Saturday, July 27, 2024
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पटना: मस्जिद से पकड़े गए 17 विदेशी तबलीगी जमाती क्वारंटाइन खत्म होने के बाद भेजे गए जेल, वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप

सभी 17 जमातियों ने पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में आयोजित मजहबी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 17 जमातियों को दीघा और फुलवारीशरीफ की मस्जिद से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार टूरिस्ट वीजा पर भारत आए इन विदेशियों ने ना तो पुलिस प्रशासन को अपने आने की सूचना दी और ना ही नियमों के अनुसार फार्म-सी भरा था।

बिहार में विदेश से आए जमातियों के खिलाफ पहली बार बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। राजधानी पटना में मजहबी प्रचार करने आए 17 जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। ये सभी जमाती किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और मलेशिया से ये टूरिस्ट वीजा पर पटना पहुँचे थे। मंगलवार को वीजा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में इन्हें जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार जेल भेजे गए जमातियों का वीजा जून तक वैध था, लेकिन सभी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे ऐसे में वह मजहबी प्रचार नहीं कर सकते थे। ये सरासर कानून का उल्लंघन है। इन सब के खिलाफ इसी मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है। इनमें 10 जमातियों के खिलाफ वीजा उल्लंघन के मामले में दीघा थाने तथा 7 के खिलाफ फुलवारीशरीफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

पकड़े गए सभी जमातियों को पटना के एम्स में भर्ती कराया गया था। सभी का तीन बार कराए गए कोरोना जाँच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद उन्हें 14 दिन तक क्वारंटाइन में रखा गया था। लेकिन अब क्वारंटाइन की अवधि पूरी होने के बाद इन्हें बेउर जेल भेज दिया गया है। इनमें किर्गिस्तान के नौ, मलेशिया के सात और एक कजाकिस्तान का निवासी हैं और ये सभी तबलीगी मरकज से जुड़े हुए हैं।

सभी 17 जमातियों ने पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में आयोजित मजहबी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 17 जमातियों को दीघा और फुलवारीशरीफ की मस्जिद से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार टूरिस्ट वीजा पर भारत आए इन विदेशियों ने ना तो पुलिस प्रशासन को अपने आने की सूचना दी और ना ही नियमों के अनुसार फार्म-सी भरा था। जेल अधीक्षक जवाहर लाल प्रभाकर ने बताया कि बेउर जेल भेजे गए सभी जमातियों को स्क्रीनिंग के बाद जेल के अंदर दाखिल कराया गया है और सभी को अन्य कैदियों से अलग वार्ड में रखा जाएगा।

बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर जब देश में कोरोना से बचने के लिए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू घोषित किया गया था। तब पटना के दीघा थानाक्षेत्र स्थित कुर्जी इलाके के एक मस्जिद में जमात के 10 लोग छिपे बैठे थे। ये सभी जमाती किर्गिस्तान से टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे। जनता कर्फ्यू की घोषणा के बाद जब गली के अंदर बने मस्जिद में इनके छिपे होने की सूचना मिली तो स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू किया और पुलिस को इसकी सूचना दी। उसके ठीक अगले दिन यानी 23 मार्च को पटना के ही फुलवारी इलाके मे छिपे 7 विदेशियों को मस्जिद से पकड़ा गया।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने पहले ही दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के मरकज में शामिल 960 विदेशियों के वीजा ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही इन सबका पर्यटक वीजा भी रद्द कर दिया है जिससे कि ये अब कभी भी भारत नहीं आ सकेंगे। इन्हें वीजा सूची के नियमों के उल्लंघन का दोषी माना गया, क्योंकि ये सभी लोग पर्यटक वीजा पर भारत आए थे, लेकिन निजामुद्दीन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। बता दें कि पर्यटक वीजा धारक धार्मिक समारोह में शामिल नहीं हो सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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