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मस्जिद के आगे लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा, नोटिस भेज पुलिस ने कहा- ‘कानून से ऊपर कोई नहीं’: पुजारी ने आरोपों को नकारा

गोस्वामी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में नामांकन भरा था, लेकिन उनका कागजात खारिज हो गया था। कहा जाता है कि उन्होंने जालौन जिले के माधोगढ़ विधानसभा क्षेत्र भाजपा का टिकट माँगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था।

UP के जालौन जिले में अज़ान के दौरान हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) बजाने के आरोप में एक मंदिर के पुजारी पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज पुजारी ने अनशन किया। बाद में पुलिसकर्मियों के कहने पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वहीं, पुलिस ने 21 अप्रैल 2022 (गुरुवार) को पुजारी पर बिना अनुमति के लाऊडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने का आरोप लगाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला स्टेशन रोड का है। यहाँ पर एक मस्जिद के आगे मंदिर है जिसमें मंगलवार (19 अप्रैल) को हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। पुजारी मत्स्येंद्र गोस्वामी का आरोप है, “मैंने लाऊडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया। पुलिस के आरोप झूठे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट को किसी ने मेरी झूठी शिकायत दी है। बिना किसी जाँच के ही मुझ पर शांति भंग की कार्रवाई की गई है।”

पुलिस ने कहा कि पुजारी के खिलाफ शांति भंग करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 107/116 के तहत नोटिस दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानपुर क्षेत्र) भानु भास्कर ने कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है या माहौल खराब करता है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।

जालौन पुलिस के इंस्पेक्टर कोतवाली शिव कुमार राठौड़ के मुताबिक पुजारी मत्स्येंद्र गोस्वामी जालौन के तुलसी नगर मोहल्ले के निवासी हैं। शिकायत है कि उन्होंने घटना के दिन मस्जिद के आगे हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसी के चलते उन पर शांति भंग की कार्रवाई हुई है। पुलिस कार्रवाई से नाराज मत्स्येंद्र गोस्वामी ने जालौन के ही गांधी चबूतरा (मंच) पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। हालाँकि बाद में पुलिस के समझाने पर उन्होंने अपने अनशन को खत्म कर दिया।

इससे पहले गोस्वामी ने जालौन जिले के मुख्यालय उरई के बजरिया इलाके में मीट बेचने वाली दुकानों को कथित तौर पर बंद कर दिया था। बता दें कि गोस्वामी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में नामांकन भरा था, लेकिन उनका कागजात खारिज हो गया था। कहा जाता है कि उन्होंने जालौन जिले के माधोगढ़ विधानसभा क्षेत्र भाजपा का टिकट माँगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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