Saturday, June 15, 2024
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‘ब्राह्मण-बनियावाद मुर्दाबाद’: अशोक विश्वविद्यालय में हिंदू विरोधी नारेबाजी से फैला गुस्सा, लोगों ने की कार्रवाई की माँग

हरियाणा के सोनीपत में स्थित अशोक यूनिवर्सिटी में 26 मार्च 2024 को छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान हिंदू विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों द्वारा "ब्राह्मण-बनियावाद मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ब्राह्मण और बनिया समुदाय को गाली देने के अलावा, उन्होंने "जय भीम-जय मीम" और "जय सावित्री-जय फातिमा" जैसे नारे लगाए। उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण की भी माँग की।

हरियाणा के सोनीपत में स्थित अशोक यूनिवर्सिटी में 26 मार्च 2024 को छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान हिंदू विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों द्वारा “ब्राह्मण-बनियावाद मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ब्राह्मण और बनिया समुदाय को गाली देने के अलावा, उन्होंने “जय भीम-जय मीम” और “जय सावित्री-जय फातिमा” जैसे नारे लगाए। उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण की भी माँग की।

हिंदूफोबिक नारों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स में गुस्सा

अशोक यूनिवर्सिटी में इस तरह की नारेबाजी को लेकर सोशल मीडिया में गुस्सा फैल गया। कई लोगों ने यूनिवर्सिटी में इस तरह की नारेबाजी की अनुमति देने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की आलोचना की। डीडी न्यूज से जुड़े पत्रकार प्रखर श्रीवास्तव ने सवाल किया कि इन छात्रों में आखिर नफरत भर कौन रहा है?

सोशल मीडिया यूजर अंशुल सक्सेना ने लिखा, “यह अशोक यूनिवर्सिटी से है। नारा है ब्राह्मण-बनियावाद मुर्दाबाद। पहले उन्होंने ब्राह्मणों को निशाना बनाया और अब बनियों को। जो कोई भी यह मानता है कि यह विशिष्ट जातियों तक ही सीमित है, वह गलत है, क्योंकि वो एक से होते हुए दूसरे और फिर आपको भी निशाना बनाएँगे। उनका लक्ष्य हिंदुओं को विभाजित करना और उन पर हमला करना है।”

एक्स यूजर मिस्टर सिन्हा ने सवाल दागा, “ब्राह्मण-बनियावाद मुर्दाबाद” ऐसे नारे अशोक यूनिवर्सिटी में लग रहे हैं। वे ब्राह्मणों पर अतीत में अत्याचार करने का आरोप लगाते हैं लेकिन बनिया समाज के बारे में क्या? सच तो यह है कि वे ब्राह्मण, बनिया या किसी अन्य जाति से नफरत नहीं करते, वे हिंदू धर्म से नफरत करते हैं। ऐसे जागरुक जोकरों के साथ अच्छा व्यवहार करने की जरूरत है।”

बताया जा रहा है कि ऐसा ही प्रदर्शन 22 मार्च 2024 को भी हुआ था। इस प्रदर्शन को आयोजित करने के पीछे ‘सामाजिक न्याय मंच’ नाम का ग्रुप था। एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया गया कि उन्होंने 22 मार्च 2024 को संजीव बिखचंदानी की क्लास को डिस्टर्ब भी किया।

इस पोस्ट के दावे के जवाब में इंफो एज के संस्थापक संजीव बिखचंदानी ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, “ये बात बढ़ा चढ़ा कर कही जा रही है। क्लास के पहले घंटे के बाद 10 मिनट के ब्रेक के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र क्लास के दरवाजे के बाहर आकर खड़े हो गए। उन्होंने 2-3 मिनट नारेबाजी की और फिर चले गए। मैं क्लास के अंदर कुछ छात्रों से बातचीत कर रहा था। हमारी बातचीत पहले की तरह जारी रही। मुझे पहले से बताया गया था इस प्रोटेस्ट के बारे में। सभी लोगों को मेरी सलाह है कि अशोक यूनिवर्सिटी एक छोटी सी जगह है। उन्हें जनगणना करानी है, तो प्रशासन के भरोसे रहने की जगह इसे स्वयं करना चाहिए।”

पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आंदोलन 7 दिन पहले शरू हुआ था। ये सभी छात्र नेता कॉन्ग्रेस के नेता राहुल गाँधी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान उठाई गई जनगणना की माँग की तर्ज पर यूनिवर्सिटी में जाति आधारित जनगणना की माँग कर रहे थे। छात्रों की माँग है कि यूनिवर्सिटी में हर साल जातीत जनगणना कराई जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि यूनिवर्सिटी में सामान्य वर्ग के कितने छात्र हैं और कितने ओबीसी या एससी-एसटी कम्यूनिटी के।

जाति जनगणना के अलावा छात्रों की माँग है कि देर से आने पर लगने वाली फाइन को खत्म किया जाए और डॉ भीमराम आंबेडकर की याद में कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। इस मामले में अशोक यूनिवर्सिटी की तरफ से एक प्रेसनोट जारी किया गया है, जिसमें छात्रों की माँगों पर विचार करने की बात कही गई है। हालाँकि हिंदू विरोधी नारेबाजी करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।

पहले भी विवादों में रहा है अशोक यूनिवर्सिटी

अशोक यूनिवर्सिटी का विवादों से पुराना नाता रहा है। जनवरी 2021 में अशोक विश्वविद्यालय में नीलांजन सरकार नाम के प्रोफेसर ने बीजेपी की आलोचना के बहाने भगवान राम का मजाक उड़ाया था। एक्स पर उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा था, “पूरी तरह अद्भुत! यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस नहीं हैं, यह प्रसिद्ध बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी की एक तस्वीर है जो एक फिल्म में नेताजी का किरदार निभा रहे हैं।” इसके अलावा भी ये यूनिवर्सिटी कई बार विवादों में रही है।

ये समाचार मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया है। इसे मूल रूप में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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