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आतंकियों के खिलाफ अभियान से जिस IPS की बनी पहचान, वे कैंसर से पत्नी की मौत से टूटे: ICU में खुद को मारी गोली, मिला था गैलेंट्री अवॉर्ड

शिलादित्य चेतिया 2009 बैच के IPS अधिकारी थे। उन्हें 2015 में स्वतंत्रता दिवस पर वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था। ये पुरस्कार उन्हें तमाम अपराधियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए दिया गया था।

असम के गृह सचिव सेक्रेट्री शिलादित्य चेतिया को अपनी पत्नी की मौत का ऐसा सदमा लगा कि उन्होंने पत्नी के शव के सामने ही खुद को गोली मार ली। शिलादित्य की उम्र मात्र 44 साल थी। मंगलवार (18 जून 2024) शाम जैसे ही उन्हें खबर मिली कि कैंसर से जूझ रही उनकी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं रहीं, वह वैसे ही मेडिकल स्टाफ से मिन्नतें करके आईसीयू कैबिन में गए कि उन्हें अपनी पत्नी के लिए प्रार्थना करनी है। इसके बाद उन्होंने वहीं अपनी सरकारी बंदूक से खुद को गोली मार ली। आवाज सुनते ही वहाँ हड़कंप मच गया।

नेमकेयर अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश बरुआ ने बताया, “गोली की आवाज सुनते ही हम लोग दौड़े और उन्हें अपनी पत्नी के शव के पास लेटे हुए पाया। हमने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके। उन्होंने खुद को गोली मार ली थी। उनकी पत्नी का करीब दो महीने से अस्पताल में इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उनकी हालत बिगड़ गई। हमने चेतिया को उनकी हालत के बारे में बताया और उन्होंने हमारी बात समझ ली थी।”

बता दें कि शिलादित्य चेतिया 2009 बैच के IPS अधिकारी थे। वे असम के तिनसुकिया और सोनितपुर जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) भी रह चुके थे। होम सेक्रेटरी के पद पर तैनात होने से पहले उन्होंने असम पुलिस की चौथी बटालियन के कमांडेंट के रूप में भी काम किया था। उन्हें 2015 में स्वतंत्रता दिवस पर वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था।

उल्लेखनीय है कि शिलादित्य चेतिया को जो अवार्ड मिला वो कोई सामान्य पुरस्कार नहीं था। ये अवार्ड शास्त्रीय रूप से सैन्य कर्मियों, कानून प्रवर्तन अधिकारियों और नागरिकों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने कर्तव्यों या दूसरों की रक्षा में असाधारण वीरता और निस्वार्थता स्थापित की है। शिलादित्य चेतिया को भी ये अवार्ड उनकी बहादुरी देख ही दिया गया था। उन्होंने ड्यूटी में रहते हुए तमाम अपराधियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए दिया गया था।

ऐसे में लोग इस खबर को सुनने के बाद हैरान हैं। कहा जा रहा है कि इतना बहादुर इंसान जिसने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाते वक्त अपनी जान की परवाह नहीं की, वो पत्नी की मौत का गम नहीं झेल पाए… ये देखना बहुत पीड़ादायक है। जानकारी के मुताबिक, शिलादित्य चेतिया की पत्नी अगमोनी बोरबरुआ की की शादी 12 मई, 2013 को उनकी शादी हुई थी और इस जोड़े का कोई बच्चा नहीं था। पिछले कुछ समय से उनपर एक के बाद एक दुख आ रहे थे। पहले उनकी माँ का निधन हुआ, फिर उनकी सास और अब उनकी पत्नी का।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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