Thursday, July 25, 2024
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दलित बहनों को रेप के बाद मार डाला, UP कॉन्ग्रेस से मिला चेक बाउंस: रिपोर्ट में दावा, पीड़ित माँ से पूछते हैं- कपड़े कितने फटे थे…

रिपोर्ट बताती है कि कॉन्ग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने 1 लाख का और UP कॉन्ग्रेस कमेटी ने 2 लाख रुपए का चेक दिया था। रिपोर्ट के अनुसार कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से मिला चेक बाउंस हो गया। कॉन्ग्रेस विधायक का चेक साइन मिसमैच होने के कारण रिजेक्ट हो गया।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में 14 सितंबर 2022 को 2 दलित बहनों की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। जुनैद, सोहैल, आरिफ, हाफिज, छोटे और करीमुद्दीन की इस मामले में गिरफ्तारी हुई थी। 14 दिनों में चार्जशीट फाइल कर दी गई थी। लेकिन अब यह बात सामने आई है कि पीड़ित परिवार को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

दैनिक भास्कर की संध्या द्विवेदी ने विस्तार से इस मामले पर रिपोर्ट की है। पीड़ित परिवार से बातचीत की है। बताया है कि उस समय कॉन्ग्रेस नेताओं ने इस परिवार को मदद के नाम पर जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए हैं या फिर साइन मिसमैच होने के कारण रिजेक्ट हो चुका है। यह भी दावा किया गया है कि प्रशासन ने मदद का जो वादा किया था, वह भी पूरा नहीं हुआ है। इतना ही नहीं आरोपितों के वकीलों के सवालों और अदालती कार्यवाही ने भी पीड़ितों को तोड़ दिया है। रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित माँ से ‘लड़कियों ने कपड़े पहने थे या नहीं? कपड़े कितने फटे थे, कहाँ से फटे थे?’ जैसे सवाल भी किए गए हैं।

चेक हुए बाउंस

पीड़ित परिवार को उस समय कई नेताओं और संस्थाओं ने मदद का वादा किया था। आर्थिक सहायता के तौर पर चेक दिए थे। भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि कॉन्ग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने 1 लाख का और UP कॉन्ग्रेस कमेटी ने 2 लाख रुपए का चेक दिया था। रिपोर्ट के अनुसार कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से मिला चेक बाउंस हो गया। कॉन्ग्रेस विधायक का चेक साइन मिसमैच होने के कारण रिजेक्ट हो गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी का 1 लाख रुपए का चेक भी बाउंस हो गया है।

भास्कर ने UP कॉन्ग्रेस के किसी नेता सिद्धार्थ त्रिवेदी के हवाले से जल्द से जल्द इसका समाधान किए जाने की बात कही है। लेकिन ऑपइंडिया ने जब उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू से इस संबंध में बात की तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया। वहीं अमित जानी ने ऑपइंडिया को बताया कि बारिश में उनके चेक भीग गए थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को बाद में कॉल कर कैश ले जाने को कहा था। वे इस बात से भी आहत हैं कि पीड़ित परिवार इस मामले को लेकर मीडिया में चला गया।

प्रशासन के वादों का हाल

प्रशासन ने भी पीड़ित परिवार से 16 लाख रुपए की आर्थिक मदद का वादा किया था। घर, नौकरी को लेकर भी मदद का भरोसा दिलाया था। लेकिन दैनिक भास्कर ने पीड़ित परिवार के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ये भी पूरे नहीं हुए हैं। ऑपइंडिया ने इस संबंध में लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी IAS महेंद्र बहादुर सिंह के कार्यालय से संपर्क किया। वहाँ से इस संबंध ADM से जानकारी लेने को कहा गया। ADM ने इस संबंध में जानकारी होने से अनभिज्ञता प्रकट करते हुए हमें बाद में संपर्क करने को कहा। उनसे जानकारी मिलते ही हम इस रिपोर्ट को अपडेट करेंगे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि यूपी सरकार ने एक महीने में इस मामले के निपटारे का वादा किया था। 14 दिनों में चार्जशीट भी फाइल कर दी गई। लेकिन अभी मामले में गवाही ही चल रही है। कभी जज के तबादले से तो कभी आरोपितों को नाबालिग बताने से केस की सुनवाई धीमी हुई। इस बीच पीड़ित परिवार कोर्ट के चक्कर लगाते-लगाते तंग आ चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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