Monday, May 20, 2024
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जिस निजाम अशगर हाशमी ने उमेश का गला काटा, हाईकोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा रद्द कर दे दी बेल: गर्लफ्रेंड के भाई का मिला था शव

हाशमी 21 जून 2018 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है, इसलिए उसकी सजा इस केस की सुनवाई जारी रहने तक निलंबित की जाती है और 50 हजार के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश देती है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रेमिका के चचेरे भाई का सर काटकर मौत के घाट उतारने वाले निजाम असगर हाशमी की उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है, साथ ही उसे जमानत भी दे दी है कि वो कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र होगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने हत्या में प्रयुक्त बाँके पर मिले खून के निशान वाली रिपोर्ट को भी नहीं माना और कहा कि निजाम असगर हाशमी करीब साढ़े 5 से ज्यादा समय जेल में बिताया है, इसलिए उसे तुरंत रिहा कर दिया जाए।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस श्याम सी चांडक की खंडपीठ ने की और 8 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि हत्या में प्रयोग किए गए बाँके पर इंसानी खून मिला। कोर्ट ने कहा, “अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार एक खाई में मिला, जिसमें घुटने तक पानी भरा हुआ था। इसके बावजूद फॉरेंसिक रिपोर्ट में उस हथियार पर इंसानी खून मिलने की बात कही गई है, जिसे हम खारिज करते हैं, क्योंकि PW2 की उपस्थिति में ऐसा होना संभव नहीं।” कोर्ट ने इस बात का भी लाभ असगर हाशमी को दिया कि वो CCTV फुटेज में भले ही उमेश के साथ दिखा था, लेकिन उमेश का शव तीन दिन बाद मिला था।

पुलिस ने जाँच के दौरान निजाम असगर हाशमी की निशानदेही पर एक नहर के पास बनी खाई से हत्या का हथियार सत्तूर यानी बाँका, मृतक का पैन कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 30 सितंबर 2023 को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इस मामले में हाशमी के वकीलों ने सजा पर रोक लगाने और हाशमी को जमानत पर रिहा करने की माँग करते हुए याचिका दाखिल की थी, जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगा दी। इस मामले में हाई कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट खारिज कर दी और कहा कि उमेश और हाशमी एक साथ जब दिखे, उसके तीन दिन बाद शव मिला। इसकी जाँच की जरूरत है। वहीं. चूँकि हाशमी 21 जून 2018 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है, इसलिए उसकी सजा इस केस की सुनवाई जारी रहने तक निलंबित की जाती है और 50 हजार के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश देती है।

कोर्ट ने कहा है कि जब तक मामला चलता रहेगा, तब तक हाशमी को जमानत प्राप्त रहेगी, लेकिन वो शर्तों का उल्लंघन करता है, तो जमानत निरस्त भी की जा सकती है। कोर्ट ने हाशमी को शुरू के एक साथ तक हर माह के पहले सोमवार को पुणे के कोंढावा पुलिस स्टेशन में हाजिरी देने के लिए कहा है, इसके बाद वो हर तीन माह पर पहले सोमवार को अपनी हाजिरी देगा। अगर 2 बार वो लगातार हाजिरी नहीं देता है, तो उसकी जमानत खारिज कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि 19 जून 2018 को पुणे के कोंढावा में एक शव बरामद हुआ था। इस शव का सिर गायब था और शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था। डीएनए जाँच के बाद ये पता चला कि शव उमेश इंगले का था। उमेश इंगले की चचेरी बहन के साथ असगर हाशमी का संबंध था। उमेश पुणे के बिबावेवाड़ी में बालाजी फिटनेस क्लब अक्सर जाया गया था, लेकिन 16 जून 2018 को जिम से घर निकलने के बाद उमेश गायब हो गया था। एक व्यक्ति ने शाम के समय उमेश को हाशमी के साथ देखा था। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों करीब 7.50 बजे शाम को दिखे थे, इसके तीन दिन बाद उमेश का सिर कटा शव मिला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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