Wednesday, July 17, 2024
Homeदेश-समाजसंदेशखाली की 80 महिलाएँ कोर्ट को सुनाना चाहती हैं आपबीती, HC ने अनुमति दी:...

संदेशखाली की 80 महिलाएँ कोर्ट को सुनाना चाहती हैं आपबीती, HC ने अनुमति दी: आवेदन या हलफनामे के जरिए दर्ज होंगे बयान

कोलकाता हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता प्रियंका टिबरेवाला ने खंडपीठ के समक्ष बताया था कि संदेशखाली की 80 ऐसी महिलाएँ हैं जो अपना अनुभव और आपबीती को साझा करना चाहती हैं। इसी के बाद कोर्ट ने इस मामले में हलफनामे के जरिए बयान रिकॉर्ड करने की अनुमति दी।

कोलकाता हाईकोर्ट ने गुरुवार (7 मार्च 2024) को संदेशखाली महिलाओं को कोर्ट के आगे उनकी शिकायत दर्ज कराने की अनुमति दे दी। कोर्ट में याचिकाकर्ता प्रियंका टिबरेवाला ने बताया था कि संदेशखाली की 80 ऐसी महिलाएँ हैं जो अपना अनुभव साझा करना चाहती हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने उनकी बात पर गौर करते हुए कहा कि ये शिकायतें आवेदन या हलफनामे के जरिए दाखिल की जा सकती हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि सभी 80 शिकायतकर्ता महिलाओं को अदालत में लाना थोड़ा मुश्किल होगा इसलिए टिबरेवाला इसे एक आवेदन या पूरक हलफनामा के जरिए दायर करवा सकती हैं और उनकी पीड़िता अदालत के रिकॉर्ड में आ सकती है।

कोर्ट ने इस निर्देश के साथ ये भी कहा कि पीड़िताओं के बयान दर्ज होने से पहले उचित तरीके से सत्यापित किए जाने चाहिए और महिलाओं की पहचान भी साफ होनी चाहिए। पीठ ने ये भी कहा कि स्थानीय महिलाएँ अगर अपनी भाषा में बयान देंगे तो उसकी अनुवादित कॉपी भी उनके समक्ष रखी जाए। इसके अलावा कोर्ट ने इन महिलाओं को सुरक्षा देने की अनुमति भी प्रदान की है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बंगाल पुलिस को कोलकाता हाई कोर्ट ने पक्षपाती कहकर उनकी आलोचना की थी। बंगाल पुलिस ने कहा था कि टीएमसी नेता शाहजहाँ को संरक्षित करने का काम पुलिस ने किया वो भी तब जब वो ईडी पर हमला करके भाग गया था। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जाँच बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी।

बता दें कि एक माह पहले शुरू हुआ संदेशखाली का विवाद अब तक थमा नहीं हैं। शेख शाहजहाँ गिरफ्तार हो चुका है। सीबीआई उसकी कस्टडी ले चुकी है और अब अपनी जाँच कर रही है। मगर, विपक्षी पार्टी के लोगों को अब भी स्थानीय महिलाओं से मिलने से रोका जा रहा है। 7 मार्च को संदेशखाली जाते समय बंगाल पुलिस ने भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी और विधायक अग्निमित्रा पॉल को हिरासत में ले लिया था। इस दौरान भाजपा की महिला नेताओं और पुलिस में थोड़ी बहस भी हुई थी, जिसकी वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर भी आई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमेरिकी राजनीति में नहीं थम रहा नस्लवाद और हिंदू घृणा: विवेक रामास्वामी और तुलसी गबार्ड के बाद अब ऊषा चिलुकुरी बनीं नई शिकार

अमेरिका में भारतीय मूल के हिंदू नेताओं को निशाना बनाया जाना कोई नई बात नहीं है। निक्की हेली, विवेक रामास्वामी, तुलसी गबार्ड जैसे मशहूर लोग हिंदूफोबिया झेल चुके हैं।

आज भी फैसले की प्रतीक्षा में कन्हैयालाल का परिवार, नूपुर शर्मा पर भी खतरा; पर ‘सर तन से जुदा’ की नारेबाजी वाले हो गए...

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि गौहर चिश्ती 17 जून 2022 को उदयपुर भी गया था। वहाँ उसने 'सर कलम करने' के नारे लगवाए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -