Thursday, July 18, 2024
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लखीमपुर के दलित परिवार से कॉन्ग्रेस की चेक धोखाधड़ी, UP पुलिस ने दर्ज किया मामला: रेप के बाद बहनों की हुई थी हत्या

इस मामले में पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत देकर वीईके शर्मा, वीरेंद्र कुमार और अमित जानी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी में पीड़ित ने कहा कि एक खाते में पैसे नहीं थे, जबकि दो खातों से संबंधित चेक के हस्ताक्षरों का मिलान नहीं हो पाया। इस तरह गलत चेक देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले (Lakhimpur, UP) में दलित परिवार की दो बहनों की रेप के बाद हत्या के मामले में कॉन्ग्रेस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खुद को हमदर्द साबित करने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं ने दलित परिवार को सहायता के नाम पर जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए हैं। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है।

बता दें कि 14 सितंबर 2022 को 2 दलित बहनों की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जुनैद, सोहैल, आरिफ, हाफिज, छोटे और करीमुद्दीन की गिरफ्तारी हुई थी। सिर्फ 14 दिनों में ही चार्जशीट फाइल कर दी गई थी। हालाँकि, राजनीति के लिए स्पेस मिलता नहीं देख कॉन्ग्रेस ने अब पीड़ित परिवार को उनके हाल पर छोड़ दिया।

उस समय कॉन्ग्रेस नेताओं ने परिवार को मदद के नाम पर चेक दिए थे, लेकिन वे बाउंस हो गए हैं। चेक पर किए गए हस्ताक्षर खाते के हस्ताक्षर से मैच नहीं हुए। इस कारण वे रिजेक्ट हो गए। उस दौरान कॉन्ग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने 1 लाख रुपए का और UP कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वाईके शर्मा 2 लाख रुपए का चेक दिया था। 

वहीं, हाल ही में सुर्खियों में आए उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने भी 1 लाख रुपए का चेक दिया था। अमित जानी का भी चेक बाउंस हो गया है। वहीं, अमित जानी ने ऑपइंडिया को बताया कि बारिश में उनके चेक भीग गए थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को बाद में कॉल कर कैश ले जाने को कहा था।

उधर कॉन्ग्रेस का कहना है कि इस मामले का वह समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। वहीं, चेक बाउंस के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट ऐक्ट 1881 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

खेड़ी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “विगत माह में थाना निघासन क्षेत्र में हुई दो युवतियों की हत्या के बाद विभिन्न राजनीतिक संगठनों एवं अन्य संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता हेतु दिए गए चेक बाउन्स होने के सम्बन्ध में पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।”

इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के अध्यक्ष वाईके शर्मा, यूपी के फरेंदा विधानसभा से कॉन्ग्रेस विधायक वीरेंद्र कुमार और अमित जानी को आरोपित बनाया है। वीईके शर्मा ने लखनऊ के बैंक ऑफ इंडिया स्थित खाते का चेक दिया था। वीरेंद्र कुमार ने महाराजगंज के SBI बैंक के खाते का चेक दिया था, जबकि अमित जानी ने मेरठ के IDFC बैंक के खाते का चेक दिया था।

इस मामले में पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत देकर वीईके शर्मा, वीरेंद्र कुमार और अमित जानी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी में पीड़ित ने कहा कि एक खाते में पैसे नहीं थे, जबकि दो खातों से संबंधित चेक के हस्ताक्षरों का मिलान नहीं हो पाया। इस तरह गलत चेक देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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