Homeदेश-समाजबिहार में जो पुल हुआ ध्वस्त, मनीष कश्यप ने कब की खोल दी थी...

बिहार में जो पुल हुआ ध्वस्त, मनीष कश्यप ने कब की खोल दी थी वहाँ हुई धाँधली की पोल: वीडियो में जता दी थी गिरने की आशंका, भाग गए थे इंजीनियर

इस वीडियो में मनीष कश्यप ने दिखाया था कि कैसे बिना सेफ्टी पैरामीटर (हेलमेट, जैकेट, ग्लव्स, जूते) के मजदूर ऊँचे ऊपर चढ़ कर काम कर रहे थे।

बिहार में एक पुल अपने-आप ध्वस्त हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जम कर वायरल हो रहा रहा है। सुल्तानगंज-अगुवानी का ये पुल बिहार के दो जिलों भगलपुर और खगड़िया को जोड़ने के लिए 1717 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा था। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब ये पुल गिरा हो। यही पुल एक बार और ध्वस्त हो चुका है। दोनों हादसे निर्माण कार्य के दौरान ही हुए। तब YouTuber मनीष कश्यप ने इस मामले को उठाया था।

ये पुल 2014 से ही बन रहा है। पिछली बार जब ये ध्वस्त हुआ था, उसके बाद मनीष कश्यप यहाँ पहुँचे थे और ‘सच तक न्यूज़’ पर वीडियो डाल कर भी बताया गया था कि कैसे मनीष कश्यप को देखते हुए वहाँ के इंजीनियर लोग भागने लगे थे। मनीष कश्यप पर फ़िलहाल NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगा दिया गया है और उन्हें तमिलनाडु की जेल में रखा गया है। उन्होंने तमिलनाडु में बिहारी श्रमिकों के साथ हिंसा का आरोप लगाते हुए वीडियोज शेयर किए थे।

उस समय मनीष कश्यप ने बताया था कि कैसे वहाँ एक इंजीनियर की तब अमृत हो गई थी। पुल हवा से उड़ गया। वहाँ मौजूद लोगों ने इस बारे में पूछने पर कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता। 19 मई को आँधी के दौरान ये मौत हुई थी। मनीष कश्यप ने इन पुलों को लेकर जाँच बिठाने की माँग करते हुए कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो 5 वर्ष बाद बिहार में हर दिन कहीं न कहीं कोई पुल गिरेगा। उन्होंने गिरे पुल के मलबे भी दिखाए थे, जिन्हें मजदूरों द्वारा काटा जा रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि बिना इंजीनियर की देखरेख में काम चल रहा है, इसीलिए ये दुर्घटनाएँ हो रही हैं। उन्होंने पूछा था कि बिना निगरानी में काम में कोई गड़बड़ी हुई तो कौन देखेगा? मजदूरों की सेफ्टी का भी ध्यान नहीं रखा गया था, कइयों ने हेलमेट भी नहीं पहना था। इस दौरान एक मजदूर कहता भी है कि आपके कैमरे की वजह से सारे इंजीनियर हटे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने एसपी सिंगला का भी नाम लिया था, जिन्हें बिहार में अधिकतर पुल के टेंडर मिलते हैं।

इस वीडियो में मनीष कश्यप ने दिखाया था कि कैसे बिना सेफ्टी पैरामीटर (हेलमेट, जैकेट, ग्लव्स, जूते) के मजदूर ऊँचे ऊपर चढ़ कर काम कर रहे थे। एक व्यक्ति ने बताया कि कैमरा और माइक देख कर पानी पटाने का काम शुरू कर दिया गया। इस दौरान वहाँ काम कर रहे एक व्यक्ति ने धाँधली की आशंका भी जताई थी। मनीष कश्यप ने पुल पर चढ़ कर भी खामियाँ दिखाई थीं। कास्टिंग की गुणवत्ता भी गड़बड़ थी।

एक व्यक्ति ने बताया कि खुद मिस्त्री ने बताया है कि सीमेंट की क्वालिटी ठीक नहीं थी। बीच में सीमेंट के बोर छोड़ दिए गए थे, सीमेंट ऊपर-नीचे होने के कारण पानी लगने की समस्या भी आ सकती है, ये भी मनीष कश्यप ने बताया था। अब पूरा देश इस पुल के ध्वस्त होने का नजारा देख रहा है। इस पुल को तैयार करने की समयसीमा 8वीं बार बढ़ चुकी है। इसे 2019 में ही तैयार किया जाना था। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका शिलान्यास किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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