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बाबर के वंशज ने किया फैसले का स्वागत, कहा- मंदिर बनवाने के लिए सोने की ईंट भेंट करूँगा

प्रिंस ने फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस तरह से देश में 26 जनवरी और 15 अगस्त को खुशियाँ मनाई जाती है, उसी तरह से आज के दिन को भी राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद पर सुनाए गए फैसले का बाबर के वंशज और मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फर के परपोते याकूब हबीबुद्दीन उर्फ़ प्रिंस तुसी ने भी स्वागत किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए वे सोने की ईंट भी ट्रस्ट को देंगे।

प्रिंस तुसी ने फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस तरह से देश में 26 जनवरी और 15 अगस्त को खुशियाँ मनाई जाती है, उसी तरह से आज के दिन को भी राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस फैसले को सभी पक्षों को कबूल करना चाहिए।

उन्होंने ने सभी से शांति कायम रखने की अपील करते हुए कहा, “जिस तरह से हिन्दू भाई हमारे फंक्शन रमजान में, बकरीद में हमारा साथ देते हैं, उसी तरह से इस फैसले के बाद हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएँ और जहाँ तक हमारे सोने की ईंट की बात थी, वो हम देंगे।”

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जितने नेताओं की भड़काने की दुकानें हैं, वो आपको भड़काने की कोशिश करेंगे। मगर आप उनके बहकावे में न आएँ। रामलला की जहाँ जगह थी, उसे कायम रखा जाएगा और फिर दोनों मजहब के लोग मिलकर वहाँ मंदिर बनाएँगे। सारी दुनिया देखेगी कि हिन्दुस्तान एक सेक्युलर देश है।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या विवाद पर हो रही सुनवाई के दौरान याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने अयोध्या में राम मंदिर की पहली ईंट रखने की ख्वाहिश जताई थी। तुसी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की इच्छा जताते हुए कहा था, “हमारा परिवार उसकी पहली ईंट रखेगा और हम मंदिर की नींव के लिए सोने की शिला दान करेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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