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‘मिल रही जान से मारने और मथुरा छोड़ने की धमकी’: ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट’ के अध्यक्ष ने किया केस वापस लेने का एलान

आशुतोष पांडेय सिद्धपीठ माता शाकुम्भरी के पीठाधीश्वर भी हैं। अपने कामों के बारे में बताते हुए आशुतोष ने कहा कि उन्होंने ईदगाह कमेटी पर कई केस दर्ज करवाए।

‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट’ के केंद्रीय अध्यक्ष आशुतोष पांडेय को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बात का खुलासा खुद आशुतोष ने रविवार (12 मार्च, 2023) को मथुरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया है। धमकी देने वाले ने आशुतोष से मथुरा छोड़ देने और अपना केस वापस लेने के लिए कहा है। इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की गई है। पीड़ित ने खुद को कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा भी धमकाए जाने का आरोप लगाया है। आशुतोष ने आने वाली 23 मार्च, 2023 को अपना मुकदमा वापस लेने का एलान भी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशुतोष पांडेय ने कहा कि इस से पहले भी उन्हें 3 बार जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले को आशुतोष ने मुस्लिम युवक बताया है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस ने की लेकिन आरोपों के अनुसार ,इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आशुतोष ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकारों पर भी गलत तरीके से पैरवी का आरोप लगाया है। बकौल आशुतोष, उन पर 22 केस हैं जो व्यक्तिगत झगड़ो के नहीं बल्कि धर्म की रक्षा के लिए लड़ाई के चलते दर्ज हुए हैं।

आशुतोष पांडेय ने अपनी शिकायत में मथुरा जिले में तैनात कुछ पुलिस वालों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें केस वापसी की धमकी देने में कुछ खाकी वर्दी वाले भी शामिल हैं। मथुरा में मस्जिदों से लाऊडस्पीकर के जरिए अजान होने का आरोप लगाते हुए आशुतोष पांडेय ने इसमें स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत बताया। उनका यह भी कहना है कि स्थानीय प्रशासन ने उनकी जन जागरण यात्रा को मुख्यमंत्री का आदेश बता कर रुकवा दिया था।

आशुतोष पांडेय सिद्धपीठ माता शाकम्भरी के पीठाधीश्वर भी हैं। अपने कामों के बारे में बताते हुए आशुतोष ने कहा कि उन्होंने ईदगाह कमेटी पर कई केस दर्ज करवाए। इसमें बिजली चोरी का केस भी शामिल हैं। आशुतोष का मुकदमा वाद संख्या 12/2023 है। उन्होंने कहा कि आने 23 मार्च को वो अपना केस वापस ले लेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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