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बागपत: मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ की परमिशन देने से आहत मुस्लिमों ने गुप्त बैठक कर मौलाना को निकाला, हिन्दू करेंगे पंचायत

मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा आयोजित की गई गोपनीय बैठक में मौलाना को हटाने का निर्णय लिया गया। वहीं दूसरी तरफ हिन्दू समुदाय के लोग मौलाना को समर्थन देने के लिए पंचायत की तैयार पूरी कर चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सौहार्द का हवाला देते हुए विनयपुर गाँव की मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने की परमिशन देने वाले मौलाना को मस्जिद से निकाल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर मौलाना अपना पूरा सामान लेकर गाजियाबाद स्थित लोनी चला गया है।

मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा आयोजित की गई गोपनीय बैठक में मौलाना को हटाने का निर्णय लिया गया। वहीं दूसरी तरफ हिन्दू समुदाय के लोग मौलाना को समर्थन देने के लिए पंचायत की तैयार पूरी कर चुके हैं। 

दरअसल बागपत में खेकड़ा क्षेत्र के विनयपुर गाँव में भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं जनसंख्या फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनुपाल बंसल मंगलवार (नंवबर 3, 2020) को मस्जिद में पहुँचे थे। उनका कहना था कि मौलाना अली हसन से इजाजत लेने के बाद उन्होंने भाईचारे के लिए पवित्र स्थान मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया। हनुमान चालीसा के पाठ को फेसबुक पर लाइव किया गया और गायत्री मंत्र का पाठ भी किया गया था। 

इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आई थीं। मनुपाल बंसल जिला पंचायत चुनाव की तैयारियाँ में भी जुटे हुए हैं। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि पुलिस ने जानकारी मिलते ही मामले की जाँच कराई। मौलाना की सहमति ली गई थी। मनुपाल बंसल विनयपुर की मस्जिद में जाते रहते हैं।

इस वीडियो में वह यह भी अपील कर रहे थे कि कोई ऐसे मामलों को तूल न दें और लोग आपसी सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग भाईचारे से रहें। कोई तर्क-वितर्क न करें, हम सब हिंदुस्तानी हैं, कोई किसी पर कटाक्ष न करें।

वहीं, मस्जिद के मौलाना अली हसन ने कहा था कि ऊपर वाले का नाम कहीं भी बैठकर लिया जा सकता है। सब जगह उसकी बनाई हुई है। उन्होंने ही मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठन करने की इजाजत दी थी। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सभी लोग भाईचारे से काम लें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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