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नालंदा: दुकान पर भगवा झंडा लगाने पर कार्रवाई, ऑपइंडिया के सवाल पर SHO ने कहा- गूगल सर्च करें

दुकान पर भगवा झंडा लगाने को लेकर बजरंग दल नालंदा के सदस्य कुन्दन कुमार और धीरज कुमार के साथ ही 5 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। इन पर आईपीसी की धारा 147, 149, 188, 153 (A) और 295 (A) के तहत कार्रवाई की गई है।

झारखंड के बाद अब बिहार के नालंदा में फल, सब्जी और किराने की दुकान पर भगवा झंडा लगाने को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। यहाँ पर बजरंग दल के दो सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्थानीय हिंदुओं से आग्रह किया था कि वे अपनी जरूरत की वस्तुएँ जैसे फल, सब्जी, राशन इत्यादि हिंदुओं की दुकान से ही खरीदें।

इस मामले पर कार्रवाई बिहारशरीफ प्रखण्ड विकास अधिकारी राजीव रंजन की शिकायत पर हुई। स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने इस FIR की कॉपी ट्विटर पर शेयर की है। इसके मुताबिक बजरंग दल नालंदा के सदस्य कुन्दन कुमार और धीरज कुमार के साथ ही 5 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। इन पर आईपीसी की धारा 147, 149, 188, 153 (A) और 295 (A) के तहत कार्रवाई की गई है।

जब इस बाबत ऑपइंडिया ने लहेरी पुलिस स्टेशन के SHO रंजीत राय से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने मीडिया को कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “आप जाकर गूगल पर सर्च कीजिए। हम आपसे फोन पर बात नहीं करेंगे।” दरअसल हमने ये जानने की कोशिश की थी कि 295 (A) क्यों लगाया गया है? 295 (A) की धारा तभी लगाई जाती है, जब किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाई जाती है। मगर यहाँ पर तो किसी की भी धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुँचाया गया था और ना ही अपमान किया गया था।

उल्लेखनीय है कि इसी तरह झारखंड के जमशेदपुर में कुछ फल विक्रेताओं ने अपनी दुकानों के आगे ‘हिंदू फल की दुकान’ लिखे पोस्टर लगाकर फल बेचना शुरू किया था। इसके बाद ऐसे दुकानदारों पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप में पुलिस ने कार्यवाही की। इन दुकानदारों के खिलाफ ‘हिंदू’ शब्द लिखने के लिए कार्यवाही हुई। हालाँकि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पीड़ित फल विक्रेताओं से मिलकर उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

दुकान पर हिंदू लिख देने से कार्रवाई करने वाली सरकार से जनता कई इस्लामी नाम वाले दुकानों की तस्वीरें ट्वीट कर पूछ रहे हैं कि अगर हिन्दू ऐसा नहीं कर सकते तो दूसरों को छूट क्यों है? विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि संगठन इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगा।

उन्होंने कहा, “यदि भारत में अपने संस्थान पर हिन्दू लिखना, भगवा फहराना या विश्व हिंदू परिषद या बजरंग दल से जुड़ा होना अपराध है तो बंद करो उन सभी दुकान, होटलों व अन्य संस्थानों को भी, जिनसे जिहादी होने की बू आती है। क्या हिन्दू पर आक्रमण ही सेक्यूलरिज्म है? बिहार और झारखंड क्या पाकिस्तान में हैं? क्या बिहार व झारखंड सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी विक्रेता के सिर पर गोल टोपी, लम्बी दाढ़ी व ओछा पजामा नहीं होगा? कोई भी व्यवसायी इस्लाम, मोहम्मद व खान इत्यादि सांप्रदायिक शब्दों का प्रयोग नहीं करेगा?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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