विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में डेमोग्राफी बदलने की बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। परिषद का कहना है कि इस साजिश के पीछे समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर का हाथ है।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने आरोप लगाए कि रिजवान जहीर के इशारे पर उसके गुर्गे सईद अहमद और तौकीर अहमद, छांगुर गैंग के साथ मिलकर हिंदुओं की जमीन पर कब्जा, अवैध धर्मांतरण और ‘लैंड जिहाद’ जैसे कृत्य करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर महीने हजारों बच्चियों का अपहरण कर जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है। अंबेडकरनगर को इसका ज्वलंत उदाहरण बताते हुए उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। छांगुर पीर उर्फ जलालुद्दीन, जिसे इस साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, फिलहाल जेल में है। लेकिन उसके गैंग की करतूतें लगातार उजागर हो रही हैं।
#Balrampur
— Zee Uttar Pradesh Uttarakhand (@ZEEUPUK) September 6, 2025
बलरामपुर धर्मांतरण से बड़ी ख़बर
विश्व हिंदू रक्षा परिषद का खुलासा
पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर पर आरोप
'डेमोग्राफी बदलाव का जाल फैलाया'
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई – पीड़ित #Conversion #VHRP #ZeeUPUK @DivyaTiwari57 pic.twitter.com/6un7f3UKPk
बलरामपुर के मुन्ना नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे सपा सांसद रिजवान के लोगों ने प्रताड़ित किया और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर इलाके में डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की। मुन्ना ने कहा कि करोड़ों की संपत्ति फर्जी तरीके से अर्जित की गई है और अब हिंदू महिलाओं की जमीनों पर अवैध कब्जा कर उन पर जमीन के बदले धर्म परिवर्तन का दबाव दिया जा रहा है।
इस दौरान बलरामपुर निवासी जबीउल्ला ने दावा किया कि सपा शासनकाल में रिजवान जहीर के गुर्गे सईद अहमद और तौकीर अहमद नेपाल बॉर्डर से मुस्लिम परिवारों को बसाते थे। यहाँ हिंदुओं की जमीनों पर कब्जा कर अवैध धर्मांतरण भी कराया गया।
वहीं, झारखंड से आई एक महिला ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पहले दोस्ती कर फँसाया गया। बाद में बहला-फुसलाकर बलरामपुर लाया गया और वहाँ से बंगाल ले जाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। महिला ने कहा कि आरोपित पैसा देकर पुलिस को चुप करा रहा है।
बलरामपुर, जो नेपाल सीमा से सटा इलाका है, वहाँ पहले भी डेमोग्राफी बदलने की कोशिशों का खुलासा हो चुका है। अब धीरे-धीरे इस साजिश के शिकार लोग सामने आकर अपनी बात रख रहे हैं। विश्व हिंदू रक्षा परिषद का दावा है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से कई हिंदू परिवारों को निशाना बनाकर उनकी जमीनों और आस्था पर हमला किया जा रहा है।


