Homeदेश-समाजपंजाब में स्थानीय भीड़ ने बिहारी स्टूडेंट्स पर बोला हमला… हाथ में तलवारें, छात्र...

पंजाब में स्थानीय भीड़ ने बिहारी स्टूडेंट्स पर बोला हमला… हाथ में तलवारें, छात्र लहूलुहान: रिपोर्ट में दावा, वाइस चांसलर ने कहा – लड़ाई बिहारी छात्रों के दो गुटों में

छात्रों ने बताया कि हमलावरों में स्थानीय लोग शामिल थे, जिन्होंने बेरहमी से तलवारें चलाईं। दो दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हैं और कुछ की हालत गंभीर है।

पंजाब के बठिंडा में गुरु काशी यूनिवर्सिटी के कैंपस में बिहार के छात्रों पर हमलों की खबर आ रही है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया। कई छात्रों के सिर फट गए, हड्डियाँ टूट गईं और खून से लथपथ हालत में वो मदद की गुहार लगा रहे हैं।

बठिंडा के गुरु काशी यूनिवर्सिटी के पीड़ित छात्रों का कहना है कि पिछले 5 दिनों से हालात भयावह बने हुए हैं। इनमें बीटेक, बीफार्मा, बीसीए, एमसीए, एमबीए जैसे कोर्स के छात्र शामिल हैं, जो पढ़ाई के लिए घर से इतनी दूर आए थे। लेकिन अब उनकी जान पर बन आई है।

छात्रों ने बताया कि हमलावरों में स्थानीय लोग भी शामिल थे, जिन्होंने बेरहमी से तलवारें चलाईं। दो दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हैं और कुछ की हालत गंभीर है। छात्रों का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने उनकी मदद करने की बजाय उल्टा बिहारी छात्रों को ही हिरासत में ले लिया।

छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड भी हमलावरों के साथ मिले हुए थे और उन्होंने फायरिंग तक की। लहूलुहान छात्रों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री को मेल भेजकर मदद माँगी है। इस घटनाक्रम से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

वहीं, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एसके बावा ने कहा कि ये झगड़ा बिहारी और पंजाबी छात्रों के बीच नहीं, बल्कि बिहार के छात्रों के दो गुटों के बीच हुआ था। एक गुट ने अपने स्थानीय दोस्तों को बुला लिया, जिससे बात बिगड़ गई। डॉ. बावा ने कहा कि हमलावर छात्रों की पहचान कर ली गई है और उन्हें यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -