Homeदेश-समाजहैदराबाद से गोरखपुर जा रही बस रीवा में गिट्टी लदे ट्रक से टकराई, 15...

हैदराबाद से गोरखपुर जा रही बस रीवा में गिट्टी लदे ट्रक से टकराई, 15 की मौत और 40 घायल: कइयों के हाथ-पैर कटे, दीपावली में घर जा रहे थे यात्री

कहा जा रहा है कि बस के आगे-आगे गिट्टी से लदा भारी ट्रक चल रहा था। अचानक उसने ब्रेक लगा दिया। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर ट्रक के पीछे जा घुसी। बस की केबिन में भी 3-4 लोग फँस गए थे। इस हादसे में कई लोगों के हाथ-पैर कट गए हैं।

मध्य प्रदेश के रीवा (Rewa, Madhya Pradesh) में एक हादसे में बस में सवार 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं। राहगीरों की सूचना के बाद घायलों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। बस तेलंगाना के हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रही थी।

शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को करीब 11:30 बजे यात्रियों से भरी बस ट्रक के पीछे से टकरा गई। इसके बाद बस के केबिन में बैठे लोग बुरी तरह इसमें फँस गए। मृतकों एवं घायलों को निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त अधिकांश यात्री नींद में थे।

कहा जा रहा है कि बस के आगे-आगे गिट्टी से लदा भारी ट्रक चल रहा था। अचानक उसने ब्रेक लगा दिया। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर ट्रक के पीछे जा घुसी। बस की केबिन में भी 3-4 लोग फँस गए थे। इस हादसे में कई लोगों के हाथ-पैर कट गए हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

बस में सवार लोग दीपावली में अपने घर जा रहे थे। बस के बोनट और आगे की सीट पर बैठे सभी यात्रियों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने मृतकों को उनके घर तक भेजने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही घायलों का रीवा और प्रयागराज में नि:शुल्क इलाज कराया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -