Homeदेश-समाज'मुझे वायरस का वेरिएंट समझ रहे': मुनव्वर फारुकी के बाद अब बेंगलुरु में कुणाल...

‘मुझे वायरस का वेरिएंट समझ रहे’: मुनव्वर फारुकी के बाद अब बेंगलुरु में कुणाल कामरा के सभी कॉमेडी शो रद्द हुए, कहा – मिली थी धमकी

कुणाल कमरा ने कहा, "हैलो बेंगलुरु के लोगों। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आने वाले 20 दिनों में बेंगलुरु में होने वाले मेरे सभी शो रद्द कर दिए गए हैं।"

कॉमेडियन कुणाल कामरा के अगले 20 दिनों में बेंगलुरु में होने वाले सभी शो रद्द कर दिए गए हैं। कामरा ने बुधवार (1 दिसंबर 2021) को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर यह जानकारी दी। कुणाल कामरा ने लिखा, “हैलो बेंगलुरु के लोगों। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आने वाले 20 दिनों में बेंगलुरु में होने वाले मेरे सभी शो रद्द कर दिए गए हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “शो को दो कारणों से रद्द किया गया है। पहला कि हमें वेन्यू पर 45 लोगों को बैठाने की अनुमति नहीं मिली, जबकि इस वेन्यू पर ज्यादा लोगों की बैठने की जगह है। दूसरा, मेरा शो होने पर वेन्यू को बंद करवा देने की धमकी दी गई है। यह भी कोविड प्रोटोकॉल और नई गाइडलाइंस का हिस्सा है। मुझे लगता है मुझे वायरस के वेरिएंट की तरह देखा जा रहा है।”

कामरा ने ट्विटर पर लिखा, “ट्विटर पर उन लोगों के लिए जो सोच रहे हैं कि एक कामरा कैसे परफॉर्म कर सकता है, जबकि एक फारूकी को कॉमेडी छोड़नी पड़ी। उन लोगों के जवाब के रूप में काम करना चाहिए। ये वहीं हैं जिन्होंने सवाल किया था कि उनके शो को अनुमति क्यों दी जा रही थी, जबकि मुनव्वर फारूकी के शो रद्द कर दिए गए थे।”

बता दें कि बीते दिनों कथित कॉमेडियन कुणाल ने एक ट्विटर यूजर को गाली दी थी। उसने अपने साथी कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी वाले बयान की आलोचना किए जाने पर ऐसा किया था। एक पत्रकार ने कामरा से इस सम्बन्ध में बयान माँगा था, जिसके जवाब में उन्होंने ये बयान जारी किया। हालाँकि, इस बयान में ये समझ में नहीं आया कि वो क्या बातें कर रहे हैं और क्या कहना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया था कि बढ़ते समय के साथ उन्हें हमेशा ये महसूस होता जा रहा है कि कॉमेडियंस को हँसी की ज्यादा से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -