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उत्तराखंड में 11 वर्षों से रह रही थी बांग्लादेशी महिला, मकान खरीदने के साथ-साथ बनवा लिया था वोटर कार्ड और आधार: पुलिस ने किया गिरफ्तार

जाँच में पता चला कि महिला के पास बांग्लादेश का पासपोर्ट भी है, जिसकी वैधता 25 दिसंबर 2014 को खत्म हो चुकी है। वहीं, उसकी वीजा की वैधता भी 18 सितंबर 2011 को समाप्त हो चुकी है। 

उत्तराखंड पुलिस ने राजधानी देहरादून से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। यह महिला पिछले 11 सालों से अवैध रूप से उत्तराखंड के ऋषिकेश में रह रही थी। इतना ही नहीं इसने ऋषिकेश में मकान भी खरीद लिया था और उसने वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया है।

दरअसल, राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार (Pushkar Singh Dhami Government) ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से ठहरे विदेशी नागरिकों की खोजबीन का काम शुरू किया है। राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में अपने गुप्तचर विभाग को अलर्ट कर दिया है।

यह दिशा-निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को दिया गया है। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे अपने यहाँ ओवरस्टे करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करे और उन्हें वापस भेजे। इसी निर्देश के तहत पहचान में जुटी राज्य सरकार के गुप्तचर विभाग ने महिला को गिरफ्तार किया।

गुप्तचर विभाग को पता चला कि ऋषिकेश के आवास विकास कॉलोनी में एक बांग्लादेशी महिला कई वर्षों से रह रही है। जानकारी मिलते ही पुलिस सोनिया चौधरी (40 वर्ष) पत्‍नी बावला चौधरी जिला देहरादून के घर गई और जाँच की

पुलिस के मुताबिक, सोनिया चौधरी मूल रूप से बांग्लादेश के ग्राम खंडाकिया, पोस्ट यूनुस नगर, थाना हजारी, जिला चटगाँव की रहने वाली है। महिला ने यहाँ साल 2016 में मकान खरीद कर उसकी रजिस्ट्री भी करा ली थी। महिला ने अवैध तरीके से भारतीय पासपोर्ट (Indian passport), मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड भी बनवा लिया था। 

जाँच में पता चला कि महिला के पास बांग्लादेश का पासपोर्ट भी है, जिसकी वैधता 25 दिसंबर 2014 को खत्म हो चुकी है। वहीं, उसकी वीजा की वैधता भी 18 सितंबर 2011 को समाप्त हो चुकी है। 

उत्तराखंड पुलिस ने महिला के खिलाफ थाना ऋषिकेश में मुकदमा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120B और विदेशी अधिनियम की धारा 14 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत केस दर्ज कर लिया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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