी जीत व प्रचार-प्रसार के स्थानीय सूत्रधार रहे हेमंत विश्व शर्मा ने असम यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष कमरुल इस्लाम का एक फोटो भी दिखाया, जिसमें वो हिंसा वाली जगह पर मौजूद दिख रहे हैं। इस पूरी हिंसा को लेकर शर्मा ने कहा कि इसके लिए एक डिज़ाइन तैयार किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, ये साबित करने के लिए उनके पास सबूत भी हैं। बकौल शर्मा, एक बड़े बुद्धिजीवी ने जो कि एक अकादमिक व्यक्ति भी हैं, जनता भवन को जलाने की तैयारी की थी। आपको बता दें कि कॉन्ग्रेस ने अपील की थी कि लोग असम सचिवालय ‘जनता भवन’ के पास इकट्ठे हों।

हेमंत विश्व शर्मा ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें कमरुल इस्लाम एक व्यक्ति से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं। इस्लाम उसी जगह पर मौजूद हैं, जहाँ हिंसा भड़की हुई उस वीडियो में दिख रही है। हालाँकि शर्मा ने कहा कि ये कॉन्ग्रेस नेता कमरुल का कोई हमशक्ल भी हो सकता है लेकिन इस वीडियो की फॉरेंसिक जाँच आवश्यक है। उन्होंने सवाल किया कि हिंसा वाली जगह पर ये दोनों हाथ क्यों मिला रहे हैं? उन्होंने बताया कि इस हिंसा के पीछे पीएफआई के लोगों का हाथ है और सरकार इसके लिए सबूत इकट्ठा कर रही है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शर्मा ने यह आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस के एक धड़े और PFI ने असम में हिंसा को बढ़ावा दिया और प्रशासन को इसके तह तक जाकर जाँच करनी होगी। यह जानकारी जरूरी है कि ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ एक इस्लामी कट्टरपंथी आतंकी संगठन है। केरल से लेकर कर्नाटक और उत्तर-पूर्व तक, हिंसा की वारदातों में इस संगठन के नाम आते रहते हैं। असम में पुलिस ने हिंसा में लिप्त 107 लोगों को गिरफ़्तार किया है। हिंसा की वारदातों की जाँच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। असम सरकार केंद्र से माँग करेगी कि सीबीआई या एनआईए के अधिकारियों को इस हिंसा की जाँच सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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