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अल्लाह जाने किसने हिन्दू बच्चों को मारा, बोले साजिद के गाँव वाले मुस्लिम: परिवार 2 बार बदल चुका है ठिकाना

सखानू में ऑपइंडिया ने स्थानीय दुलीचंद से बात की। उन्होंने बताया कि साजिद का परिवार यहाँ का मूल निवासी नहीं है। उन्होंने यह खुलासा किया कि साजिद का परिवार इससे पहले दो बार अपना ठिकाना बदल चुका है। साजिद का परिवार इससे पहले ककराला और उपराला गाँव में रहते थे। यह दोनों गाँव भी बदायूँ जिले में ही हैं।

बदायूँ में दो हिन्दू बच्चों के हत्यारे साजिद के गाँव के मुस्लिम इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन बच्चों की हत्या किसने की। उनका कहना है कि साजिद ने किसी और ने उन बच्चों को मारा है, वह यह नहीं जानते। वहीं अन्य स्थानीय लोग बता रहे हैं कि साजिद का परिवार इससे पहले दो बार अपना ठिकाना बदल चुका है।

ऑपइंडिया बदायूँ में हिन्दू बच्चों की हत्या के मामले में ग्राउंड पर जाकर सच जानने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में ऑपइंडिया बदायूँ में बच्चों की हत्या करने वाले साजिद के गाँव पहुँचा। यह गाँव बदायूँ से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है और इसका नाम सखानूं है।

सखानू में ऑपइंडिया ने स्थानीय दुलीचंद से बात की। उन्होंने बताया कि साजिद का परिवार यहाँ का मूल निवासी नहीं है। उन्होंने यह खुलासा किया कि साजिद का परिवार इससे पहले दो बार अपना ठिकाना बदल चुका है। साजिद का परिवार इससे पहले ककराला और उपराला गाँव में रहते थे। यह दोनों गाँव भी बदायूँ जिले में ही हैं।

दुलीचंद ने बताया कि साजिद के दादा का नाम गनी था जो कि दवाई देते थे। दुलीचंद ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उन्हें कोई गुंडई नहीं दिखी। इस दौरान दुलीचंद ने वर्तमान योगी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में यहाँ शासन व्यवस्था ठीक है।

दुलीचंद ने बताया कि गाँव में आधे से अधिक मुस्लिम आबादी है, बाकी में हिन्दू हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगाया गया था तब यहाँ बाहर के बहुत से लोगों को छुपाया गया था। उन्होंने यह बताया कि 2017 से पहले यहाँ दबंगई से मजदूरी भी करवाई जाती थी।

सखानू के ही एक मुस्लिम व्यक्ति से बात करने पर उसने इस बात पर शक जाहिर किया कि हिन्दू बच्चों की हत्या साजिद ने की है या किसी और ने की है। उन्होंने कहा कि यह बात अल्लाह जान सकता है कि साजिद ने ही बच्चों को मारा है या किसी और ने मारा है।

इससे पहले ऑपइंडिया को घटनास्थल के आसपास रहने वालों ने बताया था कि बदायूँ के इस इलाके में उसके परिवार की 11 दुकानें हैं। स्थानीय लोगों ने बताया था कि वैसे यह सारी दुकानें रात 8-9 बजे तक खुली रहती थीं। घटना के दिन जब लोगों ने ढूँढा तो एक भी दुकान नहीं खुली थी। सारे परिजन भाग चुके थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि इस हत्या के पीछे कोई बड़ा राज है और सभी को जानकारी थी।

साजिद और जावेद की दुकान पर बाल कटवाने के लिए जाने वाले इन स्थानीय लोगों ने बताया था कि दोनों बातचीत में सामान्य थे और इन्होने कलावा भी बाँध रखा था। उन्होंने बताया कि इनके अधिकांश परिजनों ने ऐसे नाम रखे हैं जिनसे सीधे सीधे धर्म का पता ना लगे।

गौरतलब है कि 19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान मौजूद रहा साजिद का भाई जावेद फरार था। पुलिस की टीमे उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। जावेद पर पुलिस ने ₹25,000 का इनाम भी घोषित किया था। जावेद को आज (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया है।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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