Thursday, August 5, 2021
Homeदेश-समाजइस बार महादलित नहीं कर रहे 'आषाढ़ पूजा', कारण ईसाई धर्मांतरण: 'चमत्कार' के सहारे...

इस बार महादलित नहीं कर रहे ‘आषाढ़ पूजा’, कारण ईसाई धर्मांतरण: ‘चमत्कार’ के सहारे 15 साल से चल रहा खेल

एक महिला ने बताया कि उसके ऊपर शैतान आया हुआ था, पादरी ने बोधगया ले जाकर प्रार्थना की तो शैतान भाग गया। इसके बाद उसने ईसाई मजहब अपना लिया। वो कहती हैं कि हिन्दू धर्म के गुनी-ओझा लोगों से शैतान नहीं भागा।

बिहार के गया से धर्मांतरण के कई मामले सामने आए थे। इन घटनाओं को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है, जो इस तरह के कार्यों में लगा हो। ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी पड़ताल के बाद जानकारी दी है कि सिर्फ पिछले 2 वर्षों में ही जिले के लगभग आधा दर्जन गाँवों में धर्मांतरण हुआ है। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि जिन लोगों पर धर्मांतरण कराने के आरोप लगे हैं, उनमें अधिकतर पहले हिन्दू हुआ करते थे।

हाल ही में गया के नैली पंचायत के बेलवादीह गाँव में 50 हिन्दू परिवारों द्वारा ईसाई मजहब अपनाए जाने की खबर आई थी। ये सभी महादलित समुदाय के लोग थे। इसी तरह 6 वर्ष पहले मानपुर प्रखंड के खंजाहापुर गाँव में 500 लोग हिन्दू से बौद्ध बन गए थे। टेकारी के केवड़ा, मुफ्फसिल के दोहारी, अतरी के टेकरा, बोधगया के अतिया और गया सदर के रामसागर टैंक इलाके में धर्म-परिवर्तन की घटनाएँ सामने आई हैं।

डोभी से लेकर बाराचट्‌टी तक, कई गाँवों में धर्मांतरण की ख़बरें सामने आती रहती हैं। इसके पीछे अंधविश्वास को कारण बताया जा रहा है। जहाँ इनमें से कुछ ने वापस हिन्दू धर्म में ‘घर-वापसी’ की, तो कई अब भी दूसरे मजहब में ही हैं। धर्मांतरण कराने वालों में कई स्थानीय होते हैं तो कई बाहर से आए होते हैं। इन्हें इनके काम की पगार भी मिलती है। सालों से इसके पीछे लगे गिरोह इसकी तैयारी करते हैं।

ये लोग एक साजिश के तहत गाँव में पहले किसी एक परिवार का धर्म-परिवर्तन कराते हैं। फिर उनकी सुधरी हुई आर्थिक स्थिति का उदाहरण देकर बाकियों को भी अपने मजहब में आने के लिए लालच देते हैं। दुबहर पंचायत के बेलवादीह गाँव में भी धर्मांतरण होता रहा है। किसी भी राजनीतिक दल ने इन इलाकों का दौरा कर के हिन्दुओं की स्थिति नहीं समझी। अब भाजपा, संघ और विहिप घर-वापसी कराने की कोशिश में है।

वहीं ‘ईटीवी भारत’ ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि गया की दलित बस्तियों में ईसाई धर्मांतरण का खील डेढ़ दशक से चल रहा है। किसी की तबीयत खराब हुई, पादरी ने पानी पिला कर ‘ठीक कर दिया’, फिर चमत्कार की बातें कर के धर्म बदलवा लिया। धर्मांतरित लोग विहिप कार्यकर्ताओं के समझाने के बावजूद उनसे बात तक करने के लिए तैयार नहीं हुए। धान रोपनी से पहले होने वाली ‘आषाढ़ पूजा’ को भी माझी समुदाय ने त्याग दिया है।

एक महिला ने बताया कि उसके ऊपर शैतान आया हुआ था, पादरी ने बोधगया ले जाकर प्रार्थना की तो शैतान भाग गया। इसके बाद उसने ईसाई मजहब अपना लिया। वो कहती हैं कि हिन्दू धर्म के गुनी-ओझा लोगों से शैतान नहीं भागा। एक अन्य महिला ने बताया कि उसका बीमार बेटा कहीं ठीक नहीं हो रहा था, लेकिन चर्च में पानी छींटने के बाद वो चंगा हो गया। तब उसने भी ईसाई मजहब स्वीकार कर लिया।

विहिप का कहना है कि सेवा-भाव से और बिना किसी जोर-जबरदस्ती के धर्मांतरित लोगों को हिन्दू धर्म के बारे में समझाया जाएगा। संगठन ने कहा कि सबसे पुराने धर्म को लेकर दुष्प्रचार कर के ये सब किया जा रहा है। साथ ही सरकार और प्रशासन से भी मदद माँगी गई है, ताकि इसके पीछे किन लोगों का हाथ है वो सामने आए। दुबहल गाँव में माहौल तनावपूर्ण भी हो गया था, जिसे शांत करने के लिए पुलिस को गश्त करनी पड़ी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अफगानिस्तान: पहले कॉमेडियन और अब कवि, तालिबान ने अब्दुल्ला अतेफी को घर से घसीट कर निकाला और मार डाला

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।

‘5 अगस्त की तारीख बहुत विशेष’: PM मोदी ने हॉकी में ओलंपिक मेडल, राम मंदिर भूमिपूजन और 370 हटाने का किया जिक्र

हॉकी में ओलंपिक मेडल, राम मंदिर भूमिपूजन, आर्टिकल 370 हटाने का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अगस्त को बेहद खास बताया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,121FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe