Tuesday, May 17, 2022
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‘हस्ताक्षर नहीं मैच हो रहे थे, चेहरा भी छिपा रखा था’: सामने आया बैंक में हिजाबी महिला के हंगामे का सच, अब्बू-भाई को भी बुलाया था

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि बैंक के कर्मचारी बैंक के अंदर वीडियो बनाने के लिए मना कर रहे हैं।

कर्नाटक (Karanataka) के उडुपी जिले से शुरू हुआ हिजाब (Hijab) का विवाद बिहार (Bihar) में प्रवेश कर गया है। प्रदेश के बेगूसराय जिले के यूको बैंक में पैसे निकालने के लिए आई मुस्लिम लड़की के हस्ताक्षर में फर्क दिख रहा था, जिस पर बैंक के मैनेजर ने उसकी पहचान करने के लिए उसे हिजाब उतारकर चेहरा दिखाने को कह दिया। बस फिर क्या था मुस्लिमों ने इस मामले को कर्नाटक हिजाब विवाद से जोड़कर बैंक के अंदर हंगामा करना शुरू कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला बेगूसराय जिले के मंसूर चौक स्थित यूको बैंक का है। जहाँ 10 फरवरी 2022 को कस्तूरी गाँव के रहने वाले मतीन आलम की बेटी शमा तबस्सुम हिजाब पहनकर बैंक में पैसे निकालने के लिए गई थी। लड़की का आरोप है कि घटना वाले दिन वो हिजाब पहनकर में पैसे निकालने के लिए गई थी। जैसे ही उसका नंबर आया तो वो कैशियर के पास गई, लेकिन कैशियर ने उससे कहा कि हिजाब खोलो तो ही पैसे देंगे, अन्यथा नहीं। शमा तबस्सुम ने कहा, “कैशियर के पैसे देने से मना करने के बाद मैंने उससे कहा कि पैसे तो आपको देने ही पड़ेंगे। फिर मैंने अपने अब्बू और भैया को फोन कर इसकी जानकारी दी। वो लोग आए और बैंक में हंगामा किया तो बाद में बैंक मैनेजर ने पैसे दिए।”

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि बैंक के कर्मचारी बैंक के अंदर वीडियो बनाने के लिए मना कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद मुस्लिम पक्ष कह रहा है कि वो वीडियो बनाना बंद नहीं करेगा। वो लोग इसे फेसबुक पर शेयर करेंगे। एक व्यक्ति जो खुद को लड़की का पिता बताता है वो कहता है कि आप हमें लिखकर दीजिए कि बैंक के अंदर हिजाब की इजाजत नहीं है। लड़की का पिता कहता है कि यहीं से अभी तक हमारा पैसे का लेनदेन होता था, लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। अब ये लोग हिजाब निकालने के लिए कह रहे हैं। ये कर्नाटक से आया है। हम थाने जाएँगे। नहीं तो ये लोग मुझे सरकार का निर्देश दिखाएँ।

हालाँकि इस मामले में बैंक की ओर से भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। बैंक के मैनेजर रितेश कुमार ने इस मामले को बेबुनियाद बताते हुए कहा, “आइडेंटिटी कन्फर्म करने के लिए हिजाब निकालने के लिए कहा गया था। क्योंकि, हस्ताक्षर थोड़े से अलग थे। इसीलिए कैशियर ने आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर चेहरा दिखाने के लिए कहा था। हमारा हिजाब विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।”

वहीं अब इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने ट्वीट किया, “माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, कुर्सी की ख़ातिर आप बिहार में यह सब क्या करवा रहे हैं? माना आपने अपना विचार, नीति, सिद्धांत और अंतरात्मा सब भाजपा के पास गिरवी रख दिया है लेकिन संविधान की जो शपथ ली है कम से कम उसका तो ख़्याल रखिए। इस कुकृत्य के दोषी लोगों को गिरफ़्तार कीजिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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