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आजादी के अमृत महोत्सव पर स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ बना रहा अमूल, दुग्ध क्रांति से लेकर महिला सशक्तिकरण में निभाई अभूतपूर्व भूमिका: देखें वीडियो

अमूल सहकारी आंदोलन ग्रुप का 75वें साल में कुल टर्नओवर 53,000 करोड़ (€ 6.01 बिलियन) रुपए पर पहुँच गया है। कोरोना महामारी के कारण बाजार में उपजे नकारात्मक प्रभाव के बावजूद अमूल फेडरेशन ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 39,248 करोड़ रुपए का कारोबार किया।

वर्ष 1946 में स्थापित दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी डेयरी कंपनी, अमूल भी भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर अपनी 75वीं वर्षगाँठ मना रहा है। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के रूप में पहचाने जाने वाले मिल्क ब्रांड अमूल की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है। इसमें कंपनी उन 36 लाख महिला डेयरी किसानों का जश्न मना रही है, जिन्होंने उसे इन 75 वर्षों में इसे सशक्त बनाया है।

भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अभियान के वीडियो का एक अंश साझा किया और लिखा, “1946 में स्थापित #Amul 36 लाख महिला किसानों के जीवन को समृद्ध करके और हर दिन 135 करोड़ भारतीयों को स्वाद, स्वास्थ्य और पोषण देकर, विकास के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।#75YearsofAmul”।

इस गीत में दिखाया गया है कि कैसे देश पिछले कुछ वर्षों में फला-फूला है और दुग्ध क्रांति (श्वेत क्रांति) ने कैसे देश की महिलाओं की तस्वीर बदल दी है। अब, बदलते समय के साथ, डिजिटल भुगतान समेत तमाम तकनीकी प्रगति के साथ अमूल 75 साल का हो गया है। वीडियो में महिलाओं को पारंपरिक कपड़े पहने मोटरसाइकिल की सवारी करते हुए दिखाया गया है और बताया गया है कि कैसे सहकारी आंदोलन ने महिलाओं को स्वावलंबी और स्वतंत्र बना दिया है। समय के साथ ब्रांड दुनिया के हर कोने में अपनी पहुँच बनाने में सफल रहा है।

इसके वीडियो के जरिए बहुत ही खूबसूरत तरीके से इस बात को रेखांकित किया गया है कि कैसे सहकारी समितियों ने पिछले सात दशकों से लैंगिक समानता का समर्थन किया है, महिलाओं को बाहर निकलने और पारिवारिक आय में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया है।

आज अमूल सहकारी आंदोलन ग्रुप का 75वें साल में कुल टर्न ओवर 53,000 करोड़ (€ 6.01 बिलियन) रुपए पर पहुँच गया है। कोरोना महामारी के कारण बाजार में उपजे नकारात्मक प्रभाव और डेयरी कमोडिटी बाजारों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव के बावजूद गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (अमूल फेडरेशन) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 39,248 करोड़ रुपए का कारोबार किया है।

अमूल ऐसा ब्रांड है, जिसने पिछले दो दशकों में देश में दुग्ध के उत्पादन को दोगुना करते हुए लगभग 130 मिलियन टन सालाना तक पहुँचा दिया और भारत को दूध की कमी वाले देश की श्रेणी से बाहर निकालकर दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश बनने में मदद की है। अमूल दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी डेयरी कंपनी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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