Sunday, June 26, 2022
Homeदेश-समाजकेरल के कम्युनिस्ट गुंडों ने 11 साल के बच्चे के 25 पालतू कबूतरों को...

केरल के कम्युनिस्ट गुंडों ने 11 साल के बच्चे के 25 पालतू कबूतरों को मार डाला, परिवार ने दी थी सेवा भारती को मदद

बच्चे के परिवार ने कोरोना मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेवा भारती की मदद की थी। जब कम्युनिस्ट गुंडों को पता चला कि परिवार ने इस संगठन की सहायता की है, तो उन्होंने परिवार को सबक सिखाने के लिए उनके पालतू कबूतरों को मार डाला।

केरल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ कम्युनिस्ट गुंडों ने 25 पालतू कबूतरों को सिर्फ इसलिए मार डाला, क्योंकि उनके मालिक के परिवार ने सेवा भारती का सहयोग किया था। ऑर्गनाइजर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना केरल के अलाप्पुझा जिले की है। ये कबूतर 11 साल के क्रिस्टी देवस्या (Christy Devasya) नाम के बच्चे के थे।

बच्चे के परिवार ने चेरथला के मारुथोरवट्टम क्षेत्र में कोरोना मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेवा भारती की मदद की थी। जब कम्युनिस्ट गुंडों को पता चला कि परिवार ने इस संगठन की सहायता की है, तो उन्होंने परिवार को सबक सिखाने के लिए उनके पालतू कबूतरों को मार डाला।

कथित तौर पर, बच्चे के पिता बेनी पहले कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े थे। हालाँकि, पार्टी के सदस्यों के साथ कुछ मतभेदों के चलते उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया और तब से वह पार्टी की गतिविधियों से दूर ही रहे। परिवार ने इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं करने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें भविष्य में सीपीएम (CPM) के गुंडों से जान का खतरा है।

सेवा भारती ने कोरोना महामारी में बड़े पैमाने पर काम किया

हाल ही में भाजपा और आरएसएस (RRS) के वरिष्ठ नेताओं ने बेनी के घर का दौरा किया। उन्होंने घटना के बारे में जानने के बाद उनके परिवार की सहायता करने का भरोसा दिलाया। ध्यान दें कि सेवा भारती आरएसएस से जुड़ा एक संगठन है। कोविड-19 महामारी के दौरान इस संगठन ने हजारों प्रभावित लोगों को ऑक्सीजन, भोजन और दवाएँ उपलब्ध करवाई हैं। भोजन के पैकेट बाँटने से लेकर युद्धस्तर पर मास्क बनाने तक सेवा भारती के स्वयंसेवकों ने महामारी के समय में बड़े पैमाने पर काम किया है। अकेले दिल्ली में इस संगठन ने महामारी के दौरान जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 45 रसोई घर चलाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कब तक रोएगी कॉन्ग्रेस: राजस्थान CM अशोक गहलोत 2020 वाले ‘पायलट दुख’ से परेशान, महाराष्ट्र में शिवसेना के लिए कॉन्ग्रेसी बैटिंग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट 2020 में सरकार गिराने की साजिश में शामिल थे। अपने ही उप-मुख्यमंत्री पर...

‘उसकी गिरफ्तारी से खुशी है क्योंकि उसने तमाम सीमाओं को तोड़ दिया था’ – आरबी श्रीकुमार पर ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड IPS आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी पर इसरो के पूर्व वैज्ञानिक ने संतोष जताया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
199,433FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe