Wednesday, May 22, 2024
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त्रिपुरा में फैला ‘स्वाइन फीवर’, बड़ी संख्या में सूअरों को मारने का दिया गया आदेश: कई टीमों का गठन, मिजोरम में पहले से कहर

गौरतलब है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर मिजोरम में पहले ही कहर बरपा चुकी है। यहाँ संक्रमण बढ़ने के बाद 770 पशुओं को मार दिया गया है। बीमारी से आइजोल, चम्फाई, लुंगलेई और सैतुअल जिलों के कम से कम 17 गाँव प्रभावित हैं।

सूअरों को होने वाली बुखार अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) पूर्वोत्तर भारत में तेजी से फैल रहा है। मिजोरम में कहर मचाने के बाद अब यह बीमारी त्रिपुरा में भी पहुँच गई है। त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के देवीपुर स्थित पशु संसाधन विकास विभाग (ARDD) द्वारा संचालित सरकारी प्रजनन फार्म में पशुधन में ASF के मामलों का पता चला है। हालात को देखते हुए सरकार ने बड़ी संख्या में सुअरों को मारने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीमारी का पता चलते ही अगरतल्ला रोग जाँच केंद्र की टीम ने इस बीमारी से ग्रस्त फार्म का दौरा किया। इसके अलावा बीमारी को और अधिक फैलने से रोकने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा संचालित रोग जाँच लैब के एक अधिकारी ने कहा कि बीते 7 अप्रैल 2022 को जाँच के लिए तीन सैंपलों को भेजा गया था, जिनकी 13 अप्रैल को रिपोर्ट आने के बाद सभी नमूने पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा खेतों में रहने वाले सुअरों में भी इस बीमारी के लक्षण देखे गए हैं।

सुअरों के दफनाने के लिए खोदे गए गड्ढे

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी को रोकने के लिए पहले चरण में सुअरों को बड़े पैमाने पर मारने के बाद उन्हें दफनाने के लिए टीम ने 8-8 फीट के गड्ढे खोदे हैं। कोशिश ये है कि शुरुआती चरण में एक वर्ग किलोमीटर के दायरे में सभी सुअरों को मार दिया जाएगा और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उन्हें दफन किया जाएगा। ताकि इसे खेत की परिधि के अंदर ही रोका जा सके।

रिपब्लिक टीवी के सूत्रों के मुताबिक, सुअरों को दफनाने के बाद राज्य प्रयोगशाला के अधिकारी केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे और मुख्य केंद्रीय सचिव को हालातों से रूबरू कराएँगे। इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रयोगशाला अधिकारी भारत सरकार को एक पत्र लिखेंगे और केंद्र मुख्य सचिव को मामले से अवगत कराएगा। पशु संसाधन विभाग के फॉर्म में कुल 265 सुअर थे, जिनमें से 63 की मौत हो गई है। ऐसे में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।

गौरतलब है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर मिजोरम में पहले ही कहर बरपा चुकी है। यहाँ संक्रमण बढ़ने के बाद 770 पशुओं को मार दिया गया है। बीमारी से आइजोल, चम्फाई, लुंगलेई और सैतुअल जिलों के कम से कम 17 गाँव प्रभावित हैं।

क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर

यह सुअरों में पाई जाने वाली संक्रामक बीमारी है। स्वाइन फ्लू और अफ्रीकन स्वाइन फीवर अलग हैं। यह बीमारी सुअरों में काफी तेजी से फैलती है। हालाँकि, राहत भरी खबर ये है कि इसका इंसानों पर असर नहीं होता

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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