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2050 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाना चाहता था ‘धर्मांतरण गैंग’, यूट्यूब से फंडिंग उठाते थे गुर्गे… फिलिस्तीन को भी भेजे: ‘दावा’ देकर हिन्दुओं को मुस्लिम बनाते थे

गिरोह का पहला काम हिंदुओं से दोस्ती करना होता है। चाहे वह पहचान छिपाकर हो या बताकर हो। फिर 'दावा' के लिए न्यौता दिया जाता है। यहाँ दावा का अर्थ है, इस्लाम की ओर खींचना है।

आगरा से जुड़े धर्मांतरण गिरोह ने 2050 तक पूरे देश में इस्लाम फैलाने का टारगेट सेट किया था। इसके लिए नए लोगों को जोड़ने में लगे थे। गिरोह का नेटवर्क पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में भी था। इसके अलावा सोशल मीडिया को गिरोह ने हथियार बनाया हुआ था। इसके जरिए पाकिस्तान में बैठे लोगों से बात करते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के छात्र भी गिरोह से जुड़े हैं। छात्र स्लीपर सेल का काम करते हैं। उनका काम सिर्फ हिंदुओं को जाल में फँसाना होता है। आगरा की दो सगी बहनों को भी जम्मू-कश्मीर की ही छात्रा साइमा ने फँसाया था। बाकी गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया का सहारा लेकर हिंदुओं को फँसाते हैं।

गिरोह का पहला काम हिंदुओं से दोस्ती करना होता है। चाहे वह पहचान छिपाकर हो या बताकर हो। फिर ‘दावा’ के लिए न्यौता दिया जाता है। यहाँ दावा का अर्थ है, इस्लाम की ओर खींचना है। इस दौरान हिंदुओं को इस्लाम की अच्छाइयाँ और हिंदू धर्म की बुराइयाँ की जाती हैं। इस ब्रेनवॉश से सामने वाला युवक या युवती आसानी से इस्लाम को मानने लगेगा।

आगरा से जुड़े धर्मांतरण गिरोह में ब्रेनवॉश किए हिंदू युवक और युवतियों को पाकिस्तान के लोगों से जोड़ा जाता है। इस्लाम की किताबें पढ़ने को कहा जाता है। फिर इससे संबंधित सवाल-जवाब करते हैं। जाँच एजेंसी के मुताबिक, इस गिरोह में अब तक जिन युवतियों का धर्मांतरण हुआ है। उन्हें पाकिस्तान के तनवीर अहमद और साहिल अदीम से जोड़ा गया। जाँच एजेंसियाँ इनकी तलाश कर रही हैं।

रहमान कुरैशी फिलिस्तीन को भेजता था फंड

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मांतरण गिरोह में अब तक 14 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से एक है सराय ख्वाजा निवासी रहमान कुरैशी। रहमान धर्म परिवर्तन करने के लिए यूट्यूब चैनल चला रहा था। इसके जरिए क्राउड फंडिंग भी करता था और उन पैसों को फिलिस्तीन की मदद के लिए भेजता था। यह मदद क्रिप्टो करंसी और डॉलर में पहुँचाई जाती थी। पुलिस इसके माध्यम की जाँच में जुटी है।

जानें पूरा मामला

हाल ही में आगरा से जुड़े धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस गिरोह के तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इन्हें कनाडा, UAE और अमेरिका से फंडिंग मिलती थी। यह मामला आगरा की दो लापता बहनों की जाँच से सामने आया, जिन्हें कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से रेसक्यु किया गया।

मामले में पुलिस ने 10 आरोपितों को अलग-अलग राज्य से गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के बाद गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से ही धर्मांतरण गैंग से जुड़े नए-नए खुलासे हो रहे हैं। यहाँ से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इनमें गोवा से आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, कोलकाता से शेखर रॉय उर्फ अली हसन, कोलकाता से ओसामा, आगरा से रहमान कुरैशी, मुजफ्फरनगर अब्बू तालीब, देहरादून से अबुर रहमान, कोलकाता से रित बानिक उर्फ इब्राहिम, जयपुर से जुनैद कुरैशी, दिल्ली से मुस्तफा उर्फ मनोज, जयपुर से मोहम्मद अली, दिल्ली से सरगना अब्दुल रहमान, दिल्ली से जुनैद कुरैशी, दिल्ली से अब्दुल्ला और अब्दुल रहीम को गिरफ्तार किया है। इनमें से 11 को 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। वहीं, जुनैद कुरैशी, अब्दुल्ला और अब्दुल रहीम को जेल भेजा जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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